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केसर सिंह से डरे बैंक मैनेजर ने मांगा ट्रांसफर

Fri, 28 Apr 2017 01:21 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Fri, 28 Apr 2017 01:21 AM IST
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Kesar Singh, Dera Bank Manager, Manga Transfer
केसर सिंह से डरे बैंक मैनेजर ने मांगा ट्रांसफर - फोटो : Kesar Singh, Dera Bank Manager, Manga Transfer
उत्तर प्रदेश बड़ौदा ग्रामीण बैंक शाखा के प्रबंधन की पिटाई और अपहरण के बाद भाजपा विधायक से डरे बैंक मैनेजर ने ट्रांसफर मांग लिया है और जिला छोड़ दिया है। गुरुवार को वह दफ्तर नहीं आए और बाकी बैंक स्टाफ भी गेट पर ताला डाल कर अंदर बैठा रहा। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचते ही पुलिस अफसर सक्रिय हो गए हैं। एसपी देहात खुद बयान लेने और जांच करने पहुंचे। डरे हुए स्टाफ ने गुरुवार सुबह ब्रांच नहीं खोली। उधर, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफिसर आर्गेनाइजेशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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 उधर, भोटिया समाज ने सीएम से मुलाकात करने का फैसला किया है। समाज नेताओं ने गुरुवार में उत्तराखंड जनजाति आयोग अध्यक्ष नृप सिंह नपच्याल से मुलाकात न्याय मांगा। जानकारी मिलते ही यूपी सीएम ने इसे गंभीरता से लिया है। ब्रांच मैनेजर और उसके परिवार ने अनुसूचित व जनजाति आयोग से भी गुहार लगायी है।  मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है। उधर, बैंक चेयरमैन बीपी गुप्ता ने कहा कि यह मामला राज्य स्तरीय बैंक समिति में रखा जाएगा। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में स्टाफ कैसे काम करेगा। उत्तराखंड महापरिषद के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और हरीश चंद पंत ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से  विधायक पर कार्रवाई की गुहार लगायी। 
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बैंक की दलेल नगर गुरुवार सुबह नहीं समय पर खुल पायी। दो घंटे बाद नवाबगंज से अन्य स्टाफ रवाना किया और कैश उपलब्ध कराया। उधर विधायक समर्थक भी गुस्साए बैंक स्टाफ को मनाने के लिए परिसर में जुटे रहे।
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यूनियन ने दी चेतावनी
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफिसर आर्गेनाइजेशन ने क्षेत्रीय प्रबंधन जीएस पांडे से मुलाकात कर पूरे घटना पर चर्चा कर रोष जताया। पदाधिकारियाें ने कहा कि दोषी लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। अन्यथा अगले सप्ताह से आंदोलन होगा। बैंक इंपलाइज यूनियन नेता संजीव मेहरोत्रा ने कहा है कि जब जन प्रतिनिधि ऐसी हरकतें करेंगे तो कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी? मेहरोत्रा ने आरोपी विधायक पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, विधायक समर्थकों ने समझौते के प्रयास शुरू कर दिए हैं। बताया जाता है कि विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाया जा रहा है। 
खुफिया रिपोर्ट हो रही तैयार
सीएम दरबार मामला पहुंचते ही स्थानीय खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। मामला सत्तारूढ़ विधायक से जुड़ा होने से कोई अफसर खुलकर नहीं बोल रहा है। पिछले दिनों खुफिया विभाग अफसर बिथरी विधायक  राजेश मिश्रा की रिपोर्ट भी प्रेषित कर चुका है। इस बीच एपी देहात ने जांच शुरू कर दी है।
विधायक समर्थक बैकफुट पर, नहीं कर पाए प्रदर्शन
पुलिस पर दबाव बनाने की राजनीति के तहत बैंक शाखा पर भाजपाई पहुंचे लेकिन पुलिस की मौजूदगी देखकर बिना प्रदर्शन किए लौट गए। गांव के प्रेम रस्तोगी, कामेश पांडेय, रोहिताश गंगवार, प्रशांत गुप्ता, बलविंदर सिंह, मनोज गंगवार व राकेश गंगवार आदि ने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक का रवैया किसानों के साथ अच्छा नहीं था। वह खाताधारक किसानों को बेवजह उत्पीड़न करता है। इसकी शिकायत कई ग्रामीणों ने थाने में की है।
पुलिस अधिकारियों पर दबाव
भाजपा विधायक के खिलाफ बैंक के अधिकारियों द्वारा थाने में तहरीर सौंपे जाने के बाद गुरुवार को पुलिस के आला अधिकारियों पर भाजपा के विधायकों के फोन पहुंचते रहे। एक अधिकारी के मुताबिक विधायक ने शाखा प्रबंधक को ही अवैध वसूली करने वाला बताकर नवाबगंज विधायक को गलत फंसाये जाने की बात कही। यह भी कहा कि वह शाखा प्रबधंक को ही पूरे मामले में फंसवा देंगे।
 मैनेजर का होगा मेडिकल
गुरुवार को एसपी देहात, सीओ नवाबगंज रमनपाल के साथ ग्रामीण बैंक पहुंचे। बैंक के स्टाफ, बाजार के लोगों से 30 मिनट तक पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर को पुलिसबल के साथ बैंक पर तैनात करके थाने लौट आए। इसके बाद थाने एफआईआर दर्ज हुई। हालांकि पुलिस ने रिपोर्ट गुरुवार सुबह 3.15 बजे दर्ज होना दिखाया है। शुक्रवार को शाखा प्रबंधक को मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
 ऋण माफी योजना के चक्कर में रहा किसान
नवाबगंज। दलेलनगर वासी नत्थूलाल ने ग्राम की बड़ौदा ग्रामीण बैंक शाखा से तीन वर्ष पूर्व 9 मई 2014 को किसान क्रेडिट कार्ड पर 50 हजार का ऋण लिया था। जिसके बाद उसने लोगों से उधार -कर्ज लेकर एक बार 2015 में तथा दूसरी बार 8 फरवरी 2016 को ऋण जमा कर दोबारा 50 हजार की राशि का ऋण और ले लिया था। इसकी कोई किस्त नहीं चुकाई गई थी,और बैंक की भाषा में दो माह से डिफाल्टर की श्रेणी में आ गया था। ऐसे में बैंक प्रबंधक का विवेकाधिकार होता है कि वह ऐसे व्यक्ति के खाते से लेनदेन बंद कर सकता है।  मुख्यमन्त्री की ऋण माफी योजना के लाभ के चक्कर में किसान ने सोचा अब वह खाते से पैसे लेने का अधिकारी हो गया गया है।

नत्थूलाल के पास 16 बीघा जमीन है बेटा  मजदूरी करता है जिसकी चार बेटियां  हैं । उसकी छोटी डेढ़ वर्षीय पुत्री  डायरिया से पीड़ित थी जिसके इलाज के लिए ही वह अपने बचत खाते से पैसे निकालना चाहता था  इसी बैंक में उसके बचत खाते में 6766 रुपया गन्ने के भुगतान का जमा हैं। 
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