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नमाज से पहले नहाने जा रहे छात्र की करंट से मौत, कोहराम
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 08 Jul 2016 01:27 AM IST
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शीशगढ़। बुधवार शाम से सड़क पर टूटे पड़े अर्थ के तार ने एक घर में ईद की खुशियों को मातम में बदल दिया। ईद की नमाज से पहले पिता के साथ सरकारी नल पर नहाने जा रहे बारह वर्षीय मदरसा छात्र को करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से गुस्साए लोगों ने हंगामा किया तो चेयरमैन ने बमुश्किल उन्हें समझाया। बिजली कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट कराई गई है।
मोहल्ला तिगड़ी में बिजली पोल पर पड़ी इंसुलेटिव केबल के सपोर्ट में लगा अर्थ का तार बुधवार शाम फाल्ट के बाद टूटकर जमीन पर गिर गया। मोहल्ले के लोगों ने बिजली कर्मचारियों को सूचना देकर इसे बंधवा दिया था। हालांकि देर रात किसी वक्त फिर फाल्ट से तार टूटकर नीचे गिर गया। इसकी सूचना देने को फोन लगाया पर कर्मचारियों ने रिसीव नहीं किया। गुरुवार को ईद की नमाज को जाने से पहले सुबह सात बजे मोहल्ला तिगड़ी निवासी छुटकन नहाने के लिये सड़क पार स्थित इंडिया मार्का हैंडपंप पर जा रहे थे। उनका 12 वर्षीय बेटा आदिल भी उनके साथ जा रहा था। तभी टूटा तार आदिल के पैर से छू गया जिससे उसे तेज करंट लगा। बेटे को करंट लगता देख छुटकन ने उसे बचाने की कोशिश की पर वह झटका लगने से दूर जा गिरे।
इतने में मोहल्ले के लोगों ने तार पर डंडे से प्रहार किया तो आदिल छूट सका। उसकी जान बचाने के लिए लोगों ने उसे बालू में दबा दिया। हालांकि इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर से उसके घर में कोहराम मच गया। लोगों ने इसे बिजली कर्मचारियों की लापरवाही बताकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची। कानूनगो राकेश शर्मा ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। बाद में चेयरमैन शीशगढ़ हाजी गुड्डू पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया तो लोग हटे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया।
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सबसे छोटा, सबका लाड़ला था आदिल
शीशगढ़। पल्लेदारी करने वाले छुटकन के परिवार में पांच पुत्र और दो पुत्रियों में आदिल सबसे छोटा था। वह स्थानीय मदरसे में कायदा की पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत के बाद उसकी मां फात्मा अपनी सुधबुध खो बैठी। भाई बहन भी उदास थे। उन्हें क्या मालूम था कि ईद की नमाज से पहले घर में मौत का मातम छा जायेगा। बुधवार से ही घर में ईद की तैयारियां चल रही थीं। देर रात कर फात्मा ने पकवान बनाए थे। सुबह जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना वह उसके घर की तरफ दौड़ पड़ा।
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मोहल्ला तिगड़ी में बिजली पोल पर पड़ी इंसुलेटिव केबल के सपोर्ट में लगा अर्थ का तार बुधवार शाम फाल्ट के बाद टूटकर जमीन पर गिर गया। मोहल्ले के लोगों ने बिजली कर्मचारियों को सूचना देकर इसे बंधवा दिया था। हालांकि देर रात किसी वक्त फिर फाल्ट से तार टूटकर नीचे गिर गया। इसकी सूचना देने को फोन लगाया पर कर्मचारियों ने रिसीव नहीं किया। गुरुवार को ईद की नमाज को जाने से पहले सुबह सात बजे मोहल्ला तिगड़ी निवासी छुटकन नहाने के लिये सड़क पार स्थित इंडिया मार्का हैंडपंप पर जा रहे थे। उनका 12 वर्षीय बेटा आदिल भी उनके साथ जा रहा था। तभी टूटा तार आदिल के पैर से छू गया जिससे उसे तेज करंट लगा। बेटे को करंट लगता देख छुटकन ने उसे बचाने की कोशिश की पर वह झटका लगने से दूर जा गिरे।
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इतने में मोहल्ले के लोगों ने तार पर डंडे से प्रहार किया तो आदिल छूट सका। उसकी जान बचाने के लिए लोगों ने उसे बालू में दबा दिया। हालांकि इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर से उसके घर में कोहराम मच गया। लोगों ने इसे बिजली कर्मचारियों की लापरवाही बताकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची। कानूनगो राकेश शर्मा ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। बाद में चेयरमैन शीशगढ़ हाजी गुड्डू पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया तो लोग हटे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया।
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सबसे छोटा, सबका लाड़ला था आदिल
शीशगढ़। पल्लेदारी करने वाले छुटकन के परिवार में पांच पुत्र और दो पुत्रियों में आदिल सबसे छोटा था। वह स्थानीय मदरसे में कायदा की पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत के बाद उसकी मां फात्मा अपनी सुधबुध खो बैठी। भाई बहन भी उदास थे। उन्हें क्या मालूम था कि ईद की नमाज से पहले घर में मौत का मातम छा जायेगा। बुधवार से ही घर में ईद की तैयारियां चल रही थीं। देर रात कर फात्मा ने पकवान बनाए थे। सुबह जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना वह उसके घर की तरफ दौड़ पड़ा।