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सिर्फ सीसीटीवी फुटेज में लुटेरे तलाश रही पुलिस
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:28 AM IST
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सीसीटीवी फुटेज दिखाते डाक्टर
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रामपुर गार्डन में सराफ के घर हुई लूट की वारदात में पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। खुलासे के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निक ला है।
रामपुर गार्डन की कोठी नंबर 35बी/15 में शुक्रवार की रात 8.30 बजे घुसे बदमाशों के बारे में पुलिस को दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। कोठी मालिक सराफ प्रदीप अग्रवाल और उनकी पत्नी मंजू अग्रवाल ने बताया कि दो बदमाश अंदर के तीन कमरों की अलमारियां खंगालकर जेवर नगदी बटोरते रहे। जबकि दो उनके पास खड़े रहे। बदमाशों का मकसद केवल नगदी और जेवर लूटने तक सीमित था। बदमाशों का कोई एक साथी तो कोठी के बारे में अच्छी तरह से जानता था। कमरे की अलमारी खुलने में दिक्कत होने पर वह प्रदीप और उनके पत्नी को ऊपर ले गए थे, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद भी सराफा कारोबारी दंपति किसी बदमाश को पहचान नहीं पाए हैं। पुलिस की टीमें घटना के खुलासे में लगी हैं। डॉ. सुमित टंडन का टंडन डायग्नोस्टिक सेंटर के सामने की कोठी में ही लूट हुई है। पुलिस ने उनके बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की शाम छह बजे से रात ग्यारह बजे तक की फुटेज कब्जे में ले ली है। फुटेज में घटना के समय एक युवक प्रदीप की कोठी के बाहर घूमता दिखाई दे रहा है। जबकि एक अंदर घुसता नजर आया है, लेकिन उनकी तस्वीरें साफ नहीं हैं। पुलिस सीसीटीवी की फोटो को बड़ा करके उनकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है। सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि अभी कोई खास क्लू नहीं मिला है। कई संदिग्धों पर काम चल रहा है। क्राइम ब्रांच के अलावा और भी कई टीमें काम कर रही है।
लूटपाट के 24 घंटे बाद भी प्रदीप अग्रवाल और उनकी पत्नी की आंखों सेे दहशत खत्म नहीं हुई। असलहों की नोक पर धमकी देते चार हट्टे-कट्टे लुटेरे अब भी याद आ रहे हैं। उनके कानों में अभी यही गूंज रहा है कि ‘तुम दोनों यहीं चुपचाप बैठे रहो, वरना मारे जाओगे। प्रदीप का कहना था कि बदमाशों की बोलचाल बरेली की ही लग रही थी। एक लुटेरे ने तो घर में घुसने के बाद नकाब पहना था। वह पूरे घटनाक्रम के दौरान तीन बार बाहर घर से निकला। सबसे पहले लुटेरों ने उनकी जेबें खंगाली, उसमें रखे एक हजार रुपए और दोनों फोन कब्जे में कर लिए। जिसमें से एक फोन वह कार पर रख गए जबकि दूसरा सैमसंग गैलेक्सी फोन अपने साथ ले गए।
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प्रदीप कहते हैं कि भगवान ने हमें बचा लिया, यही बहुत है। पुलिस छानबीन तो बहुत करती है, पर अब उम्मीद नहीं कि लुटा माल मिल पाएगा। बोले, दुकान पर दस साल से एक ही नौकर काम कर रहा है, घर में बस एक सफाई करने वाली आती है। बेटा विदेश में रहता है। प्रदीप ने बताया कि ज्यादातर सामान दुकान में ही रखते हैं, जो घर में था वो सब लुटेरे बटोर ले गए। बदमाश 35 से 40 मिनट में स्टोर रूम की अलमारी खंगाली और हमें उसी कमरे में बंद कर भाग निकले। इस दौरान प्रदीप की पत्नी गुमसुम सी बैठी घटनाक्रम को याद कर सिहरती रहीं। बोलीं-बड़ी गरीबी की हालत से निकलकर पति ने मेहनत से सब जोड़ा था।
