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सहसवान के जाहिदपुर-आजमपुर में पशुओं के खाने को बेचा जा रहा था पोषाहार
Updated Sun, 16 Dec 2018 09:47 PM IST
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सहसवान के जाहिदपुर-आजमपुर में पशुओं के खाने को बेचा जा रहा था पोषाहार
तहसील प्रशासन ने छापा मारकर पकड़ा, नहीं हुई लिखा-पढ़ी
मामले को दफन करने में लगे तहसील के अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ सहसवान। प्रदेश सरकार कुपोषण मिटाने के लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को देने के लिए पोषाहार भेजा जाता है। मगर यह पोषाहार बच्चों और महिलाओं को बांटने के बजाय पशुओं को चारे के साथ खिलाया जा रहा है। इस घपलेबाजी का एक मामला सहसवान तहसील का सामने आया है।
शनिवार को एक गांव में पिकअप भरा पोषाहार पशुओं को खिलाने के लिए गांव वालों को बेच दिया गया। खबर एसडीएम तक पहुंची तो उन्होंने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा। ग्रामीणों के मुताबिक बेचा गया पोषाहार छापे के दौरान दो घरों में पकड़ा भी गया। मगर तहसील प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में रविवार देर शाम तक तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इस मामले को दबाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को पोषाहार से भरी एक पिकअप गाड़ी सहसवान क्षेत्र के गांव जाहिदपुर-आलमपुर में पहुंची। गांव के लोगों ने चारे के साथ पशुओं को खिलाने के लिए पोषाहार सस्ते दामों पर खरीद लिया। मगर किसी ने इसकी सूचना जिले के एक अधिकारी को दे दी। जिले के अधिकारी ने सहसवान एसडीएम को बताया। एसडीएम ने एक नायब तहसीलदार को मौके पर जाने के निर्देश दिए। इस दौरान बेचने को ले जाया गया पोषाहार ठिकाने लगा दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक तहसील प्रशासन की टीम शनिवार को गांव पहुंची थी। दो लोगों के घरों पर छापा भी मारा गया था, जहां पर खरीदा गया पोषाहार मिला भी था। जिस पिकअप में पोषाहार भरकर ले जाया गया था उसका नंबर भी ग्रामीणों के पास है, जो सहसवान का बताया जाता है। हालांकि यह पोषाहार कहां से आया और किसने बेचा इसका पता नहीं चल सका, लेकिन पोषाहार बेचे जाने की खबर पूरे नगर क्षेत्र में रही।
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उधर, तहसील प्रशासन इस पूरे मामले को दबाए हुए है। पोषाहार बेचने वालों के खिलाफ रविवार देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही इसकी जानकारी आला अफसरों को दी गई है।
वर्जन-
जाहिदपुर-आजमपुर में पोषाहार बेचे जाने की सूचना मिली थी। इस पर तत्काल नायब तहसीलदार राजकुमार को मौके पर भेजा, लेकिन नायब तहसीलदार ने अब तक मामले की कोई रिपोर्ट नहीं दी है। क्या था पूरा मामला यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
- संजय कुमार सिंह, एसडीएम सहसवान
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तहसील प्रशासन ने छापा मारकर पकड़ा, नहीं हुई लिखा-पढ़ी
मामले को दफन करने में लगे तहसील के अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ सहसवान। प्रदेश सरकार कुपोषण मिटाने के लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को देने के लिए पोषाहार भेजा जाता है। मगर यह पोषाहार बच्चों और महिलाओं को बांटने के बजाय पशुओं को चारे के साथ खिलाया जा रहा है। इस घपलेबाजी का एक मामला सहसवान तहसील का सामने आया है।
शनिवार को एक गांव में पिकअप भरा पोषाहार पशुओं को खिलाने के लिए गांव वालों को बेच दिया गया। खबर एसडीएम तक पहुंची तो उन्होंने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा। ग्रामीणों के मुताबिक बेचा गया पोषाहार छापे के दौरान दो घरों में पकड़ा भी गया। मगर तहसील प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में रविवार देर शाम तक तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इस मामले को दबाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को पोषाहार से भरी एक पिकअप गाड़ी सहसवान क्षेत्र के गांव जाहिदपुर-आलमपुर में पहुंची। गांव के लोगों ने चारे के साथ पशुओं को खिलाने के लिए पोषाहार सस्ते दामों पर खरीद लिया। मगर किसी ने इसकी सूचना जिले के एक अधिकारी को दे दी। जिले के अधिकारी ने सहसवान एसडीएम को बताया। एसडीएम ने एक नायब तहसीलदार को मौके पर जाने के निर्देश दिए। इस दौरान बेचने को ले जाया गया पोषाहार ठिकाने लगा दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक तहसील प्रशासन की टीम शनिवार को गांव पहुंची थी। दो लोगों के घरों पर छापा भी मारा गया था, जहां पर खरीदा गया पोषाहार मिला भी था। जिस पिकअप में पोषाहार भरकर ले जाया गया था उसका नंबर भी ग्रामीणों के पास है, जो सहसवान का बताया जाता है। हालांकि यह पोषाहार कहां से आया और किसने बेचा इसका पता नहीं चल सका, लेकिन पोषाहार बेचे जाने की खबर पूरे नगर क्षेत्र में रही।
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उधर, तहसील प्रशासन इस पूरे मामले को दबाए हुए है। पोषाहार बेचने वालों के खिलाफ रविवार देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही इसकी जानकारी आला अफसरों को दी गई है।
वर्जन-
जाहिदपुर-आजमपुर में पोषाहार बेचे जाने की सूचना मिली थी। इस पर तत्काल नायब तहसीलदार राजकुमार को मौके पर भेजा, लेकिन नायब तहसीलदार ने अब तक मामले की कोई रिपोर्ट नहीं दी है। क्या था पूरा मामला यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
- संजय कुमार सिंह, एसडीएम सहसवान
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