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राहे आला हजरत गेट के निर्माण का विरोध
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:04 AM IST
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रामपुर रोड पर जवाहर पैलेस के बराबर वाले रास्ते पर बनाए जा राहे आला हजरत गेट का विरोध होने पर पुलिस ने काम रुकवा दिया। दूसरे समुदाय के लोगों की भीड़ ने खोदे गए गड्ढों में पत्थर डालकर इसका विरोध किया। बाद में आला हजरत दरगाह से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंच गए। तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ द्वितीय स्नेहलता ने बताया कि गेट बनाए जाने का विरोध हुआ है। कोई खास बात नहीं है, बुधवार को दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत करके इस मसले का हल निकाला जाएगा।
रामपुर रोड बाकरगंज क्रासिंग के सामने जवाहर पैलेस से बराबर से टक्कर वाली पुलिया से दरगाह आला हजरत को रास्ता जाता है। नगर निगम ने चार महीने पहले पार्षद रूबी सलीम के प्रस्ताव पर इस रास्ते पर जायरीनों की सुविधा के लिए राहे आला हजरत(दरगाह आला हजरत जाने वाला रास्ता) के नाम से गेट बनाने को मंजूरी दी। इस रास्ते पर प्रस्तावित गेट से दो सौ मीटर की दूरी पर गली में दूसरे समुदाय के लोग रहते हैं। मंगलवार को ठेकेदार ने दिन में गेट बनाने के लिए सड़क के दोनों तरफ गड्ढे खुदवा दिए। देर शाम को बजरी और बजरफुट आकर पड़ा तो दूसरे समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। देर शाम को दूसरे समुदाय की भीड़ ने आकर गेट बनाने को खोदे गए गड्ढों में पत्थर डाल दिए। आला हजरत दरगाह से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी हुई तो तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। पार्षद के पति और आसपास के दो पार्षद भी मौके पर थे। जवाहर पैलेस के पास भीड़ जमा होने की सूचना पर सुभाषनगर और किला थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ द्वितीय स्नेहलता, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने भी मौका जाकर देखा। बाद में भीड़ को समझाकर घर भेज दिया गया। गेट को लेकर दोनों समुदाय के बीच तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स लगा दी गई है। बुधवार को दोनों पक्षों को थाना किला में बैठाकर समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा।
साढ़े चार लाख रुपये की लागत से राहे आला हजरत गेट बनाए जाने को नगर निगम से स्वीकृति मिली है। दिन में काम हो रहा था। पता नहीं कौन और क्यों विरोध कर रहा है-रूबी सलीम, पार्षद
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रामपुर रोड बाकरगंज क्रासिंग के सामने जवाहर पैलेस से बराबर से टक्कर वाली पुलिया से दरगाह आला हजरत को रास्ता जाता है। नगर निगम ने चार महीने पहले पार्षद रूबी सलीम के प्रस्ताव पर इस रास्ते पर जायरीनों की सुविधा के लिए राहे आला हजरत(दरगाह आला हजरत जाने वाला रास्ता) के नाम से गेट बनाने को मंजूरी दी। इस रास्ते पर प्रस्तावित गेट से दो सौ मीटर की दूरी पर गली में दूसरे समुदाय के लोग रहते हैं। मंगलवार को ठेकेदार ने दिन में गेट बनाने के लिए सड़क के दोनों तरफ गड्ढे खुदवा दिए। देर शाम को बजरी और बजरफुट आकर पड़ा तो दूसरे समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। देर शाम को दूसरे समुदाय की भीड़ ने आकर गेट बनाने को खोदे गए गड्ढों में पत्थर डाल दिए। आला हजरत दरगाह से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी हुई तो तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। पार्षद के पति और आसपास के दो पार्षद भी मौके पर थे। जवाहर पैलेस के पास भीड़ जमा होने की सूचना पर सुभाषनगर और किला थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ द्वितीय स्नेहलता, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने भी मौका जाकर देखा। बाद में भीड़ को समझाकर घर भेज दिया गया। गेट को लेकर दोनों समुदाय के बीच तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स लगा दी गई है। बुधवार को दोनों पक्षों को थाना किला में बैठाकर समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा।
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साढ़े चार लाख रुपये की लागत से राहे आला हजरत गेट बनाए जाने को नगर निगम से स्वीकृति मिली है। दिन में काम हो रहा था। पता नहीं कौन और क्यों विरोध कर रहा है-रूबी सलीम, पार्षद
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