{"_id":"57338b704f1c1b9141919c87","slug":"bsf-recruitment-both-within-munnabhai","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएफ भर्ती के दोनों मुन्ना भाई अंदर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बीएसएफ भर्ती के दोनों मुन्ना भाई अंदर
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 12 May 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
बीएसएफ भिटौरा 25 वीं बटालियन में कांस्टेबल जीडी भर्ती के मेडिकल टेस्ट में पकड़े गए दोनों मुन्ना भाइयों खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
मेडिकल टेस्ट के पहले दिन मंगलवार को दस्तावेजों की जांच में अलीगढ़ के विलसुकरा निवासी दीपक कुमार पुत्र लक्ष्मन और मैनपुरी के डूंगा गांव कुर्रा के अर्जुन पुत्र महाराम के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए थे। दीपक कुमार ने चार अक्तूबर 2015 को हुई लिखित परीक्षा में संबंधित प्रपत्र पर मां का नाम विमला देवी लिखा था, जबकि अभिलेखों में मां का नाम कमलेश कुमारी दर्ज है। अर्जुन के दस्तखत और निशानी अंगूठा दोनों में बीएसएफ में उपलब्ध रिकार्ड से फर्क पाया गया। चयन बोर्ड के सामने अर्जुन ने लिखित परीक्षा में किसी और के बैठने की बात कबूल भी की। चयन बोर्ड प्रभारी एचएस ठाकुर के निर्देश पर बीएसएफ के इंस्पेक्टर एसके विश्वास ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। कई घंटे की ऊहापोह के बाद एसएसपी के निर्देश पर दोनों को हिरासत में ले लिया गया। बुधवार को धोखाधड़ी और गलत दस्तावेज पेश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मेडिकल टेस्ट के पहले दिन मंगलवार को दस्तावेजों की जांच में अलीगढ़ के विलसुकरा निवासी दीपक कुमार पुत्र लक्ष्मन और मैनपुरी के डूंगा गांव कुर्रा के अर्जुन पुत्र महाराम के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए थे। दीपक कुमार ने चार अक्तूबर 2015 को हुई लिखित परीक्षा में संबंधित प्रपत्र पर मां का नाम विमला देवी लिखा था, जबकि अभिलेखों में मां का नाम कमलेश कुमारी दर्ज है। अर्जुन के दस्तखत और निशानी अंगूठा दोनों में बीएसएफ में उपलब्ध रिकार्ड से फर्क पाया गया। चयन बोर्ड के सामने अर्जुन ने लिखित परीक्षा में किसी और के बैठने की बात कबूल भी की। चयन बोर्ड प्रभारी एचएस ठाकुर के निर्देश पर बीएसएफ के इंस्पेक्टर एसके विश्वास ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। कई घंटे की ऊहापोह के बाद एसएसपी के निर्देश पर दोनों को हिरासत में ले लिया गया। बुधवार को धोखाधड़ी और गलत दस्तावेज पेश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन