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गोली से घायल फरीदपुर के चेयरमैन की दिल्ली में मौत
बरेली।
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:25 AM IST
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Firudpur shot dead Chairman's death in Delhi
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से घायल फरीदपुर चेरयमैन ने बुधवार दोपहर बाद करीब साढे़ तीन बजे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर से कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस अफसरों ने उनके बेटे धर्मेंद्र से संपर्क कर इसकी पुष्टि की है। अफसरों के मुताबिक, गोली खुद लगी या किसी ने मारी अभी तक परिवार वालों ने पुलिस को कुछ नहीं बताया है।
फरीदपुर कस्बे के बीसलपुर रोड स्थित मोहल्ला मृधान निवासी 60 वर्षीय रामसरन गुप्ता उर्फ लाला राम गुप्ता को मंगलवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी थी। उन्हें मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक बनी रहने पर उन्हें मंगलवार देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे धर्मेंद्र के मुताबिक, अपोलो अस्पताल में चेयरमैन का आपरेशन किया गया और बुधवार दोपहर उनकी हालत बेहद नाजुक बताई गई। साढ़े तीन बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सीओ फरीदपुर जगमोहन सिंह बलूटा ने बताया कि धर्मेंद्र से फोन पर बात करने पर पता चला कि चेयरमैन की मौत हो गई है। सीओ ने बताया कि धर्मेंद्र ने उन्हें न ही फोन पर कोई बात बताई और न ही लिखित शिकायत दी है। घरवाले जो भी तहरीर देंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, फरीदपुर कस्बे में स्थित चेयरमैन के मकान पर दूसरे दिन भी ताला लटका रहा और घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात रहा। उनकी मौत की खबर से कई लोग घर पहुंचे, लेकिन ताला लटका होने से सभी लौट गए।
पुलिस को लिखित सूचना का इंतजार
बरेली। फरीदपुर पुलिस घटनाओं के प्रति कितनी अलर्ट है, इसकी पोल चेयरमैन लाला राम गुप्ता को गोली लगने की घटना से ही खुलती है। शाम साढे़ चार बजे चेयरमैन को गोली लगी। घरवाले उन्हें फरीदपुर से मेडिसिटी अस्पताल तक ले आए। फरीदपुर इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। अब सवाल उठता है कि जब नगर के प्रथम नागरिक के साथ घटना के बारे में ही इंस्पेक्टर का सूचना तंत्र फेल रहा तो आम आदमी के साथ होने वाली वारदातों के बारे में वह कैसे पता लगाते होंगे। इंस्पेक्टर ने मंगलवार को खुद ही स्वीकार किया था कि उन्हें घटना कोई जानकारी नहीं थी। मीडिया वालों से ही पता चला कि चेयरमैन को गोली लगी है। इसके बावजूद भी पुलिस ने अपने स्तर से कोई खास जानकारी नहीं जुटाई। पुलिस बुधवार को भी परिवार वालों के लिखित शिकायत करने का इंतजार करती रही।
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सिर्फ रेफर करने पर ही होता रहा विचार
घायल लाला राम को जब मेडिसिटी अस्पताल लाया गया तो उनकी हालत बेहद नाजुक थी। यहां काफी देर तक उन्हें दिल्ली ले जाने में विचार होता रहा। एयरलिफ्ट को लेकर अपोलो अस्पताल में संपर्क किया गया तो पता चला कि दो घंटे में दिल्ली से बरेली तक हेलीकाफ्टर आएगा और दो घंटे जाने में लगेंगे। इस पर घरवालों ने उन्हें एंबुलेंस से सड़क के रास्ते ही ले जाने की सहमति दी तो उन्हें रेफर कर दिया गया।
बरेली पहुंचकर बताऊंगा पूरी बात
बेटे धर्मेंद्र का कहना है कि वह तो बरेली स्थित मकान में रहते हैं। बुधवार को फरीदपुर स्थित मकान में मम्मी गिरजा रानी और पापा लाला राम गुप्ता ही थे। गोली कैसे लगी इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। धर्मेंद्र के मुताबिक, गोली लगने के बाद से ही मम्मी होश में नहीं हैं, इसलिए उनसे कोई बात नहीं हो पाई। फरीदपुर पहुंचकर घर पर जाकर देखूंगा, उसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
चेयरमैन लाला राम गुप्ता की दिल्ली अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दिल्ली में ही उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अभी तक उनके बेटों ने न फोन पर कोई शिकायत की है और न ही लिखित सूचना दी है। जो भी तहरीर मिलेगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
