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बवाल में नपे बहेड़ी और नवाबगंज इंस्पेक्टर
Updated Sat, 29 Oct 2016 01:08 AM IST
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आखिर मोहर्रम पर हुए बवाल में प्रभारी निरीक्षक बहेड़ी अजय श्रोतिया और नवाबगंज इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा नप ही गए। सुभाषनगर एसओ सतीश यादव को आईजी के जाम में फंसने की सजा दी गई है।
मोहर्रम पर बहेड़ी थाना क्षेत्र के सीकरी गांव में ताजियों के जुलूस को लेकर जमकर बवाल हुआ था। भीड़ ने पुलिस पर पथराव, फायरिंग और आगजनी की थी। बवाल के दौरान पहुंचे आला अफसरों के सामने थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। माहौल को शांत करने के लिए अफसरों को कैद दिन बहेड़ी में कैंप करना पड़ा था। इसी तरह मोहर्रम के दिन ही नवाबगंज के रसूला तालिब हुसैन में बवाल हुआ था। यहां दो समुदायों के बीच जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों ओर के दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे। इसमें भी थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। आईजी और डीआईजी ने दोनों मामलों में पुलिस भूमिका की जांच एसपीआरए को दी थी। जांच में पाया गया कि मोहर्रम से पहले पुलिस ने ठीक से होमवर्क नहीं किया। नतीजा बवाल के रूप में सामने आया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही किसी हाल में बर्दास्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को बरेली-बदायूं रोड पर रामगंगा के पास लगे जाम में आईजी विजय मीना फंस गए थे। जाम पुलिस के वसूली करने की वजह से लगा था। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी ने की जांच के बाद रामगंगा चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। मगर एसओ सतीश यादव को क्लीन चिट दी गई थी। अब एसओ को सुभाषनगर जैसे महत्वपूर्ण थाने से हटाकर थाना अलीगंज भेज दिया गया। एसएसपी के मुताबिक एसओ को क्लीन चिट नहीं दी गई है। उनके खिलाफ दुबारा जांच करने को कहा गया है।
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मोहर्रम पर बहेड़ी थाना क्षेत्र के सीकरी गांव में ताजियों के जुलूस को लेकर जमकर बवाल हुआ था। भीड़ ने पुलिस पर पथराव, फायरिंग और आगजनी की थी। बवाल के दौरान पहुंचे आला अफसरों के सामने थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। माहौल को शांत करने के लिए अफसरों को कैद दिन बहेड़ी में कैंप करना पड़ा था। इसी तरह मोहर्रम के दिन ही नवाबगंज के रसूला तालिब हुसैन में बवाल हुआ था। यहां दो समुदायों के बीच जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों ओर के दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे। इसमें भी थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। आईजी और डीआईजी ने दोनों मामलों में पुलिस भूमिका की जांच एसपीआरए को दी थी। जांच में पाया गया कि मोहर्रम से पहले पुलिस ने ठीक से होमवर्क नहीं किया। नतीजा बवाल के रूप में सामने आया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही किसी हाल में बर्दास्त नहीं की जाएगी।
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शुक्रवार को बरेली-बदायूं रोड पर रामगंगा के पास लगे जाम में आईजी विजय मीना फंस गए थे। जाम पुलिस के वसूली करने की वजह से लगा था। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी ने की जांच के बाद रामगंगा चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। मगर एसओ सतीश यादव को क्लीन चिट दी गई थी। अब एसओ को सुभाषनगर जैसे महत्वपूर्ण थाने से हटाकर थाना अलीगंज भेज दिया गया। एसएसपी के मुताबिक एसओ को क्लीन चिट नहीं दी गई है। उनके खिलाफ दुबारा जांच करने को कहा गया है।
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