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तफ्तीश घोटाले की ओर, ठेकेदार असलम को उठाया

Thu, 28 Jan 2016 02:18 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 28 Jan 2016 02:18 AM IST
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के प्रधान वैज्ञानिक दीपक शर्मा की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी इज्जतनगर पुलिस की तफ्तीश संस्थान में हुए घोटाले की ओर जा रही है। इसी शक के आधार पर पुलिस ने ठेकेदार असलम को उठाया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  
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आईवीआरआई कैंपस स्थित बंगले में ही 29 जुलाई 2015 को प्रधान वैज्ञानिक दीपक शर्मा का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। घटना के बाद से ही थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और एसटीएफ को भी आईजी ने लगाया है। पहले पुलिस की तफ्तीश नौकर और नौकरानियों के इर्द-गिर्द ही घूमी। सैकड़ों से पूछताछ की गई, लेकिन कुछ निकल कर नहीं आया तो पिछले दिनों आईजी क्राइम ने सीओ तृतीय डीएस मार्छाल और एसओ सतेंद्र यादव को तलब कर अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की थी। आईजी क्राइम को सीओ और एसओ ने वर्ष 2013 में हुए घोटाले के बिल पास न करने या फिर किसी महिला से नजदीकियां होने पर हत्या होने की वजह बताकर दोनों लाइनों पर काम करने की बात बताई थी। इस पर उन्होंने पुलिस को इन्हीं लाइनों पर काम करने के निर्देश दिए थे। लखनऊ से लौटकर सीओ तृतीय ने चार टीमें गठित की थीं। घोटाले की लाइन पर काम कर रही पुलिस टीम की छानबीन में कुतुबखाना के रहने वाले ठेकेदार असलम का नाम शक दायरे में आया था। इस पर इज्जतनगर पुलिस ने बुधवार को असलम को उठा लिया और पूरा दिन उससे थाना परिसर में स्थित उपनिरीक्षक कक्ष में बैठाकर पूछताछ की गई।
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ठेकेदार असलम को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। अभी तक उसने ऐसा कुछ नहीं बताया, जिससे उसकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती हो। फिर भी उससे पूछताछ की जा रही है।
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- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी तृतीय
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तो फंसेगी कई बड़ों की भी गर्दन
सूत्रों के मुताबिक असलम की आईवीआरआई में निजी फर्म नहीं है। वह अस्थाई तरीके से आईवीआरआई में ठेकेदारी करता था। वर्ष 2013 में बड़ी घपलेबाजी हुई थी। जिसमें बड़े अधिकारियों की भी मिलीभगत थी और इसी का विरोध करते हुए प्रधान वैज्ञानिक दीपक शर्मा ने बिल पास नहीं किए थे।
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