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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   It will be the judge of the police themselves

यहां तो पुलिस खुद की जज बन रही है

Sun, 04 Sep 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 04 Sep 2016 01:31 AM IST
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दबाव या प्रलोभन जो भी हो, सैंजना गांव में हुई चार मौतों की सच्चाई का पता लगाने के बजाए पुलिस खुद ही जज की भूमिका में नजर आ रही है। भाखड़ा नदी में मिले तीन लड़कियों के शवों का आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराने पर डूबने से मौत आते ही उनकी आत्महत्या की घोषणा कर दी गई। इसी तरह शारदा के दोस्त राजू शर्मा की लाश की लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने ही उसकी भी आत्महत्या का एलान कर दिया।  अभी चारों शवों की विसरा रिपोर्ट आना बाकी है और परिवार वाले चारों की हत्या की बात कह रहे हैं। लाशें मिलने  के एक दिन पहले लापता हुई बेनीराम की बेटी पिंकी, उनकी भतीजी शारदा और प्रीति की मौत को पुलिस ने बेहद हल्के में लिया। 27  अगस्त को आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराया । पुलिस इतनी जल्दबादी में थी कि पंचमाना में उन्होंने रेप की आशंका के चलते स्लाइट बनाने का जिक्र ही नहीं किया। घरवालों का कहना है कि दो लड़कियों के चेहरे, हाथ, पेट तेजाब से जले हुए और तीसरी का हाथ उसी के दुपट्टे से बंधा हुआ मिला। इससे साफ जाहिर होता है कि उनकी बेटियों को नदी में डुबोकर मारा गया है। तीनों तैरना  नहीं जानती थीं। किसी ने नदी में धकेल कर ही मार दिया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी कराई गई है। 28 अगस्त की सुबह पुलिस के दबाव बनाकर लड़कियों के शवों को दफनाने के बजाय उनका दाहसंस्कार करा दिया। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुलिस को डर था कि दफनाई गई लड़कियों के शवों का दोबारा पोस्टमार्टम करवाकर उनकी मौत की असली वजह तक पहुंचा जा सकता था। यही हाल राजू के शव मिलने के बाद हुआ। पुलिस शव मिलने के बाद से ही आत्महत्या का दावा करती रही। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर भी पुलिस ने उसकी मौत जहर खाकर होने से घोषित कर दिया। 
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बेनीराम को फिर थाने बुलाया 
मीरगंज।  14 साल की मृतका प्रीति के पिता बेनीराम की गुहार पर डीएम पंकज यादव ने एसडीएम मीरगंज पारसनाथ मौर्य को तीन मौतों के मामले की मजिस्ट्रीयल जांच सौंपी गई है। पीड़ितों ने बताया कि एसओ शुक्रवार की रात को उनके पास आए थे। शनिवार सुबह बेनीराम को थाने में भी बुलाया और बयान दर्ज कराए। पुलिस के वही घिसे-पिटे जो पहले भी कई बार पूछे जा चुके हैं। मसलन लाश मिलने की खबर सबसे पहले किससे मिली थी। बताने वाले का नाम, मोबाइल नंबर एसओ साहब ले गए हैं।
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 छत्रपाल के बारे में पड़ताल नहीं
 मीरगंज के दियोसास गांव में जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की मौत का गुनहगार और उम्रकैद की सजा पाए छत्रपाल पर घर वालों को संदेह है। हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे छत्रपाल को भी पुलिस ने क्लीनचिट देकर थाने से विदा कर दिया। छत्रपाल हत्या के दिन कहां था। उसके मोबाइल की लोकेशन क्या थी। इसकी पड़ताल ही नहीं की। 
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ममता बोली, मैं साथ नहीं थी
15 वर्षीय ममता पुत्री दुर्गाप्रसाद का कहना है कि शारदा, पिंकी, प्रीति के साथ वह नहीं गई थी। उसने बताया-यह सब अफवाहें हैं। पिंकी बचपन से ही मेरी  सहेली थी। कहा- उस दिन हमारे निर्माणाधीन मकान का लिंटर खुल रहा था। पिंकी और दोनों बहनों ने शौच के लिए जंगल चलने को कहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया था।
कीटनाशक बता सकती हैं कौन है हत्यारा
बरेली। राजू के शव के पास से मिली कीटनाशक दवा कौन कहां से खरीदकर लाया, उसके बैच नंबर से पता कराया जा सकता है। जिस दुकान से कीटनाशक खरीदा गया है, उसका पता लगते ही यह भी जानकारी मिल जाएगी कि कौन खरीदने गया था, लेकिन पुलिस ने पड़ताल ही नहीं की। सैंजना गांव के होमगार्ड महेश चंद्र शर्मा, उनकी पत्नी त्रिवेणी देवी उर्फ सरोज आदि सवाल कर रहे हैं कि अगर खुदकुशी की तो लाश औंधे मुंह क्यों पड़ी थी? जिस जगह लाश मिली, सिर्फ वहीं के तिलों के पौधे कुचले हुए थे। जबकि जहर खाया होता तो वह खेत में काफी दूर तक छटपटाता । राजू को पुलिस ने फोन पर बात करके बुलाया था। वह दिल्ली से सच्चाई बताने ही आया था। राजू के आने की जानकारी लड़कियों के पिता और दो अन्य लोगों को थी। साजिश के तहत ही राजू की हत्या की गई थी। राजू के परिजनों का भी इल्जाम है कि पोस्टमार्टम होकर आने के बाद पुलिस ने ही दबाव डालकर लाश दफनाने के बजाय फटाफट दाह संस्कार करवा दिया। कहा-एसडीएम से मिलकर निष्पक्ष जांच करने और पूरा सच सामने की गुहार करेंगे।

विसरा रिपोर्ट आने से पहले एफआर नहीं
 दो दिन पहले थाने में सभी आरोपियों से अकेले में देर तक बात भी कर चुके हैं। पुलिस अपना काम कर रही है। जांच में जो नए तथ्य सामने आएंगे, उनसे मीडिया से जरूर शेयर करेंगे। प्रिजर्व किए गए विसरा की जांच रिपोर्ट आने से पहले मामले में एफआर लगाने की बात सिर्फ मीडिया के दिमाग की ही उपज है।- सत्येंद्र सिंह यादव एसओ मीरगंज
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