रामपुर गार्डन की कोठी नंबर 35 के बाहर खड़ी बदमाशों की गाड़ी का आधा नंबर, बदमाशों का हुलिया, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की लोकेशन तो पुलिस के पास थी ही, लेकिन समय से इसमें से किसी एंगिल पर काम ही नहीं हुआ। पुलिस इन सभी एंगिल पर गंभीरता से काम करने में जरा भी फुर्ती दिखाती तो घटना का खुलासा आसानी से हो सकता है। क्राइम ब्रांच शनिवार को सुबह डॉक्टर सुमित टंडन के डायग्नोसिस्ट सेंटर पर लगे सीसीटीवी टीवी कैमरे की फुटेज लेकर उड़ रही है, लेकिन अभी तक कोई क्लू नहीं मिला है।
शहर में अपराध होने के बाद पुलिस कुछ दिन तक ही तेजी दिखाती है। तमाम ऐसी घटनाएं हैं, जो पुलिस की फाइलों में दफन होकर रह गई हैं। रामपुर गार्डन जैसी पॉश कॉलोनी में सराफ प्रदीप अग्रवाल के घर हुई लूट की वारदात को लेकर कोतवाली पुलिस संजीदा नहीं है। पुलिस डॉक्टर सुमित टंडन के डायग्नोसिस सेंटर की फुटेज लेकर उसमें नजर आ रहे बदमाशों के बारे में पता लगाने की कोशिश का दावा कर रही है। इसी रास्ते पर फर्नीचर व्यवसायी आशीष अग्रवाल की कोठी पर भी रास्ते की तरफ दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस वहां से भी फुटेज लेने गई थी, लेकिन उन्होंने बता दिया कि दोनों कैमरे खराब हैं। इसके आगे विकास भवन की तरफ रिटायर सीओ सीएल शर्मा की कोठी है। वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन वह रास्ते को कवर नहीं करते हैं। पीछे की तरफ आएं तो प्रभा टाकीज के सामने वाली रोड पर सैमसंग के शोरूम के सामने सड़क को कवर करता हुआ सीसीवीटी कैमरा लगा है। बरेली एमआरआई सेंटर के सामने सीसीटीवी कैमरा तो लगा है लेकिन उससे रोड ज्यादा दिखाई नहीं देता है। प्रभा टाकीज से सीधे चलने पर मानस भवन, डॉक्टर हर्षदीप साहनी की कोठी पर भी सड़क को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसी रोड पर अतुल लतिका अस्पताल, डॉक्टर एसके मुखर्जी, विपिन अग्रवाल के यहां भी सीसीटीवी कैमरे हैं। जीवन ज्योति अस्पताल में तो तीन सीसीटीवी कैमरे सड़क की तरफ को लगे हैं। यह भी हो सकता है कि इसी तरह से बदमाश प्रदीप अग्रवाल के घर पहुंचे हों, लेकिन पुलिस ने इनमें से किसी की कोठी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं ली है। पड़ोसी ने प्रदीप के घर खड़ी गाड़ी जिसे बदमाशों की बताई जा रही है का आधा नंबर यूपी-25 क्यू बताया है। इसके आगे उन्हें ध्यान नहीं रहा। इसके आगे भी पड़ताल करने की कोशिश नहीं हुई। अगर इस नंबर के आगे ट्रेस कर चेकिंग कराई जाती तो भी कुछ खुलासा संभव था। सीसीटीवी कैमरों के जरिए यह तो देखा ही जा सकता है कि घटना के समय पड़ोसी के बताए नंबर की कितनी कारें गुजरी हैं।
पकड़ी जा सकती है बदमाश कंपनी
-रामपुर बाग से निकलने के यूं तो कई रास्ते हैं, लेकिन बदमाश रामपुर की तरफ जाएंगे तो चौकी चौराहा से होकर गुजरे होंगे। सेटेलाइट बस अड्डे से बदमाश गए हों तब भी कई सीसीटीवी कैमरों में तस्वीरें कैद हो जाएंगी। अय्यूब खां चौराहे से होकर बदमाश गुजरे हों तो यहां भी फुटेज मिल सकती है। शहामतगंज चौराहे का कैमरा भी बदमाश कंपनी को पकड़वा सकता है।
अलमारियों पर मिले फिंगर प्रिंट
