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दहशत में आई प्रेमिका दो दिन बाद थाने पहुंची
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:15 AM IST
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बिशारतगंज कस्बे में पति की प्रेमिका का मुंह काला कर चप्पलों से पिटाई करते हुए गांव में घुमाने की आरोपी पत्नी और उसकी मदद करने वाली तीन महिलाओं को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उधर, पिटाई और बदसलूकी से दहशत में आई प्रेमिका मंगलवार को प्रेमी शिवम के साथ बिशारतगंज थाने पहुंची। उसने बताया कि वह बरेली में अपने एक परिचित के घर रही। पुलिस ने उसका सीएचसी मझगवां में मेडिकल कराया। मेडिकल में उसे मामूली चोटें आने की पुष्टि हुई है।
शिवम ने अपनी पत्नी सुमन को घर से निकालकर प्रेमिका रमा (काल्पनिक नाम) को घर में रख लिया था। इससे नाराज सुमन ने अपने परिवार के लोगों के साथ रविवार को शिवम के घर धावा बोल दिया। ये लोग दरवाजा तोड़कर घर में घुसे और रमा को पकड़कर उसकी चप्पलों से पिटाई की। बाद में उसके मुंह पर कालिख पोत दी उसे पूरे गांव में घुमाया। सुमन और उसके घरवालों ने गांव में घुमाने के बाद रमा को दुर्गा मंदिर पर छोड़ दिया। वहां से वह रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहीं उसे शिवम मिल गया। ट्रेन के स्क्वाड ने ग्रामीणों की भीड़ के आगे मुंह पर कालिख लगी एक महिला को देखा तो उसे एसी कोच में बैठाकर गेट बंद कर दिया।
मैं खुद से ज्यादा बच्चे के लिए थी खौफजदा
रमा के मुताबिक, उस दिन उसे खुद से ज्यादा अपने बच्चे के लिए खतरा महसूस हो रहा था। यही वजह है कि सिद्धि विनायक अस्पताल से वह बरेली में अपने एक परिचित के घर ठहरी रही। वह हर हाल में शिवम के साथ ही अपनी जिंदगी बिताएगी। उन्होंने कहा कि मेरे साथ ज्यादती हुई है। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर वह दिल्ली जाने के लिए पहुंची थी, लेकिन ट्रेन में स्क्वाड के साथ वह बरेली आ गई। शिवम भी साथ था। लिहाजा दोनों यही रहे। उन्होंने बताया कि ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी के प्रयास की बात गलत है।
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दो जमानती देने के आदेश
मोहनपुर ठिरिया और बिसारतगंज से पुलिस ने पत्नी सुमन, प्रेमवती, मंजू और रूबी को गिरफ्तार किया था। उन्हें मंगलवार को एसीजेएम यशवंत सरोज की कोर्ट में पेश किया गया। एसीजेएम ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। सभी को बीस-बीस हजार रुपये के दो जमानती देेने का आदेश दिया गया है।
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शिवम ने अपनी पत्नी सुमन को घर से निकालकर प्रेमिका रमा (काल्पनिक नाम) को घर में रख लिया था। इससे नाराज सुमन ने अपने परिवार के लोगों के साथ रविवार को शिवम के घर धावा बोल दिया। ये लोग दरवाजा तोड़कर घर में घुसे और रमा को पकड़कर उसकी चप्पलों से पिटाई की। बाद में उसके मुंह पर कालिख पोत दी उसे पूरे गांव में घुमाया। सुमन और उसके घरवालों ने गांव में घुमाने के बाद रमा को दुर्गा मंदिर पर छोड़ दिया। वहां से वह रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहीं उसे शिवम मिल गया। ट्रेन के स्क्वाड ने ग्रामीणों की भीड़ के आगे मुंह पर कालिख लगी एक महिला को देखा तो उसे एसी कोच में बैठाकर गेट बंद कर दिया।
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मैं खुद से ज्यादा बच्चे के लिए थी खौफजदा
रमा के मुताबिक, उस दिन उसे खुद से ज्यादा अपने बच्चे के लिए खतरा महसूस हो रहा था। यही वजह है कि सिद्धि विनायक अस्पताल से वह बरेली में अपने एक परिचित के घर ठहरी रही। वह हर हाल में शिवम के साथ ही अपनी जिंदगी बिताएगी। उन्होंने कहा कि मेरे साथ ज्यादती हुई है। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर वह दिल्ली जाने के लिए पहुंची थी, लेकिन ट्रेन में स्क्वाड के साथ वह बरेली आ गई। शिवम भी साथ था। लिहाजा दोनों यही रहे। उन्होंने बताया कि ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी के प्रयास की बात गलत है।
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दो जमानती देने के आदेश
मोहनपुर ठिरिया और बिसारतगंज से पुलिस ने पत्नी सुमन, प्रेमवती, मंजू और रूबी को गिरफ्तार किया था। उन्हें मंगलवार को एसीजेएम यशवंत सरोज की कोर्ट में पेश किया गया। एसीजेएम ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। सभी को बीस-बीस हजार रुपये के दो जमानती देेने का आदेश दिया गया है।