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रिकार्ड के अनुसार देवबंदी मसलक को सौंपी जाए मस्जिद : दारुल उलूम
बरेली
Updated Sun, 31 May 2015 01:21 AM IST
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बरेली में मस्जिद विवाद पर दारुल उलूम ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश सरकार और बरेली प्रशासन से मांग की है कि खुराफातियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मस्जिद को तुरंत देवबंदी विचारधारा के लोगों के सुपुर्द किया जाए।
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दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बरेली में कई दिनों से चल रहे मस्जिद विवाद पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक हमेशा से मस्जिद में देवबंदी मसलक का इमाम रहा है। बरेली में बसने वाले देवबंदी मसलक के लोग विवादित मस्जिद में नमाज पढ़ते आए हैं। बरेली में भारी तादाद होने के कारण बरेलवी विचारधारा के लोग वहां रहने वाले देवबंदी मसलक के लोगों को डरा धमकाकर मस्जिद को कब्जाना चाहते हैं। मौलाना बनारसी ने दो टूक कहा कि यह एक शरारत है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और सरकार को चाहिए कि वह वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार बरेली में रहने वाले देवबंदी मसलक के लोगों को सुरक्षा प्रदान करें। तुरंत शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मस्जिद को देवबंदी मसलक के इमाम के सुपुर्द किया जाए। मौलाना नदीमुल वाजदी ने कहा कि अगर बरेलवी मसलक के लोगों की अलग मस्जिद है तो फिर देवबंदी मसलक के लोगों की मस्जिद पर कब्जा करने का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रशासन को चाहिए कि वह मामले की गंभीरता को समझकर उचित कार्रवाई करे।
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