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बच्चे के अपहरण में पड़ोसी अंकल जाएंगे जेल
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बरेली। बारादरी पुलिस जल्द ही आठ साल के छात्र के अपहरण का खुलासा कर देगी। बच्चे को ले जाने वाले पड़ोसी दीपांशु को पीड़ित परिवार बचाना चाहता था लेकिन मुख्य सूत्रधार होने की वजह से उसके बचने का रास्ता बंद हो गया है। इसके साथ कुछ और आरोपी जेल जाएंगे।
रोहली टोला निवासी अमित के आठ वर्षीय बेटे आयुष को शनिवार दोपहर पड़ोसी दीपांशु घर के बाहर से ले गए। आयुष की बताई कहानी के मुताबिक दीपांशु ने उसे किसी और के हवाले कर दिया कि बच्चे को इसके घर पहुंचा दो। दीपांशु के दोस्त ने उसे एक कोल्डड्रिंक पिलाई तो नींद आ गई। होश आया तो खुद को कमरे में बंद पाया। रात में जब वह चिल्ला रहा था तो एक अन्य व्यक्ति ने खिड़की खोलकर देखा और ताला तोड़कर उसे घर के पास छोड़कर चले गए। उधर, शाम को आयुष की मां कुसुम के नंबर पर बीस लाख रुपये मांगने की कॉल आने के बाद से कई थानों की पुलिस और क्राइम ब्रांच उसे खोज रही थी। पुलिस के मुताबिक इसी दबाव में आयुष को छोड़ा गया। तीन दिन बाद भी पुलिस इस सनसनीखेज मामले में खुलासा नहीं कर पा रही है। इसकी वजह एक आरोपी का फरार होना है। दीपांशु को पुलिस ने थाने में बैठा रखा है। उसे ही पुलिस सूत्रधार मान रही है। बताया जा रहा है कि सीबीगंज निवासी अपने दोस्त की मदद से उसने यह घटना की थी। दोस्त से ही कॉल कराई थी। पुराने शहर में ही किसी जगह बच्चे को रखा गया था। एक आरोपी की तलाश में टीम बाहर गई है। वो मिल गया तो खुलासा मंगलवार को भी हो सकता है।
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रोहली टोला निवासी अमित के आठ वर्षीय बेटे आयुष को शनिवार दोपहर पड़ोसी दीपांशु घर के बाहर से ले गए। आयुष की बताई कहानी के मुताबिक दीपांशु ने उसे किसी और के हवाले कर दिया कि बच्चे को इसके घर पहुंचा दो। दीपांशु के दोस्त ने उसे एक कोल्डड्रिंक पिलाई तो नींद आ गई। होश आया तो खुद को कमरे में बंद पाया। रात में जब वह चिल्ला रहा था तो एक अन्य व्यक्ति ने खिड़की खोलकर देखा और ताला तोड़कर उसे घर के पास छोड़कर चले गए। उधर, शाम को आयुष की मां कुसुम के नंबर पर बीस लाख रुपये मांगने की कॉल आने के बाद से कई थानों की पुलिस और क्राइम ब्रांच उसे खोज रही थी। पुलिस के मुताबिक इसी दबाव में आयुष को छोड़ा गया। तीन दिन बाद भी पुलिस इस सनसनीखेज मामले में खुलासा नहीं कर पा रही है। इसकी वजह एक आरोपी का फरार होना है। दीपांशु को पुलिस ने थाने में बैठा रखा है। उसे ही पुलिस सूत्रधार मान रही है। बताया जा रहा है कि सीबीगंज निवासी अपने दोस्त की मदद से उसने यह घटना की थी। दोस्त से ही कॉल कराई थी। पुराने शहर में ही किसी जगह बच्चे को रखा गया था। एक आरोपी की तलाश में टीम बाहर गई है। वो मिल गया तो खुलासा मंगलवार को भी हो सकता है।
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