बरेली। जिला अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों का कहना है कि मृतक को दिल की बीमारी थी, लेकिन इलाज नहीं किया गया। जबकि डाक्टर ने बताया कि मरीज का सांस की दिक्कत थी, इलाज होने के बाद मरीज ठीक हो गया था। दिल की बीमारी की बात छुपाई गई। उसकी मौत अचानक गई। आक्रोशित तीमारदारों ने डाक्टर से हाथापाई की भी कोशिश की, लेकिन स्टाफ ने बीच बचाव करा दिया।
बिजनौर के कफील अहमद (40) चक महमूद में रहकर फेरी लगाते थे। 17 फरवरी को कमर दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन से इलाज में सुधार भी हुआ। डॉक्टर के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे हार्टफेल होने से मरीज की मौत हो गई। गुस्साए तीमारदारों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हाथापाई करने की कोशिश की, लेकिन मौजूद स्टाफ ने किसी तरह से बचाव किया। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता भी पहुंच गए। उनका कहना था मरीज को सांस की दिक्कत थी, जो ठीक हो चुकी थी। दिल की भी बीमारी है, यह परिजनों ने नहीं बताया। जिला अस्पताल में हार्ट स्पेशलिस्ट नहीं है। परिजन आरोपी डाक्टर पर रिपोर्ट कराने और मुआवजा के लिए हंगामा करते रहे। बाद में परिजनों के अनुरोध पर शव को पैतृक जनपद बिजनौर भिजवा दिया गया।