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डीजे प्रतिबंध पर कांवड़ियों का हंगामा, नहीं उठाएंगे कांवड़
बरेली।
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:16 AM IST
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Bareilly
- फोटो : Bareilly
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बरेली।
कांवड़ में डीजे पर प्रतिबंध के बाद सिकलापुर और कालीबाड़ी के कांवड़ियों ने कोतवाली में हंगामा किया। एसपी सिटी कार्यालय में नारेबाजी करने के बाद कुछ कांवड़ियों ने साफ कह दिया कि वह कांवड़ नहीं उठाएंगे। एसपी सिटी रोहित सिंह ने कांवड़ियों को शांत करने के साथ समझाया कि तेज आवाज वाले डीजे पर रोक लगाई गई है, साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध नहीं है।
कांवड़ियों के मुताबिक थानों से मिलने वाले अनुमति के फार्म में भी असमंजस बना हुआ है। फार्म के पहले पन्ने पर साउंड सिस्टम की अनुमति सशर्त दिये जाने की बात लिखी है, लेकिन अंतिम पन्ने पर डीजे पर प्रतिबंध लिखा हुआ है। कांवड़ियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है कि डीजे संचालकों से सिस्टम बुक करवाने पर दोनों में फर्क कैसे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कावंड़ियों की आपत्ति इस बाबत भी थी कि पिछले साल भी इतनी सख्ती नहीं की गई थी। फिर इस साल योगी सरकार में डीजे पर सख्ती क्यों की जा रही है।
एसपी सिटी कार्यालय में नारेबाजी
सिकलापुर के कांवड़ियों ने कहा कि शिव भजनों के साथ कांवड़ उठाई जाएंगे। डीजे पर प्रतिबंध गलत है। एसपी सिटी कार्यालय में भी कांवड़ियों ने जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कांवड़ियों को पुलिस ने समझाया कि वह साउंड सिस्टम लेकर कांवड़ में चल सकते हैं। इसकी मनाही नहीं है। इसके बाद कांवड़िये शांत हुए।
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ध्वनि मापने का यंत्र खोजती फिर रही पुलिस
बरेली।
कांवड़ में साउंड सिस्टम की अनुमति के बाद पुलिस के अधिकारियों के सामने ध्वनि स्तर मापने की चुनौती बन गई है। दरअसल पुलिस विभाग के पास ध्वनि मापने का कोई यंत्र उपलब्ध नहीं है। शनिवार को एसपी सिटी रोहित सिंह ने पुलिस लाइंस के प्रतिसार से जानना चाहा कि क्या ध्वनि मापने का यंत्र है, इसके बाद मालूम पड़ा कि पुलिस लाइंस में ऐसा यंत्र मौजूद नहीं है। अब पुलिस विभाग कांवड़ में चलने वाले साउंड सिस्टम का शोर मापने के लिए बरेली कॉलेज, आईवीआरआई सहित संस्थानों से ध्वनि मापने के यंत्र की व्यवस्था कर रहा है।
डीजे पर प्रतिबंध के बाद कांवड़ में साउड सिस्टम को सशर्त अनुमति दी गई है। शासन से निर्देश आए है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में साउड सिस्टम पर बजने वाले गानों की जांच भी की जानी है। जाहिर है कि इस कवायद के लिए पुलिस विभाग को ध्वनि मापने के यंत्रों की आवश्यकता है, लेकिन इनकी उपलब्धता नहीं होने से नई समस्या पैदा हो गई है। पुलिस लाइंस में भी ध्वनि मापक यंत्र मौजूद नहीं है।
मोबाइल एप से भी नापेंगे साउड सिस्टम का शोर
अधिकारियों के मुताबिक ध्वनि मापक यंत्र नहीं मिलने पर मोबाइल एप का सहारा लिया जा सकता है। थाना प्रभारी अपने मोबाइल पर ध्वनि मापने वाले डीबी एप को डाउनलोड करके ध्वनि मापने में उपयोग कर सकते हैं। शनिवार को एसपी सिटी रोहित सिंह ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो मोबाइल एप का सहारा भी लिया जाएगा। शासन के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा।
