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खनन की शिकायत करने वाले को ही अंदर कर दिया

Thu, 07 May 2015 01:28 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 07 May 2015 01:28 AM IST
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अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाना लोधीपुर के लोगों को भारी पड़ गया। कोतवाल के आदेश पर गांव के एक युवक को पुलिस घर से उठा लाई और हवालात में डाल दिया। इससे नाराज लोग पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार की अगुवाई में थाने पहुंच गए और युवक को छोड़ने की मांग की।
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मंगलवार रात लोधीपुर के लोगों ने किच्छा नदी में अवैध खनन कर जा रही ट्रालियों को रोककर हंगामा किया था। ग्रामीणों का कहना था कि एक नेता के प्लाट का पटान चल रहा है इसीलिए बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। एसडीएम और कोतवाल को सूचना देने के बावजूद पुलिस तो नहीं भेजी गई मगर एक कार में नेताजी जरूर पहुंच गए। आते ही वह ग्रामीणों पर धौंस जमाने लगे और ट्रालियों को अपने साथ ले गए। बुधवार दिनभर पुलिस प्रशासन चुप बैठा रहा। देर शाम लोधीपुर के मदन लाल राठौर को पुलिस उठा लाई हवालात में डाल दिया। इसके बाद भाजपा नेता और पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह गंगवार, भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राजू इलाके के लोगों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस की कार्यशैली पर विरोध जताया। थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों का कहना था कि कोतवाल सूबेदार सिंह यादव कहीं गए हैं। उनके आने पर ही युवक को छोड़ा जाएगा।
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वर्जन-

लोधीपुर से अवैध खनन की न तो शिकायत आई और न ही ट्राली पकड़े जाने को लेकर कि सी ने फोन किया। फिर भी मै ंइसको दिखवाता हूं।

-रामेश्वर नाथ तिवारी एसडीएम बहेड़ी
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फोटो
कैप्सन : नवाबगंज में इस तरह हो रहा है खनन
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नवाबगंज में दो ट्रैक्टर-ट्राली सीज
नवाबगंज। सीओ नरेश कुमार ने रिछोला किफायतुल्ला के पास अवैध खनन कर मिट्टी ले जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्राली पकड़कर सीज कर दी। पकड़े गए ट्रैक्टरों पर चालक चालक रिछोला किफायतुल्ला का चालक राजवीर सिंह और नवाबगंज कस्बे का संजू हैं।
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 इलाके के कई गांवों में खनन माफियाओं का जाल फैला हुआ है।उन्होंने सैंकड़ों बीघा खेती की जमीन को खोद डाला है। पुलिस इक्का दुक्का लोगों को पकड़कर औपचारिकता निभा लेती है।  याकूबपुर, बिजौरिया, बीजामऊ, सभापुर, नकटपुर, खाईखेड़ा आदि गांवों में साल भर खनन होता है। मजदूरों के झमेले से बचने के लिए खनन माफियायों ने हाइड्रोलिक ट्रालियां बनवा रखी हैं जिनसे जहां चाहे वहां मिनटों में लौटा दिया जाता है। पुलिस और प्रशासन के आड़ में खनन माफियायों ने भी अपने रेट बढ़ा दिए हैं। लोगों को जो एक ट्राली मिट्टी पहले 4 से 5 सौ रुपए में मिलती थी अब उसकी कीमत 1000 रुपए तक पहुंच गई है।
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