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प्रदेश की कानून व्यवस्था सामान्य: डीजीपी
बरेली
Updated Sun, 15 Mar 2015 01:18 AM IST
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पुलिस महानिदेशक एके जैन ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को सामान्य बताया। कहा कि इलाहाबाद में वकील की हत्या के बाद माहौल गरमाया था लेकिन अब आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के बाद कहीं कोई दिक्कत नहीं है। डीजीपी ने यह भी कहा कि सभी जिलों में बार और पुलिस के बीच बेहतर संबंध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
शनिवार रात करीब नौ बजे आठवीं वाहिनी पीएसी के निरीक्षण भवन में पहुंचे डीजीपी ने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। पॉश कॉलोनी रामपुर बाग में कोरल मोटर्स के मालिक अजय अग्रवाल के घर डेढ़ करोड़ की डकैती के खुलासे के सवाल पर डीजीपी के बोलने से पहले से ही एसएसपी धर्मवीर यादव और डीआईजी आरकेएस राठौर बोल पड़े। एसएसपी ने बताया कि घटना का खुलासा कर दिया गया है। मुख्य आरोपी देेवेंद्र जाट जरूर पकड़ में नहीं आ पाया है। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। रोहली टोला में सर्राफ उमेश वर्मा के घर हुई डकैती के बारे में किए गए सवाल का भी एसएसपी ने ही जवाब दिया। कहा कि पुलिस आरोपियों के करीब पहुंच गई है, जल्द हम घटना का खुलासा कर देंगे।
यादें ताजा कीं
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन जब बरेली में एसएसपी रहे थे तब वह यहां सीओ बहेड़ी और सीओ आंवला तैनात रहे। बरेली को उस वक्त बरेली शरीफ के नाम के जाना जाता था। यहां कभी दंगा नहीं हुआ। चंद लोगों ने माहौल खराब करके बरेली को बदनाम किया है। बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बिशारतगंज और शेरगढ़ दो थाने खुलवाए थे। बरेली शहर में प्रस्तावित दो नए थानों को खुलवाने के सवाल को टालते हुए बोले बरेली में दो नए थाने खुलवाना फिलहाल मुश्किल है।
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शनिवार रात करीब नौ बजे आठवीं वाहिनी पीएसी के निरीक्षण भवन में पहुंचे डीजीपी ने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। पॉश कॉलोनी रामपुर बाग में कोरल मोटर्स के मालिक अजय अग्रवाल के घर डेढ़ करोड़ की डकैती के खुलासे के सवाल पर डीजीपी के बोलने से पहले से ही एसएसपी धर्मवीर यादव और डीआईजी आरकेएस राठौर बोल पड़े। एसएसपी ने बताया कि घटना का खुलासा कर दिया गया है। मुख्य आरोपी देेवेंद्र जाट जरूर पकड़ में नहीं आ पाया है। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। रोहली टोला में सर्राफ उमेश वर्मा के घर हुई डकैती के बारे में किए गए सवाल का भी एसएसपी ने ही जवाब दिया। कहा कि पुलिस आरोपियों के करीब पहुंच गई है, जल्द हम घटना का खुलासा कर देंगे।
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यादें ताजा कीं
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन जब बरेली में एसएसपी रहे थे तब वह यहां सीओ बहेड़ी और सीओ आंवला तैनात रहे। बरेली को उस वक्त बरेली शरीफ के नाम के जाना जाता था। यहां कभी दंगा नहीं हुआ। चंद लोगों ने माहौल खराब करके बरेली को बदनाम किया है। बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बिशारतगंज और शेरगढ़ दो थाने खुलवाए थे। बरेली शहर में प्रस्तावित दो नए थानों को खुलवाने के सवाल को टालते हुए बोले बरेली में दो नए थाने खुलवाना फिलहाल मुश्किल है।
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