सराफ के घर में चार अलमारी हैं। इनमें से तीन स्टील की हैं। जबकि एक स्टील की है। इनमें से एक में ही लॉक र है। बाकी तीनों अलमारियां कपड़ा रखने के लिए ही हैं। फील्ड यूनिट की टीम को सराफ के घर की अलमारियों से 12 फिंगर प्रिंट मिले हैं। संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद उनसे फिंगर प्रिंट का मिलान कराने के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
फिंगर प्रिंट कलेक्शन बंद हो गया
दो साल पहले पुलिस-प्रशासन अफसरों ने जेल से रिहा होने वाले शातिर क्रिमनलों के फिंगर प्रिंट और फोटो कलेक्शन के लिए सिस्टम लगाया था। जेल चौकी पर ही यह व्यवस्था की गई थी, ढाई सौ अपराधियों के फिंगर प्रिंट लेकर रखे भी गए, लेकिन अब सब काम ठप हो गया है।
मोबाइल टावर से संदिग्ध नबंर छांटे
सर्विलांस सेल की टीम रामपुर गार्डन इलाके में सराफ के घर के आसपास रात आठ बजे से ग्यारह बजे तक काम करने वाले मोबाइल नंबरों में से संदिग्धों को छांटकर निगरानी कर रही है। कई संदिग्ध नंबर पुलिस को मिले हैं। उन पर काम किया जा रहा है।
बिजली गुल कैसे हुई
सराफ की कोठी में लूट के समय बिजली गुल करने वालों को भी पुलिस ने शक के दायरे में रख है। पुलिस ने बिजली विभाग से अधिकारियों से रात आठ बजे ग्यारह बजे तक बिजली घर में ड्यूटी करने वालों की सूची मांगी है। यह भी पता लगाया जा रहा कि घटना के समय किसने शट डाउन लिया था।
टोल टैक्स की फुटेज भी देखी
-पुलिस की एक टीम ने फतेहगंज पश्चिमी के टोल टैक्स बूथ पर जाकर शुक्रवार को दोपहर बारह बजे से सुबह छह बजे तक की सीसीटीवी की फुटेज देखी है। वहां से भी कुछ क्लू मिलने की उम्मीद है।
सराफ के घर लूट का वारदात का खुलासा करने में टीमें लगी हुई हैं। पड़ोसी के सीसीटीवी फुटेज में दो बदमाशों की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। उनकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ नतीजा निकलेगा- आरके भारद्वाज, एसएसपी
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रामपुर गार्डन की कोठी नंबर 35बी/15 में शुक्रवार की रात 8.30 बजे घुसे बदमाशों के बारे में पुलिस को दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। कोठी मालिक सराफ प्रदीप अग्रवाल और उनकी पत्नी मंजू अग्रवाल ने बताया कि दो बदमाश अंदर के तीन कमरों की अलमारियां खंगालकर जेवर नगदी बटोरते रहे। जबकि दो उनके पास खड़े रहे। बदमाशों का मकसद केवल नगदी और जेवर लूटने तक सीमित था। बदमाशों का कोई एक साथी तो कोठी के बारे में अच्छी तरह से जानता था। कमरे की अलमारी खुलने में दिक्कत होने पर वह प्रदीप और उनके पत्नी को ऊपर ले गए थे, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद भी सराफा कारोबारी दंपति किसी बदमाश को पहचान नहीं पाए हैं। पुलिस की टीमें घटना के खुलासे में लगी हैं। डॉ. सुमित टंडन का टंडन डायग्नोस्टिक सेंटर के सामने की कोठी में ही लूट हुई है। पुलिस ने उनके बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की शाम छह बजे से रात ग्यारह बजे तक की फुटेज कब्जे में ले ली है। फुटेज में घटना के समय एक युवक प्रदीप की कोठी के बाहर घूमता दिखाई दे रहा है। जबकि एक अंदर घुसता नजर आया है, लेकिन उनकी तस्वीरें साफ नहीं हैं। पुलिस सीसीटीवी की फोटो को बड़ा करके उनकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है। सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि अभी कोई खास क्लू नहीं मिला है। कई संदिग्धों पर काम चल रहा है। क्राइम ब्रांच के अलावा और भी कई टीमें काम कर रही है।
