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बच्चा मर गया किसी को फर्क नहीं पड़ा

Sun, 17 May 2015 01:48 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 17 May 2015 01:48 AM IST
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 स्कूल में अवैध रूप से चल रहे खस्ताहाल टेंपो से छिटककर गिरे तीसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र प्रियांशु अकाल ही काल का शिकार हो गया। पूरा गोशलपुर गांव मातम में डूबा हुआ है।  पुलिस, प्रशासन, संभागीय परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग को इस हादसे से कोई फर्क नहीं पड़ा।  घटना के 24 घंटे बीतने पर कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ने सिर्फ जुबानी निर्देश जारी किए। बताया गया कि हाफिजगंज इलाके में डग्गामार वाहनों की चेकिंग हुई सिर्फ नौ वाहनों के तालान की खानापूरी हुई। रिठौरा के जिस जीएलवी पब्लिक स्कूल में यह बच्चा पढ़ता था, उसके प्रबंधन ने शनिवार को चार दिन पहले ही गरमी की छुट्टी घोषित कर स्कूल ही बंद कर दिया।  पुलिस ने इस घटना के संबंध में अज्ञात टेंपो चालक के खिलाफ लापरवाही केस दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया जबकि टेंपों चालक ब्योरा ज्ञात है। अमर उजाला ने शनिवार को जब एसपी ट्रैफिक से पूछा तो जवाब मिला कि अब से ऐसे मामलों में आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज करेंगे और उसमें स्कूल प्रबंधन को भी पार्टी बनाएंगे ताकि ऐसे हादसों के जिम्मेदार खटारा स्कूल वाहनों के संचालन पर अंकुश लग सके।

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 डीएम के आदेश पर शुक्रवार को आधी रात को बच्चे का पोस्टमार्टम हुआ और रात एक बजे शव गांव गोशलपुर पहुंचा। शनिवार सुबह नौ बजे सभी ने नम आंखों के अंतिम संस्कार हुआ। पूरा गांव  रो रहा था और प्रियांशु की मां बेहोश थी। इस दौरान स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई  शोकाकुल परिवार के पास संवेदना व्यक्त करने नहीं पहुंचा।
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 घटना की बात करें तो जब प्रियांशू टेंपो से कुचला गया तो लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। टेंपो चालक ने ही खून से लथपथ हाल में बच्चे को उठाकर स्कूल पहुंचाया। वहां से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। टेंपो चालक दोबारा लौट कर मौके पर गया और टेंपो लेकर भागने लगा तो मौजूद लोगों ने रोकने की कोशिश की थी। काफी समय बीतने के बात शाम को अज्ञात चालक के खिलाफ  थाने में रिपोर्ट कर कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई जबकि  चालक रिठौरा निवासी है। स्कूल कोआर्डिनेटर ने चालक को लाइसेंस होल्डर बताया और थाने की रिपोर्ट में उसे अज्ञात दर्ज करने से स्पष्ट है कि समय बीतने पर दूसरे का लाइसेंस लगाकर टेंपो छुड़वा लिया जाएगा।
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अब देहात में  भी स्कूल वाहनों की चेकिंग होगी : एसपी ट्रैफिक
बरेली (ब्यूरो)। अमर उजाला द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने कहा कि अब से नियमित रूप से देहात में भी हफ्ते में एक दिन चेकिंग अभियान चलेगा।  संबंधित थानों से सहयोग लिया जाएगा। शहर में रोजाना करीब 15 से 20 वाहन ऐसी चेकिंग में पकड़े जा रहे हैं। अब से ऐसे हादसे का केस आईपीसी की धारा 304 में दर्ज होगा। उसमें स्कूल प्रबंधन को भी पक्ष बनाएंगे। इस व्यवस्था को लागू कराने को एसएसपी से बात कर योजना बनाएंगे। अभी तक ऐसे मामले में  एक्सीडेंट की धारा में मुकदमा लिख लिया जाता है जो कि जमानती होता है। धारा 304 में गैर इरादतन हत्या का मामला होता है और वह गैर जमानती है। उससे हादसों पर अंकुश लगेगा।  
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चलो चेकिंग तो हुई

बरेली (ब्यूरो)। इस बार हाफिजगंज में  हादसा होने के बाद भी संभागीय परिवहन विभाग डग्गामार और खटारा वाहनों की चेकिंग के लिए तब मैदान में उतरा जब डीएम ने शनिवार को निर्देश दिया। कुल नौ वाहनाें का चालान हुआ। इससे पहले नौ अप्रैल को  बिलसंडा में शाहजहांपुर के एक स्कूल की बस से बच्चा नीचे गिरा और मौत हो गई। तब कमिश्नर द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया तो विभागीय अधिकारी मैदान में उतरे और दो दर्जन से अधिक वाहनों का चालान किया। कमिश्नर ने 13 अप्रैल से अभियान चलाने को कहा तो 23 वाहन बंद किए गए और 68 वाहनाें का चालान हुआ। इससे लगता है कि जब हादसा होगा, तभी अभियान चलेगा अन्यथा सब कमाई में व्यस्त हैं।

रिकार्ड में ही नहीं हैं
बरेली । शहर में करीब 1200 बस, वैन और मैजिक स्कूल वाहन के रूप में चल रहे हैं। आटो और टेंपो की संख्या करीब दो हजार हैं । आरटीओ रिकार्ड में करीब 450 स्कूली वैन हैं लेकिन परमिट केवल 46 के पास हैं।  


वर्जन
1. हाफिजगंज वाली घटना बड़ी मार्मिक है। आगे से जिले में ऐसी दुर्घटना ना हो, इसके लिए आरटीओ और एसपी ट्रैफिक को सख्ती से चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। अवैध रूप से चल रहे आटो की चेकिंग पर विशेष निर्देश दिए हैं। -- गौरव दयाल, डीएम।
2. ग्रामीण इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब है। वहां विशेष अभियान चलाकर वाहनाें को पकड़ा जाएगा। वैसे विभाग की टीम रोजाना ही मानक के विपरीत चल रहे वाहनाें पर कार्रवाई कर रही है। -- उमाशंकर यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)।  
3.टेंपो से दबकर छात्र की मौत का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर स्कूल संचालक के खिलाफ  कार्यवाही होगी। क्षेत्र में चल रहे स्कूलों के वाहनों को मानक के अनुसार ही चलने दिया जायेगा। -- अकीला आदिल, एबीएसए, बिथरी चैनपुर।


 
अभिभावक भी समझें अपनी जिम्मेदारी
बरेली (ब्यूरो)।  पैरेंट्स फोरम के संयोजक एडवोकेट खालिद जिलानी कहते हैं कि अगर वाहन कंडम है या फिर बच्चे ठूंसे जा रहे हैं तो अभिभावक क्यों बच्चाें को ऐसे वाहनाें में हादसे का शिकार होने को भेजते हैं। उन्होंने कहा कि ओवरलोड, कंडम वाहन और एलपीजी गैस से चलने वाले वाहनों को पकड़ने के लिए एसपी ट्रैफिक को पत्र के माध्यम से बताया गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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फोटो-- एसपी सिटी
 फोटो संएचएफ जे 01 मे कस्बा हाफि जगंज में वाहनों की चेकिंग करते एआरटीओ।


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