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बरेली कालेज में फिर अराजकता, ताले जड़े

Sat, 30 Jul 2016 01:21 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sat, 30 Jul 2016 01:21 AM IST
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Bareilly College, then chaos , locks roots
बरेली काॉलेज
एडमिशन के वक्त बरेली कालेज में एक बार फिर माहौल अराजक हो गया। कामर्स के रिटायर शिक्षक की सर्विस बुक में छेड़छाड़ करने के आरोप में शिक्षक नेता और लिपिक के खिलाफ तहरीर के विरोध में शुक्रवार को बरेली कालेज कैंपस में हंगामा हो गया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने हंगामा करते हुए कालेज में तालाबंदी करा दी गई। फीस काउंटर बंद कर दिए गए। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को फीस जमा किए बिना ही लौटना पड़ा। वहीं, काउंटर खुलवाने के लिए छात्र नेताओं ने दो घंटे तक चीफ प्राक्टर का घेराव किया। पुलिस भी बुला ली गई।
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शिक्षकों और कर्मचारियों ने तहरीर वापसी के लिए कालेज प्रशासन को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया है, तब तक कार्य न करने का निर्णय लिया है। इसके बाद तालाबंदी कर धरना, प्रदर्शन की चेतावनी दी है। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव रविवार तक की छुट्टी पर हैं। छुट्टी वह शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह और लिपिक रामऔतार के खिलाफ तहरीर कार्यालय में देकर गए थे, जो बृहस्पतिवार को बारादरी थाने में पहुंचा दी गई। हालांकि पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है। शिक्षक नेता और लिपिक पर कामर्स के शिक्षक डॉ. गिरीश कुमार की सर्विस बुक से छेड़छाड़ करके जन्मतिथि बदलने का आरोप है। तहरीर से गुस्साए कालेज शिक्षक संघ कार्यकारिणी की शुक्रवार को सुबह सेमिनार कक्ष में आपात मीटिंग बुलाई। इसमें विरोध करने का निर्णय हुआ। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने तालाबंदी की। सारे विभागों में ताले जड़े गए। फीस काउंटर भी बंद किए जाने लगे तो इसके विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ता प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा का घेराव करने पहुंच गए। उन्होंने छात्र हित में फीस काउंटर खोले रखने की मांग की लेकिन प्रभारी प्राचार्य ने उनका तर्क नहीं माना। इस पर नारेबाजी करते हुए एबीवीपी कार्यकर्ता चीफ प्राक्टर कार्यालय पहुंच गए और चीफ प्राक्टर डॉ. एसी त्रिपाठी का दो घंटे घेराव किया। इस बीच पुलिस भी बुला ली गई। काफी देर हंगामा होता रहा।
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कमिश्नरी पर भी हंगामा, एडीएम से भिड़े
बरेली। चीफ प्राक्टर का घेराव करने के बाद भी जब फीस काउंटर नहीं खोले तो एबीवीपी के समर्थन में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता भी आ गए। वह कालेज के बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष कमिश्नर से मिलने कमिश्नरी पहुंच गए। बिना सूचना के छात्रों के कमिश्नरी पहुंचने की जानकारी जिला प्रशासन के अफसरों को मिली तो खलबली मच गई। तत्काल एडीएम सिटी आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट उमेश कुमार मंगला, एसपी सिटी समीर सौरभ मय फोर्स के पहुंच गए। उन्होंने छात्र नेताओं पूर्व सूचना के बिना कमिश्नर से मिलने पहुंचने पर नाराजगी जताई तो छात्र संघ के निवर्तमान महामंत्री हृदेश यादव से उनकी नोकझोंक हो गई। एडीएम सिटी बिफर पड़े। बोले- दिमाग सही कर देंगे तो छात्र नेता शांत हुए। बाद में छात्रनेता राहुल चौहान, अभय चौहान, रवि गोला और अनूप यादव की कमिश्नर से मुलाकात कराई गई। छात्र नेताओं ने कहा कि एफआईआर शिक्षक और कर्मचारी पर हुई है लेकिन इसका खमियाजा छात्र क्यों भुगतें। उन्होंने कमिश्नर से फीस काउंटर खुलवाने की मांग की। कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने डीएम के जरिए मामले में रास्ता निकालने का आश्वासन दिया।
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शिक्षक निकल गए, घिर गए चीफ प्राक्टर
बरेली। कालेज मेें तालाबंदी के बाद बहुत सारे शिक्षक निकल गए। कर्मचारी भी नहीं रुके। छात्र-छात्राओं की फीस जमा करने के लिए काउंटर खुलवाने पर अडे़ छात्र नेता प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा को भी ढूंढते रहे लेकिन वह कहीं नहीं मिले तो छात्र नेताओं ने चीफ प्राक्टर डॉ. एसी त्रिपाठी को घेर लिया। छात्र नेता पूरे आवेश में थे। वह खुलेआम जिम्मेदार लोगों को अपशब्द कह रहे थे। चीफ प्राक्टर और दोनों सदस्यों को छात्र नेताओं घेरकर सैन्य अध्ययन विभाग में बंद करने की कोशिश की लेकिन काफी मशक्कत करके समझाने में वह कामयाब हो सके।