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लूटपाट के 24 घंटे बाद भी प्रदीप अग्रवाल और उनकी पत्नी की आंखों सेे दहशत खत्म नहीं हुई। असलहों की नोक पर धमकी देते चार हट्टे-कट्टे लुटेरे अब भी याद आ रहे हैं। उनके कानों में अभी यही गूंज रहा है कि ‘तुम दोनों यहीं चुपचाप बैठे रहो, वरना मारे जाओगे। प्रदीप का कहना था कि बदमाशों की बोलचाल बरेली की ही लग रही थी। एक लुटेरे ने तो घर में घुसने के बाद नकाब पहना था। वह पूरे घटनाक्रम के दौरान तीन बार बाहर घर से निकला। सबसे पहले लुटेरों ने उनकी जेबें खंगाली, उसमें रखे एक हजार रुपए और दोनों फोन कब्जे में कर लिए। जिसमें से एक फोन वह कार पर रख गए जबकि दूसरा सैमसंग गैलेक्सी फोन अपने साथ ले गए।
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प्रदीप कहते हैं कि भगवान ने हमें बचा लिया, यही बहुत है। पुलिस छानबीन तो बहुत करती है, पर अब उम्मीद नहीं कि लुटा माल मिल पाएगा। बोले, दुकान पर दस साल से एक ही नौकर काम कर रहा है, घर में बस एक सफाई करने वाली आती है। बेटा विदेश में रहता है। प्रदीप ने बताया कि ज्यादातर सामान दुकान में ही रखते हैं, जो घर में था वो सब लुटेरे बटोर ले गए। बदमाश 35 से 40 मिनट में स्टोर रूम की अलमारी खंगाली और हमें उसी कमरे में बंद कर भाग निकले। इस दौरान प्रदीप की पत्नी गुमसुम सी बैठी घटनाक्रम को याद कर सिहरती रहीं। बोलीं-बड़ी गरीबी की हालत से निकलकर पति ने मेहनत से सब जोड़ा था।
रामपुर गार्डन की कोठी नंबर 35 के बाहर खड़ी बदमाशों की गाड़ी का आधा नंबर, बदमाशों का हुलिया, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की लोकेशन तो पुलिस के पास थी ही, लेकिन समय से इसमें से किसी एंगिल पर काम ही नहीं हुआ। पुलिस इन सभी एंगिल पर गंभीरता से काम करने में जरा भी फुर्ती दिखाती तो घटना का खुलासा आसानी से हो सकता है। क्राइम ब्रांच शनिवार को सुबह डॉक्टर सुमित टंडन के डायग्नोसिस्ट सेंटर पर लगे सीसीटीवी टीवी कैमरे की फुटेज लेकर उड़ रही है, लेकिन अभी तक कोई क्लू नहीं मिला है।
शहर में अपराध होने के बाद पुलिस कुछ दिन तक ही तेजी दिखाती है। तमाम ऐसी घटनाएं हैं, जो पुलिस की फाइलों में दफन होकर रह गई हैं। रामपुर गार्डन जैसी पॉश कॉलोनी में सराफ प्रदीप अग्रवाल के घर हुई लूट की वारदात को लेकर कोतवाली पुलिस संजीदा नहीं है। पुलिस डॉक्टर सुमित टंडन के डायग्नोसिस सेंटर की फुटेज लेकर उसमें नजर आ रहे बदमाशों के बारे में पता लगाने की कोशिश का दावा कर रही है। इसी रास्ते पर फर्नीचर व्यवसायी आशीष अग्रवाल की कोठी पर भी रास्ते की तरफ दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस वहां से भी फुटेज लेने गई थी, लेकिन उन्होंने बता दिया कि दोनों कैमरे खराब हैं। इसके आगे विकास भवन की तरफ रिटायर सीओ सीएल शर्मा की कोठी है। वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन वह रास्ते को कवर नहीं करते हैं। पीछे की तरफ आएं तो प्रभा टाकीज के सामने वाली रोड पर सैमसंग के शोरूम के सामने सड़क को कवर करता हुआ सीसीवीटी कैमरा लगा है। बरेली एमआरआई सेंटर के सामने सीसीटीवी कैमरा तो लगा है लेकिन उससे रोड ज्यादा दिखाई नहीं देता है। प्रभा टाकीज से सीधे चलने पर मानस