दुकानों की नीलामी में किया गया खेल
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केस वन : चाणक्यपुरी निवासी महेश चंद को 21 मार्च 2013 को नीलामी में अस्पष्ट क्षेत्रफल की दुकान आवंटित हुई। उससे पहले ही 18 दिसंबर 2012 को नीलामी राशि की आधी रकम 25 हजार रुपये यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में पालिका के खाते में जमा करा दिया गया।
केस टू : मोहल्ला मियां की मस्जिद निवासी सगीर अहमद को 13 फरवरी 2013 को नीलामी में अस्पष्ट क्षेत्रफल की दुकान आवंटित हुई लेकिन उससे पहले ही 18 दिसंबर 2012 को आवंटी से 80 हजार रुपये के नीलामी राशि में से 25 हजार रुपये पालिका के खाते में जमा करा लिए गए थे।
केस थ्री : मोहल्ला गुलशन नगर निवासी रंजीत सिंह को वर्ष 2013 में 21 मार्च को नीलामी में आवंटित दुकान का क्षेत्रफल अस्पष्ट है लेकिन उससे पहले ही 18 दिसंबर 2012 को आवंटी से पालिका के खाते में नीलामी राशि की आधी रकम के रूप में 25 हजार रुपये जमा करा लिए गए थे।
केस फोर : नगरपालिका बाईपास के सामने रहने वाले कृष्ण कुमार को 21 मार्च 2013 को अस्पष्ट क्षेत्रफल की दुकान नीलामी में आवंटित हुई। नीलामी स्वीकृत होने से पहले ही नीलामी राशि का आधा भाग 25 हजार रुपये 18 दिसंबर 2012 को ही पालिका खाते में जमा कराया जा चुका था।
वर्ष 2013 में तहसील प्रशासन की इस जांच रिपोर्ट में दुकानों के आवंटन में बरती गई लापरवाही और अनियमितताओं का पूरा चिट्ठा बिंदुवार है। इसमें उपर्युक्त सभी नीलामी को निरस्त कर नए सिरे से व्यापक प्रचार-प्रसार कर जिला स्तरीय अधिकारी की मौजूदगी में नीलामी कराने एवं पूरी प्रक्रिया में पालिका हित को क्षति पहुंचाने में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति भी की गई है। डीएम गौरव दयाल ने बताया कि उन्होंने इस रिपोर्ट को देखा तो नहीं लेकिन रिपोर्ट शासन को जा चुकी है और वहीं से कार्यवाही होनी है।
वर्जन
नवाबगंज नगरपालिका के घटनाक्रम से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है। उन्होंने इस संबंध में कुछ निर्देश भी किए हैं ताकि यहां बिना वजह कोई पुलिस की ओर से परेशान न किया जाए। नगरपालिका की दुकानों की नीलामी में हुई भारी अनियमितताओं के बारे में भी नगर विकास मंत्री मो. आजम खां से बात हुई है और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही होने की संभावना है। - भगवत सरन गंगवार, नवाबगंज विधायक और लघु उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
नवाबगंज पहुंचे एसपी देहात, सफाई कर्मियों का धरना जारी
नवाबगंज/बरेली । नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी सातवें दिन भी धरने में बैठे रहे। हालांकि चेयरमैन की ओर से ठेके पर लगाए गए सफाई कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर के प्रमुख मार्गों की सफाई की। इस बीच एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव बृहस्पतिवार को नवाबगंज पहुंचे। नगरपालिका के सामने मंगलवार को सफाई कर्मियों के दो गुटों में हुई मारपीट वाले घटनास्थल का जायजा लिया और लोगों से इनपुट जुटाया। पालिका परिसर में दुकानों के ऊपर नीलामी में आवंटित दुकानों के निर्माण कार्य का भी ब्योरा लिया। फिर थाने पहुंचकर उन्होंने सीओ और कोतवाल से बंद कमरे में बातचीत की। एसओ को एसएसपी को सौंपी गई दूसरे पक्ष की तहरीर दी और उसे भी पहले पक्ष की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर की विवेचना में शामिल करने को कहा। कड़ी ताकीद की कि पक्षपातपूर्ण ढंग से न तो विवेचना करें और न ही कार्रवाई। उन्होंने गत दिनों पूर्व चेयरमैन रवींद्र सिंह राठौर और अन्य के खिलाफ दर्ज 33 एफआईआर वाले प्रकरण की समीक्षा की। इन सभी की विवेचना कर रहे पांच विवेचकों को स्पष्ट हिदायत दी कि अभिलेखीय साक्ष्य जुटाएं और उनकी गंभीरता परखते हुए ही कार्यवाही करें।
उधर, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शुक्ला और उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने प्रशासन से नगर की सफाई और पानी की सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।