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बवाली दरोगा पर कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों को फंसा दिया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:48 AM IST
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बसई में दुकान में घुसकर कहर बरपाने वाले दरोगा पर तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की उल्टे ग्रामीणों को ही फंसा दिया। रोड घेरकर पांच घंटे तक धरना देने का मामला बनाकर 15 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ शाही थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि उन लोगों को भी मुलजिम बना दिया, जो दिल्ली और बहेड़ी में रह रहे हैं। वे जाम लगाने में शामिल नहीं थे।
शाही थाने के कार्यवाहक इंचार्ज एसआई शिवमोहन सिंह की तहरीर पर ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट मंगलवार रात डेढ़ बजे ही लिखी गई। ग्रामीणों पर रोड जाम कर यातायात बाधित करने, उत्पात मचाने और बलवा करने के आरोप लगाए गए हैं। इसमें परचूनी दुकानदार इशहाक अहमद, उसकी पत्नी महनाज बेगम, रियाज, दिलशाद, आरिफ, नसीम, जान नबी, अफसर, अकील अहमद, शकील अहमद, यासमीन, मैनाज, अमीर जहां, शराफत, जमील को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि जमील बहेड़ी में रहता है जबकि दिल्ली में रह रहे जान नबी और नसीम को भी पुलिस ने इस मामले में लपेटा है।
इस बारे में शीशगढ़ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि एसआई नरगिस कुमार दुकानदार इशहाक अहमद के चचेरे भतीजे अबरार अहमद के खिलाफ 27 फरवरी को शीशगढ़ थाने में दर्ज नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में दबिश देने गए थे। विवेचक को अधिकार है कि वह अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए खुद के विवेक से कभी भी दबिश दे सकता है। थानाध्यक्ष को विवेचक को दबिश डालने से रोकने का हक नहीं है। उधर, सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव ने कहा कि दबिश के दौरान दरोगा नरगिस कुमार का कौन सा कृत्य अवैधानिक था, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंगलवार को उन्होंने कहा था कि कथित तौर अगवा की गई लड़की बालिग है। दोनों कोर्ट मैरिज कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने एसएसपी के समक्ष बयान कराने को भी कहा है।
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दरोगा पर कार्रवाई करो वर्ना फिर करेंगे रोड जाम
दुनका। पुलिस के उत्पीड़न से परेशान दुकानदार इशहाक अहमद की पत्नी मैनाज बेगम और मां नूरजहां बुधवार को एसएसपी आरके भारद्वाज से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि दस हजार रुपये ले चुके दरोगा नरगिस ने पचास हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर दुकान में तोड़फोड़, लूटपाट और मारपीट की थी। उसका हाथ पकड़कर अश्लील हरकतें भी की। यह भी कहा कि पुलिस ने विरोध कर रहे बेगुनाह लोगों पर तो मुकदमा रात में ही दर्ज करवा दिया जबकि सीओ मीरगंज मनोज पांडेय के आश्वासन के बाद भी आरोपी दरोगा पर कार्रवाई नहीं हुई। दोनों महिलाओं ने कहा कि यदि चौबीस घंटे में दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई फिर से रोड जाम कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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शाही थाने के कार्यवाहक इंचार्ज एसआई शिवमोहन सिंह की तहरीर पर ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट मंगलवार रात डेढ़ बजे ही लिखी गई। ग्रामीणों पर रोड जाम कर यातायात बाधित करने, उत्पात मचाने और बलवा करने के आरोप लगाए गए हैं। इसमें परचूनी दुकानदार इशहाक अहमद, उसकी पत्नी महनाज बेगम, रियाज, दिलशाद, आरिफ, नसीम, जान नबी, अफसर, अकील अहमद, शकील अहमद, यासमीन, मैनाज, अमीर जहां, शराफत, जमील को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि जमील बहेड़ी में रहता है जबकि दिल्ली में रह रहे जान नबी और नसीम को भी पुलिस ने इस मामले में लपेटा है।
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इस बारे में शीशगढ़ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि एसआई नरगिस कुमार दुकानदार इशहाक अहमद के चचेरे भतीजे अबरार अहमद के खिलाफ 27 फरवरी को शीशगढ़ थाने में दर्ज नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में दबिश देने गए थे। विवेचक को अधिकार है कि वह अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए खुद के विवेक से कभी भी दबिश दे सकता है। थानाध्यक्ष को विवेचक को दबिश डालने से रोकने का हक नहीं है। उधर, सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव ने कहा कि दबिश के दौरान दरोगा नरगिस कुमार का कौन सा कृत्य अवैधानिक था, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंगलवार को उन्होंने कहा था कि कथित तौर अगवा की गई लड़की बालिग है। दोनों कोर्ट मैरिज कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने एसएसपी के समक्ष बयान कराने को भी कहा है।
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दरोगा पर कार्रवाई करो वर्ना फिर करेंगे रोड जाम
दुनका। पुलिस के उत्पीड़न से परेशान दुकानदार इशहाक अहमद की पत्नी मैनाज बेगम और मां नूरजहां बुधवार को एसएसपी आरके भारद्वाज से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि दस हजार रुपये ले चुके दरोगा नरगिस ने पचास हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर दुकान में तोड़फोड़, लूटपाट और मारपीट की थी। उसका हाथ पकड़कर अश्लील हरकतें भी की। यह भी कहा कि पुलिस ने विरोध कर रहे बेगुनाह लोगों पर तो मुकदमा रात में ही दर्ज करवा दिया जबकि सीओ मीरगंज मनोज पांडेय के आश्वासन के बाद भी आरोपी दरोगा पर कार्रवाई नहीं हुई। दोनों महिलाओं ने कहा कि यदि चौबीस घंटे में दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई फिर से रोड जाम कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।