- जगमोहन सिंह बलूटा, सीओ फरीदपुर
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संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से घायल फरीदपुर चेरयमैन ने बुधवार दोपहर बाद करीब साढे़ तीन बजे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर से कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस अफसरों ने उनके बेटे धर्मेंद्र से संपर्क कर इसकी पुष्टि की है। अफसरों के मुताबिक, गोली खुद लगी या किसी ने मारी अभी तक परिवार वालों ने पुलिस को कुछ नहीं बताया है।
फरीदपुर कस्बे के बीसलपुर रोड स्थित मोहल्ला मृधान निवासी 60 वर्षीय रामसरन गुप्ता उर्फ लाला राम गुप्ता को मंगलवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी थी। उन्हें मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक बनी रहने पर उन्हें मंगलवार देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे धर्मेंद्र के मुताबिक, अपोलो अस्पताल में चेयरमैन का आपरेशन किया गया और बुधवार दोपहर उनकी हालत बेहद नाजुक बताई गई। साढ़े तीन बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सीओ फरीदपुर जगमोहन सिंह बलूटा ने बताया कि धर्मेंद्र से फोन पर बात करने पर पता चला कि चेयरमैन की मौत हो गई है। सीओ ने बताया कि धर्मेंद्र ने उन्हें न ही फोन पर कोई बात बताई और न ही लिखित शिकायत दी है। घरवाले जो भी तहरीर देंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, फरीदपुर कस्बे में स्थित चेयरमैन के मकान पर दूसरे दिन भी ताला लटका रहा और घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात रहा। उनकी मौत की खबर से कई लोग घर पहुंचे, लेकिन ताला लटका होने से सभी लौट गए।
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पुलिस को लिखित सूचना का इंतजार
बरेली। फरीदपुर पुलिस घटनाओं के प्रति कितनी अलर्ट है, इसकी पोल चेयरमैन लाला राम गुप्ता को गोली लगने की घटना से ही खुलती है। शाम साढे़ चार बजे चेयरमैन को गोली लगी। घरवाले उन्हें फरीदपुर से मेडिसिटी अस्पताल तक ले आए। फरीदपुर इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। अब सवाल उठता है कि जब नगर के प्रथम नागरिक के साथ घटना के बारे में ही इंस्पेक्टर का सूचना तंत्र फेल रहा तो आम आदमी के साथ होने वाली वारदातों के बारे में वह कैसे पता लगाते होंगे। इंस्पेक्टर ने मंगलवार को खुद ही स्वीकार किया था कि उन्हें घटना कोई जानकारी नहीं थी। मीडिया वालों से ही पता चला कि चेयरमैन को गोली लगी है। इसके बावजूद भी पुलिस ने अपने स्तर से कोई खास जानकारी नहीं जुटाई। पुलिस बुधवार को भी परिवार वालों के लिखित शिकायत करने का इंतजार करती रही।
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सिर्फ रेफर करने पर ही होता रहा विचार
घायल लाला राम को जब मेडिसिटी अस्पताल लाया गया तो उनकी हालत बेहद नाजुक थी। यहां काफी देर तक उन्हें दिल्ली ले जाने में विचार होता रहा। एयरलिफ्ट को लेकर अपोलो अस्पताल में संपर्क किया गया तो पता चला कि दो घंटे में दिल्ली से बरेली तक हेलीकाफ्टर आएगा और दो घंटे जाने में लगेंगे। इस पर घरवालों ने उन्हें एंबुलेंस से सड़क के रास्ते ही ले जाने की सहमति दी तो उन्हें रेफर कर दिया गया।
बरेली पहुंचकर बताऊंगा पूरी बात
बेटे धर्मेंद्र का कहना है कि वह तो बरेली स्थित मकान में रहते हैं। बुधवार को फरीदपुर स्थित मकान में मम्मी गिरजा रानी और पापा लाला राम गुप्ता ही थे। गोली कैसे लगी इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। धर्मेंद्र के मुताबिक, गोली लगने के बाद से ही मम्मी होश में नहीं हैं, इसलिए उनसे कोई बात नहीं हो पाई। फरीदपुर पहुंचकर घर पर जाकर देखूंगा, उसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
चेयरमैन लाला राम गुप्ता की दिल्ली अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दिल्ली में ही उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अभी तक उनके बेटों ने न फोन पर कोई शिकायत की है और न ही लिखित सूचना दी है। जो भी तहरीर मिलेगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
- जगमोहन सिंह बलूटा, सीओ फरीदपुर