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टाटपट्टी पर सीट, चपरासी बने निरीक्षक
बरेली
Updated Fri, 20 Feb 2015 02:31 AM IST
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गाड़ी न होने से एक सचल दस्ते को खाली बैठना पड़ा, वहीं दो को किराए की गाड़ी लेकर केंद्रों के निरीक्षण को दौड़ना पड़ा।
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चपरासी और लिपिक लगाकर कराई परीक्षा
बरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग तीन हजार शिक्षकों को आवंटित केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करनी थी लेकिन इनमें से 10 फीसदी ने भी केंद्रों पर आमद नहीं कराई। ऐसे में, एमबी इंटर कॉलेज, गुलाबराय इंटर कॉलेज, परधौली के कृषि इंटर कॉलेज, सीबीगंज इंटर कॉलेज, केडीईएम इंटर कॉलेज में लिपिक और चपरासी तक को लगाकर परीक्षा कराई गई। खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में इस्लामियां कॉलेज से टीचर बुलवाकर परीक्षा कराई गई। यहां 12 परिषदीय शिक्षकों में से एक भी नहीं आया। गुलाबराय इंटर कॉलेज में 51 शिक्षकों में से सिर्फ चार ही आए। कन्नौजिया इंटर कॉलेज खरसैनी में 24 में से सिर्फ 10 ही आए। प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की जगह एक-एक ही लगाना पड़ा।
डीआईओएस और बीएसए आमने-सामने
बेसिक शिक्षकों के केंद्रों पर न पहुंचने से खफा डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज ने बीएसए के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि समय से पत्र भेजने के बाद भी बीएसए ने शिक्षक रिलीव नहीं किए। बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान ने कहा है कि डीआईओएस ने ही विलंब से शिक्षकोें की डिमांड भेजी थी। उन्हें 16 फरवरी को उनकी चिट्ठी मिली। शुक्रवार तक केंद्रों पर शिक्षक नहीं पहुंचे तो कार्रवाई करेंगे।
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फोटो...
टेंट लगाया, परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठाया
परधौली के कृषि इंटर कॉलेज के केंद्र पर क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी आवंटित करने का नतीजा यह रहा कि यहां टेंट लगाकर परीक्षा करानी पड़ी। इसके नीचे टाटपट्टी बिछाकर परीक्षार्थियों को बैठाया गया। केंद्र तीन सौ को बैठाने की क्षमता है लेकिन प्रथम पाली में पांच सौ परीक्षार्थी होने से यह स्थिति बनी। नवाबगंज के जेपीएन इंटर कॉलेज में भी कई परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठाया गया। सीबीगंज इंटर कॉलेज में छत पर बच्चों को बिना फर्नीचर के बैठाकर परीक्षा कराई गई। शहर में गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज में फर्नीचर कम होने के कारण किराए पर मंगाया गया। उधर भमोरा के आत्माराम इंटर कॉलेज में दो कमरे में 84 बच्चों को जमीन में बैठकर परीक्षा दिलाई गई। केंर्द व्यवस्थापक डॉ. सुधंाशु मोहन जोशी ने संसाधनों की कमी का हवाला देकर बताया कि हमने 400 परीक्षार्थियों की मांग की थी मगर 500 का केंद्र बना दिया गया।
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कूड़े के ढेर पर बोर्ड परीक्षा
जर्जर बिल्ंिडग वाले केडीईएम इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों ने उस खाली जमीन पर बैठकर परीक्षा दी, जहां कूड़ा पड़ता है। यहां कूड़े के ढेर लगे हैं। केंद्र व्यवस्थापक डॉ. एससी स्वामी ने बताया कि मना करने के बाद भी लोग कूड़ा डालते हैं और नगर निगम वाले उठाते नहीं हैं।
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पांच कक्ष निरीक्षकों से मोबाइल बरामद
सहोड़ा के कुंवर ढाकन लाल इंटर कॉलेज में सचल दस्ते ने छापामार कर सुबह की पाली में पांच कक्ष निरीक्षकों के पास से मोबाइल बरामद किए। प्रतिबंध के बाद भी ले जाए गए ये मोबाइल सचल दस्ते ने जब्त कर लिए। इनमें शिक्षामित्र डालचंद और हीरेश आदि कक्ष निरीक्षक थे।
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पुलिस कर्मी नहीं पहुंचे
प्रत्येक केंद्र पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की गई थी लेकिन शहर के कई बालिकाओं के केंद्रों पर भी पुलिस कर्मी नहीं पहुंचें। कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, डीएवी कालीचरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस कर्मी तैनात नहीं थे।
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सचल दस्तों को नहीं मिलीं गाड़ी
जिले के तीन सचल दस्तों के लिए डीआईओएस ने जिला प्रशासन से गाड़ी मांगी थी लेकिन वह नहीं मिली। ऐसे में, एडीआईओएस आरके सिंह और जीआईसी औरंगाबाद के प्रिंसिपल ग्रीश यादव के सचल दस्ते को किराए पर मंगाई गई गाड़ी से भेजा गया, वहीं राजकीय हाईस्कूल बल्लिया की प्रिंसिपल मंजू अग्रवाल का सचल दस्ता गाड़ी न मिलने से डीआईओएस आफिस में ही बैठा रहा।
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बिना रजिस्ट्रेशन वाले नौ परीक्षार्थी पकड़े
शहर के साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज के केंद्र पर नौ परीक्षार्थियों के पास प्रवेश पत्र तो थे लेकिन बोर्ड से इनके रजिस्ट्रेशन नहीं थे। शांति मौर्य स्कूल की हाईस्कूल की तीन और अजय कन्या इंटर कॉलेज की छह इंटर की परीक्षार्थियों से केंद्र व्यवस्थापक मीरा प्रियदर्शिनी ने रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा सकीं। अगले पेपर में रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करने का अंडरटेकिंग लेकर ही इन्हें परीक्षा में बैठाया गया। यहां इंटर की 38 छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दी।
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10642 ने छोड़ी परीक्षा
यूपी बोर्ड की पहले दिन हुई हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा 6563 परीक्षार्थियों ने छोड़ दी। इसमें 56908 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 50345 ही परीक्षा देने पहुंचे। इंटर में 45407 में से केवल 41228 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। 4179 गैरहाजिर रहे। केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के गैरहाजिर रहने के पीछे फर्जी रजिस्ट्रेशन की आशंका भी जाहिर की जा रही है।
10 को नहीं मिला प्रवेश पत्र
बहेड़ी। सुशीला तिवारी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में सुबह की पाली में दस परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र न होने के कारण रोक दिया गया। हालांकि उनका नाम सूची में था। उन्होंने साल बचाने की गुहार लगाई तो उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया।
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चपरासी और लिपिक लगाकर कराई परीक्षा
बरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग तीन हजार शिक्षकों को आवंटित केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करनी थी लेकिन इनमें से 10 फीसदी ने भी केंद्रों पर आमद नहीं कराई। ऐसे में, एमबी इंटर कॉलेज, गुलाबराय इंटर कॉलेज, परधौली के कृषि इंटर कॉलेज, सीबीगंज इंटर कॉलेज, केडीईएम इंटर कॉलेज में लिपिक और चपरासी तक को लगाकर परीक्षा कराई गई। खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में इस्लामियां कॉलेज से टीचर बुलवाकर परीक्षा कराई गई। यहां 12 परिषदीय शिक्षकों में से एक भी नहीं आया। गुलाबराय इंटर कॉलेज में 51 शिक्षकों में से सिर्फ चार ही आए। कन्नौजिया इंटर कॉलेज खरसैनी में 24 में से सिर्फ 10 ही आए। प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की जगह एक-एक ही लगाना पड़ा।
डीआईओएस और बीएसए आमने-सामने
बेसिक शिक्षकों के केंद्रों पर न पहुंचने से खफा डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज ने बीएसए के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि समय से पत्र भेजने के बाद भी बीएसए ने शिक्षक रिलीव नहीं किए। बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान ने कहा है कि डीआईओएस ने ही विलंब से शिक्षकोें की डिमांड भेजी थी। उन्हें 16 फरवरी को उनकी चिट्ठी मिली। शुक्रवार तक केंद्रों पर शिक्षक नहीं पहुंचे तो कार्रवाई करेंगे।
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टेंट लगाया, परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठाया
परधौली के कृषि इंटर कॉलेज के केंद्र पर क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी आवंटित करने का नतीजा यह रहा कि यहां टेंट लगाकर परीक्षा करानी पड़ी। इसके नीचे टाटपट्टी बिछाकर परीक्षार्थियों को बैठाया गया। केंद्र तीन सौ को बैठाने की क्षमता है लेकिन प्रथम पाली में पांच सौ परीक्षार्थी होने से यह स्थिति बनी। नवाबगंज के जेपीएन इंटर कॉलेज में भी कई परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठाया गया। सीबीगंज इंटर कॉलेज में छत पर बच्चों को बिना फर्नीचर के बैठाकर परीक्षा कराई गई। शहर में गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज में फर्नीचर कम होने के कारण किराए पर मंगाया गया। उधर भमोरा के आत्माराम इंटर कॉलेज में दो कमरे में 84 बच्चों को जमीन में बैठकर परीक्षा दिलाई गई। केंर्द व्यवस्थापक डॉ. सुधंाशु मोहन जोशी ने संसाधनों की कमी का हवाला देकर बताया कि हमने 400 परीक्षार्थियों की मांग की थी मगर 500 का केंद्र बना दिया गया।
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कूड़े के ढेर पर बोर्ड परीक्षा
जर्जर बिल्ंिडग वाले केडीईएम इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों ने उस खाली जमीन पर बैठकर परीक्षा दी, जहां कूड़ा पड़ता है। यहां कूड़े के ढेर लगे हैं। केंद्र व्यवस्थापक डॉ. एससी स्वामी ने बताया कि मना करने के बाद भी लोग कूड़ा डालते हैं और नगर निगम वाले उठाते नहीं हैं।
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पांच कक्ष निरीक्षकों से मोबाइल बरामद
सहोड़ा के कुंवर ढाकन लाल इंटर कॉलेज में सचल दस्ते ने छापामार कर सुबह की पाली में पांच कक्ष निरीक्षकों के पास से मोबाइल बरामद किए। प्रतिबंध के बाद भी ले जाए गए ये मोबाइल सचल दस्ते ने जब्त कर लिए। इनमें शिक्षामित्र डालचंद और हीरेश आदि कक्ष निरीक्षक थे।
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पुलिस कर्मी नहीं पहुंचे
प्रत्येक केंद्र पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की गई थी लेकिन शहर के कई बालिकाओं के केंद्रों पर भी पुलिस कर्मी नहीं पहुंचें। कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, डीएवी कालीचरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस कर्मी तैनात नहीं थे।
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सचल दस्तों को नहीं मिलीं गाड़ी
जिले के तीन सचल दस्तों के लिए डीआईओएस ने जिला प्रशासन से गाड़ी मांगी थी लेकिन वह नहीं मिली। ऐसे में, एडीआईओएस आरके सिंह और जीआईसी औरंगाबाद के प्रिंसिपल ग्रीश यादव के सचल दस्ते को किराए पर मंगाई गई गाड़ी से भेजा गया, वहीं राजकीय हाईस्कूल बल्लिया की प्रिंसिपल मंजू अग्रवाल का सचल दस्ता गाड़ी न मिलने से डीआईओएस आफिस में ही बैठा रहा।
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बिना रजिस्ट्रेशन वाले नौ परीक्षार्थी पकड़े
शहर के साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज के केंद्र पर नौ परीक्षार्थियों के पास प्रवेश पत्र तो थे लेकिन बोर्ड से इनके रजिस्ट्रेशन नहीं थे। शांति मौर्य स्कूल की हाईस्कूल की तीन और अजय कन्या इंटर कॉलेज की छह इंटर की परीक्षार्थियों से केंद्र व्यवस्थापक मीरा प्रियदर्शिनी ने रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा सकीं। अगले पेपर में रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करने का अंडरटेकिंग लेकर ही इन्हें परीक्षा में बैठाया गया। यहां इंटर की 38 छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दी।
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10642 ने छोड़ी परीक्षा
यूपी बोर्ड की पहले दिन हुई हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा 6563 परीक्षार्थियों ने छोड़ दी। इसमें 56908 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 50345 ही परीक्षा देने पहुंचे। इंटर में 45407 में से केवल 41228 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। 4179 गैरहाजिर रहे। केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के गैरहाजिर रहने के पीछे फर्जी रजिस्ट्रेशन की आशंका भी जाहिर की जा रही है।
10 को नहीं मिला प्रवेश पत्र
बहेड़ी। सुशीला तिवारी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में सुबह की पाली में दस परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र न होने के कारण रोक दिया गया। हालांकि उनका नाम सूची में था। उन्होंने साल बचाने की गुहार लगाई तो उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया।