फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   crime

बरेलवियों ने बरेली में दिखाई अपनी ताकत

Sun, 31 May 2015 01:19 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 31 May 2015 01:19 AM IST
विज्ञापन

 शनिवार को बरेलवी मसलक के लोगों ने ये जताने में कोई कसर नहीं रखी कि ये बरेली है और वे बरेलवी हैं। कुतुबखाना मस्जिद विवाद पर दोपहर में डीएम का फैसला आते ही पूरे शहर में अफवाहों का दौर शुरू हो गया। फेसबुक, व्हाट्स एप पर मैसेजों चलने लगे। कुतुबखाना के बाद बड़ा बाजार, बांसमड़ी, कोहाड़ापीर रोड और साहूकारा रोड की सैकड़ों दुकानों के शटर गिरते चले गए। कई बार बाजारों में भगगड़ मच गई। इन हालात के चलते कुछ इलाकों में जाम की स्थिति पैदा हो गई।

विज्ञापन

शाम पांच बजे के बाद शहर में दहशत इतनी थी कि लोगों ने बच्चों को घरों से निकलने नहीं दिया। दरगाह के आसपास का बाजार को सुब्हानी मियां के घर से निकलने के बाद ही बंद हो गया था। इसके बाद उनका काफिला जिस रास्ते से होकर गुजरता गया, वहां का बाजार अपने आप बंद होता चला गया। नावल्टी चौराहे के आसपास रोडवेज के सामने की दुकानें भी बंद हो गई। मोहल्ला सौदागरान का बाजार काफिले के आने से पहले की बंद हो गया था।
विज्ञापन

बिहारीपुर ढाल पर भीड़ पहुंची तो लोगों ने अपनी दुकानें खुद ही बंद कर दीं। कोतवाली के सामने के दुकानदार भी दुकानें बंद करके निकल लिए। फड़ वालों ने भी भीड़ और पुलिस की आवाजाही के खौफ से अपना सामान समेट लिया। शाम को ही आधे शहर में पुलिस के अलावा बरेलवी मसलक के लोग सड़कों पर नजर आ रहे थे।  ऐसे में शहामतगंज, कोहड़ापीर रोड, किला रोड, बिहारीपुर ढाल, चौपुला, अय्यूब खा चौराहा, जीआईसी रोड, कोतवाली आदि इलाकों में जाम लगा जो कि देर रात तक रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 सुब्हानी मियां बोले, अमन बनाए रखें
बरेली। कुतुबखाना मस्जिद के विवाद को लेकर डीएम के फैसला बदल देने के बाद कोतवाली में ही सुब्हानी मियां ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि  पंद्रह दिन तक मस्जिद में किसी भी पक्ष के लोग नमाज नहीं पढ़ेगा। मस्जिद का ताला खुला रहेगा। आप अमन शांति बनाए रखें। कोई ऐसा काम न करें, जिससे शहर की फिजा खराब हो। कमेटी का जो फैसला  आएगा उसके बाद देखा जाएगा। इसके बाद कोतवाली में सामूहिक रूप से अपने मकसद में कामयाबी के लिए दुआ की गई।

-शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने फैसला लिया है। इस प्रक रण का सरकार से कोई मतलब नहीं है। बेहतर है आपसी समझदारी से सभी मसलकों के लोग शांति बनाए रखें: वीरपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष

    

सुब्हानी मियां ने पूछे तीखे सवाल
डीएम-एसएसपी से बातचीत के दौरान सुब्हानी मिया से बातचीत के दौरान डीएम ने कहा कि देवबंदी मसलक के लोगों का मस्जिद पर काफी समय से कब्जा है। इसलिए उनका हक बनता था। इस पर सुब्हानी मियां ने सवाल दागा कि किसी के घर पर कोई दूसरा धोखेबाजी से कब्जा कर ले तो वह अवैध कब्जेदार हुआ या नहीं। इस पर डीएम ने हां कर दी। इसके बाद सुब्हानी मियां का सवाल था कि अवैध कब्जेदार से मुक्त कराने की जिम्मेदारी किसकी होती है? जिले के कलेक्टर की। आपने तो कब्जा हटवाने के बाद दिलाने का काम कि या। उनका कहना था कि मस्जिद अंजुमन इस्लामिया की है, यह बात हम कानूनी तौर पर साबित करके दिखा देंगे। हम कानूनी रूप से बहुत मजबूत हैं, इस पर डीएम ने अपना फैसला बदल दिया।    
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed