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अवैध खनन में चली गई जान, बवाल
बरेली, ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2016 01:32 AM IST
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सीबीगंज के सराफ तलफी गांव के पास रामगंगा किनारे अवैध खनन की मिट्टी से भरी ट्राली के पलटने से युवक की दबकर मौत हो गई। इससे नाराज महिलाओं ने खनन माफिया के खिलाफ हंगामा कर दिया। इस कारण कई घंटे तक शव ट्रैक्टर के नीचे की दबा पड़ा रहा। युवक के घर वालों का कहना था कि पुलिस खनन माफिया से मोटी रकम लेकर खनन करा रही है। बाद में पप्पू और श्रीकृष्ण के खिलाफ लापरवाही की वजह से मौत होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
रविवार सुबह चार बजे सराय तलफी गांव के पप्पू, नरेश यादव और श्रीकृष्ण के साथ का ही 24 वर्षीय कुलदीप सिंह यादव पुत्र बैजनाथ यादव खनन को रामगंगा किनारे गया था। यह खेत ऊंचा गांव के नारद यादव का था। ट्रैक्टर छत्रपाल के बेटे पप्पू का था। कुलदीप सिंह उनकी ट्रैक्टर-ट्राली पर मजदूरी करने गया था। मिट्टी से ट्राली भरने के बाद ड्राइवर ट्रैक्टर को खेत से निकालने लगा वह फंस गया। इस पर कुलदीप ट्रैक्टर के अगले हिस्से पर खड़ा हो गया। ट्रैक्टर ट्राली खींचते वक्त जैसे ही झटके के साथ ऊपर उठकर पलटा कुलदीप उसके नीचे आकर दब गया। जबकि चालक ने ट्रैक्टर से कूदकर जान बचा ली। ट्रैक्टर से नीचे दबकर बुरी तरह कुचल जाने पर कुलदीप की मौत हो गई। कुलदीप की मौत से घबराकर उसके साथी फरार हो गए। दोपहर करीब बारह बजे कंट्रोल से जरिए पुलिस को कुलदीप की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत होने की सूचना मिली। कुलदीप का दिव्यांग भाई अजीत यादव ट्रैक्टर पर परिवार की महिलाओं को लेकर मौके पर पहुंच गया। परिवार वालों का कहना था कि कु लदीप को गांव का ही पप्पू, श्रीकृष्ण और नरेश यादव बुलाकर लाए थे। उन्होंने उसकी हत्या की है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को ट्रैक्टर से नीचे से निकलवाने की कोशिश की तो परिवार वाले डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। मां चमेली देवी को बमुश्किल महिला सिपाहियों ने संभाला। पत्नी ज्योति यादव, भाई अजीत यादव और पिता ने जेसीबी को घटना स्थल से थोड़ी देर पहले ही रोक दिया। पुलिस कर्मियों से नोकझोंक होने के बाद जेसीबी किसी तरह वहां तक पहुंच पाई, लेकिन वहां उसके विरोध के आगे ट्रैक्टर सीधा करने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया। एसडीएम अपूर्वा दुबे और सीओ द्वितीय स्नेहलता के मौके पर पहुंचकर समझाने के बाद की अजीत ने ट्रैक्टर को सीधे होने दिया।
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रविवार सुबह चार बजे सराय तलफी गांव के पप्पू, नरेश यादव और श्रीकृष्ण के साथ का ही 24 वर्षीय कुलदीप सिंह यादव पुत्र बैजनाथ यादव खनन को रामगंगा किनारे गया था। यह खेत ऊंचा गांव के नारद यादव का था। ट्रैक्टर छत्रपाल के बेटे पप्पू का था। कुलदीप सिंह उनकी ट्रैक्टर-ट्राली पर मजदूरी करने गया था। मिट्टी से ट्राली भरने के बाद ड्राइवर ट्रैक्टर को खेत से निकालने लगा वह फंस गया। इस पर कुलदीप ट्रैक्टर के अगले हिस्से पर खड़ा हो गया। ट्रैक्टर ट्राली खींचते वक्त जैसे ही झटके के साथ ऊपर उठकर पलटा कुलदीप उसके नीचे आकर दब गया। जबकि चालक ने ट्रैक्टर से कूदकर जान बचा ली। ट्रैक्टर से नीचे दबकर बुरी तरह कुचल जाने पर कुलदीप की मौत हो गई। कुलदीप की मौत से घबराकर उसके साथी फरार हो गए। दोपहर करीब बारह बजे कंट्रोल से जरिए पुलिस को कुलदीप की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत होने की सूचना मिली। कुलदीप का दिव्यांग भाई अजीत यादव ट्रैक्टर पर परिवार की महिलाओं को लेकर मौके पर पहुंच गया। परिवार वालों का कहना था कि कु लदीप को गांव का ही पप्पू, श्रीकृष्ण और नरेश यादव बुलाकर लाए थे। उन्होंने उसकी हत्या की है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को ट्रैक्टर से नीचे से निकलवाने की कोशिश की तो परिवार वाले डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। मां चमेली देवी को बमुश्किल महिला सिपाहियों ने संभाला। पत्नी ज्योति यादव, भाई अजीत यादव और पिता ने जेसीबी को घटना स्थल से थोड़ी देर पहले ही रोक दिया। पुलिस कर्मियों से नोकझोंक होने के बाद जेसीबी किसी तरह वहां तक पहुंच पाई, लेकिन वहां उसके विरोध के आगे ट्रैक्टर सीधा करने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया। एसडीएम अपूर्वा दुबे और सीओ द्वितीय स्नेहलता के मौके पर पहुंचकर समझाने के बाद की अजीत ने ट्रैक्टर को सीधे होने दिया।
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