भवन, डॉक्टर हर्षदीप साहनी की कोठी पर भी सड़क को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसी रोड पर अतुल लतिका अस्पताल, डॉक्टर एसके मुखर्जी, विपिन अग्रवाल के यहां भी सीसीटीवी कैमरे हैं। जीवन ज्योति अस्पताल में तो तीन सीसीटीवी कैमरे सड़क की तरफ को लगे हैं। यह भी हो सकता है कि इसी तरह से बदमाश प्रदीप अग्रवाल के घर पहुंचे हों, लेकिन पुलिस ने इनमें से किसी की कोठी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं ली है। पड़ोसी ने प्रदीप के घर खड़ी गाड़ी जिसे बदमाशों की बताई जा रही है का आधा नंबर यूपी-25 क्यू बताया है। इसके आगे उन्हें ध्यान नहीं रहा। इसके आगे भी पड़ताल करने की कोशिश नहीं हुई। अगर इस नंबर के आगे ट्रेस कर चेकिंग कराई जाती तो भी कुछ खुलासा संभव था। सीसीटीवी कैमरों के जरिए यह तो देखा ही जा सकता है कि घटना के समय पड़ोसी के बताए नंबर की कितनी कारें गुजरी हैं।
पकड़ी जा सकती है बदमाश कंपनी
-रामपुर बाग से निकलने के यूं तो कई रास्ते हैं, लेकिन बदमाश रामपुर की तरफ जाएंगे तो चौकी चौराहा से होकर गुजरे होंगे। सेटेलाइट बस अड्डे से बदमाश गए हों तब भी कई सीसीटीवी कैमरों में तस्वीरें कैद हो जाएंगी। अय्यूब खां चौराहे से होकर बदमाश गुजरे हों तो यहां भी फुटेज मिल सकती है। शहामतगंज चौराहे का कैमरा भी बदमाश कंपनी को पकड़वा सकता है।
अलमारियों पर मिले फिंगर प्रिंट
सराफ के घर में चार अलमारी हैं। इनमें से तीन स्टील की हैं। जबकि एक स्टील की है। इनमें से एक में ही लॉक र है। बाकी तीनों अलमारियां कपड़ा रखने के लिए ही हैं। फील्ड यूनिट की टीम को सराफ के घर की अलमारियों से 12 फिंगर प्रिंट मिले हैं। संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद उनसे फिंगर प्रिंट का मिलान कराने के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
फिंगर प्रिंट कलेक्शन बंद हो गया
दो साल पहले पुलिस-प्रशासन अफसरों ने जेल से रिहा होने वाले शातिर क्रिमनलों के फिंगर प्रिंट और फोटो कलेक्शन के लिए सिस्टम लगाया था। जेल चौकी पर ही यह व्यवस्था की गई थी, ढाई सौ अपराधियों के फिंगर प्रिंट लेकर रखे भी गए, लेकिन अब सब काम ठप हो गया है।
मोबाइल टावर से संदिग्ध नबंर छांटे
सर्विलांस सेल की टीम रामपुर गार्डन इलाके में सराफ के घर के आसपास रात आठ बजे से ग्यारह बजे तक काम करने वाले मोबाइल नंबरों में से संदिग्धों को छांटकर निगरानी कर रही है। कई संदिग्ध नंबर पुलिस को मिले हैं। उन पर काम किया जा रहा है।
बिजली गुल कैसे हुई
सराफ की कोठी में लूट के समय बिजली गुल करने वालों को भी पुलिस ने शक के दायरे में रख है। पुलिस ने बिजली विभाग से अधिकारियों से रात आठ बजे ग्यारह बजे तक बिजली घर में ड्यूटी करने वालों की सूची मांगी है। यह भी पता लगाया जा रहा कि घटना के समय किसने शट डाउन लिया था।
टोल टैक्स की फुटेज भी देखी
-पुलिस की एक टीम ने फतेहगंज पश्चिमी के टोल टैक्स बूथ पर जाकर शुक्रवार को दोपहर बारह बजे से सुबह छह बजे तक की सीसीटीवी की फुटेज देखी है। वहां से भी कुछ क्लू मिलने की उम्मीद है।
सराफ के घर लूट का वारदात का खुलासा करने में टीमें लगी हुई हैं। पड़ोसी के सीसीटीवी फुटेज में दो बदमाशों की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। उनकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ नतीजा निकलेगा- आरके भारद्वाज, एसएसपी