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कांवड़ में डीजे पर प्रतिबंध के बाद सिकलापुर और कालीबाड़ी के कांवड़ियों ने कोतवाली में हंगामा किया। एसपी सिटी कार्यालय में नारेबाजी करने के बाद कुछ कांवड़ियों ने साफ कह दिया कि वह कांवड़ नहीं उठाएंगे। एसपी सिटी रोहित सिंह ने कांवड़ियों को शांत करने के साथ समझाया कि तेज आवाज वाले डीजे पर रोक लगाई गई है, साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध नहीं है।
कांवड़ियों के मुताबिक थानों से मिलने वाले अनुमति के फार्म में भी असमंजस बना हुआ है। फार्म के पहले पन्ने पर साउंड सिस्टम की अनुमति सशर्त दिये जाने की बात लिखी है, लेकिन अंतिम पन्ने पर डीजे पर प्रतिबंध लिखा हुआ है। कांवड़ियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है कि डीजे संचालकों से सिस्टम बुक करवाने पर दोनों में फर्क कैसे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कावंड़ियों की आपत्ति इस बाबत भी थी कि पिछले साल भी इतनी सख्ती नहीं की गई थी। फिर इस साल योगी सरकार में डीजे पर सख्ती क्यों की जा रही है।
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एसपी सिटी कार्यालय में नारेबाजी
सिकलापुर के कांवड़ियों ने कहा कि शिव भजनों के साथ कांवड़ उठाई जाएंगे। डीजे पर प्रतिबंध गलत है। एसपी सिटी कार्यालय में भी कांवड़ियों ने जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कांवड़ियों को पुलिस ने समझाया कि वह साउंड सिस्टम लेकर कांवड़ में चल सकते हैं। इसकी मनाही नहीं है। इसके बाद कांवड़िये शांत हुए।
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ध्वनि मापने का यंत्र खोजती फिर रही पुलिस
बरेली।
कांवड़ में साउंड सिस्टम की अनुमति के बाद पुलिस के अधिकारियों के सामने ध्वनि स्तर मापने की चुनौती बन गई है। दरअसल पुलिस विभाग के पास ध्वनि मापने का कोई यंत्र उपलब्ध नहीं है। शनिवार को एसपी सिटी रोहित सिंह ने पुलिस लाइंस के प्रतिसार से जानना चाहा कि क्या ध्वनि मापने का यंत्र है, इसके बाद मालूम पड़ा कि पुलिस लाइंस में ऐसा यंत्र मौजूद नहीं है। अब पुलिस विभाग कांवड़ में चलने वाले साउंड सिस्टम का शोर मापने के लिए बरेली कॉलेज, आईवीआरआई सहित संस्थानों से ध्वनि मापने के यंत्र की व्यवस्था कर रहा है।
डीजे पर प्रतिबंध के बाद कांवड़ में साउड सिस्टम को सशर्त अनुमति दी गई है। शासन से निर्देश आए है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में साउड सिस्टम पर बजने वाले गानों की जांच भी की जानी है। जाहिर है कि इस कवायद के लिए पुलिस विभाग को ध्वनि मापने के यंत्रों की आवश्यकता है, लेकिन इनकी उपलब्धता नहीं होने से नई समस्या पैदा हो गई है। पुलिस लाइंस में भी ध्वनि मापक यंत्र मौजूद नहीं है।
मोबाइल एप से भी नापेंगे साउड सिस्टम का शोर
अधिकारियों के मुताबिक ध्वनि मापक यंत्र नहीं मिलने पर मोबाइल एप का सहारा लिया जा सकता है। थाना प्रभारी अपने मोबाइल पर ध्वनि मापने वाले डीबी एप को डाउनलोड करके ध्वनि मापने में उपयोग कर सकते हैं। शनिवार को एसपी सिटी रोहित सिंह ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो मोबाइल एप का सहारा भी लिया जाएगा। शासन के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा।