{"_id":"57c09ba04f1c1bf707d4f35b","slug":"girlfriend-became-a-student-of-the-10th-to-make-the-bike-thief","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्लफ्रैंड बनाने के लिए 10वीं के छात्र बन गए बाइक चोर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गर्लफ्रैंड बनाने के लिए 10वीं के छात्र बन गए बाइक चोर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 27 Aug 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंवला। कच्ची उम्र में महंगे शौक और गर्लफ्रैंड बनाने की चाहत में हाईस्कूल के दो छात्र बाइक चोर बन गए। उन्होंने स्मैक के आदी अपने एक साथी की मदद से आंवला और बदायूं से चार बाइकें चुरा लीं। इससे पहले कि तीनों बाइकों को बेचते पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तीनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है। उनके पास से चुराई गईं चार बाइकें भी बरामद हुई हैं। दोनों छात्रों ने बताया कि लड़कों को अपनी गर्लफ्रैंड के साथ घूमते देख कर उन्होंने भी अच्छी बाइकें चलाने की सोची ताकि गर्लफ्रैंड बना सकें। इसलिए ही चोर करने लगे।
एक साल से आंवला और बदायूं में बाइक चोरी की कई घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं। शुक्रवार को सीओ के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। दरोगा संजीव शर्मा और कस्बा इंचार्ज कृष्ण कुमार शर्मा रामनगर रोड पर दो पहिया वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तीन अलग-अलग बाइकों पर आए तीन युवक पहले तो पुलिस को देखकर भागने लगे लेकिन बाद में बाइक रोक दी। उनके पास बाइक के कागज नहीं थे। शक होने पर पुलिस सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। उन्होंने अपना नाम महिपाल उर्फ कल्लू निवासी मनौना, गुड्डू खान और अदीब निवासी जगतीरा बताया। अदीब बदायूं के श्री मेमोरियल इंटर कॉलेज परसिया में और गुड्डू सुभाष इंटर कॉलेज में 10 वीं में पढ़ता है। तीनों से पूछताछ करने पर चोरी की गईं एक और बाइक गुड्डू के घर से बरामद की गई। उन्होंने बताया कि वे एक साल से बाइक चोरी कर रहे हैं। महीपाल सिंह ने बताया वह स्मैक का आदी है। 16 फरवरी को स्मैक लेने अपने दोस्त के घर बिशारतगंज गया था लेकिन पैसा खत्म होने के कारण स्मैक नहीं मिली। तभी से पैसे कमाने के लिए बाइक चुरानी शुरू कर दी।
अय्याशी ने बना दिया चोर
तीनों के परिवार वाले खेती और मजदूरी करते हैं। पर्याप्त जेब खर्च न मिलने से वे परेशान रहते थे। गुड्डू आंवला में रिश्तेदारी में रहकर पढ़ाई कर रहा है। बदायूं में पढ़ने वाले अदीब से उसकी दोस्ती है। दोनों ने बताया कि लड़कों को अपनी गर्लफ्रैंड के साथ घूमते देख उन्होंने भी बाइक लेने का चस्का लगा लेकिन पैसे नहीं थे इसलिए बाइक चुराने की योजना बनाई। अब तक चार बाइक चुरा चुके हैं। इन्हें बेचकर और बाइक चुराने की योजना बनाई थी। इसके लिए महिपाल से बात हुई थी लेकिन पुलिस ने पूरी प्लानिंग फेल कर दी।
विज्ञापन
छात्रों को ये क्या हो गया है
बरेली। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के इंटरमीडिएट टॉपर छात्र दो महीने पहले रेलवे जंक्शन से बाइक चोरी में पकड़े गए थे। अब आंवला में हाईस्कूल के छात्र भी बाइक चोरी में पकड़े गए हैं। ये अपनी गर्ल फ्रैंड की खातिर बाइक चोर बन गए। आखिर भविष्य में कुछ बनने के सपने देखने वाले इन छात्रोें को पता नहीं क्या हो गया है। ये किस दिशा में जा रहे हैं। ये पुलिस के आला अधिकारी भी नहीं समझ पा रहे हैं।
आंवला में हाईस्कूल के दो छात्र बाइक चोरी में पकड़े गए। पूछने पर उन्होंने गर्लफ्रैंड की खातिर बाइक चोरी करना कबूला। किशोर उम्र में जब छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई और कैरियर के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत है। तब वह अपराध की ओर मुड़ रहे हैं। टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया और फिल्मी संस्कृति छोटे बच्चों में समय से पहले परिपक्वता पैदा कर रही है। छात्र या छात्राएं मोबाइल या लैपटाप पर देश दुनियां के बारे में जानकर अपनी आकांक्षायें बढ़ाने लगे हैं। बरेली कालेज के मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी डा. हेमा खन्ना का कहना है कि स्टूडेंट लाइफ में किशोरों के लव अफेयर्स शुरू हो जाते हैं। लड़कियां भी लड़कों का इस्तेमाल करते हुए अपनी डिमांड रखने लगती हैं। लव अफेयर्स को बरकरार रखने के लिए जब घर से दिए गए पैसे से उनकी जरूरतें पूरी नहीं होती तो वह अपराध की दुनियां की ओर जाने लगते हैं। पैरेंट्स जिस तरह लड़कियों के बड़ा होते ही उन पर ध्यान देने लगते हैं, उसी तरह लड़कों पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि अभिभावकों की परवरिश और संस्कार ही उनको आपराधिक दुनियां से बचाकर रख सकते हैं।