क्या है सर्विस बुक प्रकरण
दिसंबर 2015 में रिटायर हो चुके कामर्स विभाग के शिक्षक डॉ. गिरीश कुमार की सर्विस बुक में जन्मतिथि 30 दिसंबर 1955 दर्ज थी, जबकि शैक्षिक रिकार्ड में उनकी जन्मतिथि 30 दिसंबर 1953 है। रिटायरमेंट से तीन महीने पहले अक्टूबर में उन्होंने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. आरबी सिंह को प्रार्थनापत्र देकर शैक्षिक प्रमाणपत्रों के मुताबिक जन्मतिथि संशोधित करने की मांग की थी। नवंबर में तत्कालीन प्राचार्य ने उनसे साक्ष्य बतौर सारे शैक्षिक प्रमाणपत्रों की प्रतियां मांगी। ये उपलब्ध कराने के बाद उनकी जन्मतिथि 1953 मानकर 29 दिसंबर 2015 को उनका रिटायरमेंट कर दिया गया लेकिन सर्विस बुक में जन्मतिथि संशोधित नहीं की गई इसलिए दो महीने पहले मई में डॉ. गिरीश ने प्राचार्य को पत्र लिखकर सर्विस बुक में भी जन्मतिथि संशोधित करने की मांग की। नौ जून को डॉ. गिरीश ने लिपिक रामऔतार से लेकर अपनी सर्विस बुक में जन्मतिथि संशोधित कराई। अपने साइन किए और गवाह बतौर शिक्षक नेता डॉ. वीपी सिंह तथा एक अन्य शिक्षक ने बतौर गवाह सर्विस बुक में साइन कर दिए। इस पर प्राचार्य ने रिटायर जिला जज एनसी हरित से जांच कराई और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. वीपी सिंह और लिपिक के खिलाफ मुकदमे के लिए तहरीर दे दी है।


प्राचार्य के इस्तीफे की मांग उठी
शिक्षक संघ कार्यकारिणी की आपात बैठक में कुछ शिक्षकों ने प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव पर शिक्षकों के शोषण का आरोप लगाया। कहा कि उनका रवैया शिक्षकों के प्रति सकारात्मक नहीं है। डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि उनको शिक्षक हितों के लिए लड़ने की वजह से दुर्भावनावश साजिशन फंसाया गया है। कालेज को ऐसे प्राचार्य की जरूरत नहीं है। अब तहरीर वापसी के साथ प्राचार्य के इस्तीफे भी चाहिए। वरना आंदोलन किया जाएगा। बैठक में डॉ. एपी अग्रवाल, डॉ. नीरजा अस्थाना, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. केए वार्ष्णेय, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. राजन शर्मा, डॉ. टीएस चौहान, डॉ. आलोक खरे, डॉ. संजीव, डॉ. रीना अग्रवाल और डॉ. विकास जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।




आज बंद रहेगा कालेज 
बरेली। हंगामा को देखते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने शनिवार को बरेली कालेज बंद रखने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघ और कर्मचारी महाविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद ने शुक्रवार शाम को उन्हें नोटिस दिए कि तहरीर वापस होने तक वे कार्यबहिष्कार करेंगे इसको देखते हुए शनिवार को कालेज बंद रहेगा, ताकि छात्र-छात्राएं परेशान न हों। प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि अब कालेज सोमवार को खुलेगा। उससे पहले छात्र-छात्राएं अपनी फीस आनलाइन जमा कर सकते हैं।
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