विज्ञापन
एक साल से आंवला और बदायूं में बाइक चोरी की कई घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं। शुक्रवार को सीओ के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। दरोगा संजीव शर्मा और कस्बा इंचार्ज कृष्ण कुमार शर्मा रामनगर रोड पर दो पहिया वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तीन अलग-अलग बाइकों पर आए तीन युवक पहले तो पुलिस को देखकर भागने लगे लेकिन बाद में बाइक रोक दी। उनके पास बाइक के कागज नहीं थे। शक होने पर पुलिस सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। उन्होंने अपना नाम महिपाल उर्फ कल्लू निवासी मनौना, गुड्डू खान और अदीब निवासी जगतीरा बताया। अदीब बदायूं के श्री मेमोरियल इंटर कॉलेज परसिया में और गुड्डू सुभाष इंटर कॉलेज में 10 वीं में पढ़ता है। तीनों से पूछताछ करने पर चोरी की गईं एक और बाइक गुड्डू के घर से बरामद की गई। उन्होंने बताया कि वे एक साल से बाइक चोरी कर रहे हैं। महीपाल सिंह ने बताया वह स्मैक का आदी है। 16 फरवरी को स्मैक लेने अपने दोस्त के घर बिशारतगंज गया था लेकिन पैसा खत्म होने के कारण स्मैक नहीं मिली। तभी से पैसे कमाने के लिए बाइक चुरानी शुरू कर दी।
विज्ञापन
अय्याशी ने बना दिया चोर
तीनों के परिवार वाले खेती और मजदूरी करते हैं। पर्याप्त जेब खर्च न मिलने से वे परेशान रहते थे। गुड्डू आंवला में रिश्तेदारी में रहकर पढ़ाई कर रहा है। बदायूं में पढ़ने वाले अदीब से उसकी दोस्ती है। दोनों ने बताया कि लड़कों को अपनी गर्लफ्रैंड के साथ घूमते देख उन्होंने भी बाइक लेने का चस्का लगा लेकिन पैसे नहीं थे इसलिए बाइक चुराने की योजना बनाई। अब तक चार बाइक चुरा चुके हैं। इन्हें बेचकर और बाइक चुराने की योजना बनाई थी। इसके लिए महिपाल से बात हुई थी लेकिन पुलिस ने पूरी प्लानिंग फेल कर दी।
विज्ञापन
छात्रों को ये क्या हो गया है
बरेली। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के इंटरमीडिएट टॉपर छात्र दो महीने पहले रेलवे जंक्शन से बाइक चोरी में पकड़े गए थे। अब आंवला में हाईस्कूल के छात्र भी बाइक चोरी में पकड़े गए हैं। ये अपनी गर्ल फ्रैंड की खातिर बाइक चोर बन गए। आखिर भविष्य में कुछ बनने के सपने देखने वाले इन छात्रोें को पता नहीं क्या हो गया है। ये किस दिशा में जा रहे हैं। ये पुलिस के आला अधिकारी भी नहीं समझ पा रहे हैं।
आंवला में हाईस्कूल के दो छात्र बाइक चोरी में पकड़े गए। पूछने पर उन्होंने गर्लफ्रैंड की खातिर बाइक चोरी करना कबूला। किशोर उम्र में जब छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई और कैरियर के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत है। तब वह अपराध की ओर मुड़ रहे हैं। टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया और फिल्मी संस्कृति छोटे बच्चों में समय से पहले परिपक्वता पैदा कर रही है। छात्र या छात्राएं मोबाइल या लैपटाप पर देश दुनियां के बारे में जानकर अपनी आकांक्षायें बढ़ाने लगे हैं। बरेली कालेज के मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी डा. हेमा खन्ना का कहना है कि स्टूडेंट लाइफ में किशोरों के लव अफेयर्स शुरू हो जाते हैं। लड़कियां भी लड़कों का इस्तेमाल करते हुए अपनी डिमांड रखने लगती हैं। लव अफेयर्स को बरकरार रखने के लिए जब घर से दिए गए पैसे से उनकी जरूरतें पूरी नहीं होती तो वह अपराध की दुनियां की ओर जाने लगते हैं। पैरेंट्स जिस तरह लड़कियों के बड़ा होते ही उन पर ध्यान देने लगते हैं, उसी तरह लड़कों पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि अभिभावकों की परवरिश और संस्कार ही उनको आपराधिक दुनियां से बचाकर रख सकते हैं।