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पंजाब के निर्मल गैंग ने लूटा था टॉप कैरेट ज्वेलरी शोरूम

Sat, 23 Jun 2018 12:54 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sat, 23 Jun 2018 12:54 AM IST
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Nirmal gang behind top carat loot case
arrested
पीलीभीत हाईवे स्थित टॉप कैरेट ज्वेलरी शोरूम में लूट पंजाब के निर्मल गैंग ने की थी। शाहजहांपुर कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान पांच बदमाशों ने लूट की योजना बनाई थी। साल की सबसे बड़ी लूट के खुलासे में जुटी एसटीएफ ने शाहजहांपुर के कांट थानाक्षेत्र के गांव मोहनपुर निवासी शंकर शर्मा को पकड़ने के बाद वारदात के खुलासे में सफलता हासिल की। शंकर सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में किराये पर रहकर ऑटो चलाता है। शंक र से ही एसटीएफ को पंजाब के निर्मल का लिंक मिला। बरनाला से निर्मल की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उसने वारदात को अंजाम देने के बाद डेयरी के लिए लिए गए 23 लाख रुपये के लोन की किस्त चुकाने के लिए 6.74 हजार रुपये जमा किए थे। एसटीएफ ने एसबीआई का यह लोन खाता फ्रीज किया है। तीन बदमाश अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
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बकौल पुलिस, पूछताछ में निर्मल ने बताया कि जब वह लूट के एक मुकदमे में शाहजहांपुर जेल में बंद था तभी उसकी मुलाकात तिलहर के राजेश उर्फ झंडू, मनोज, उत्तराखंड के सतनाम और शंकर से हुई थी। जेल में ही यह तय कर लिया था कि बाहर आने के बाद सब मिलकर काम करेंगे। निर्मल के मुताबिक, तारीख पर आने के दौरान उत्तराखंड के सतनाम ने टॉप कैरेट शोरूम की रेकी कर ली थी। चार जून को शाहजहांपुर कोर्ट में करने के बाद तय हुआ था कि शोरूम लूटना है। इसके बाद मनोज की अपाचे और राजेश की ग्लैमर बाइक से पांचों बीसलपुर के गांव पहुंचे। वहां मनोज की मौसी रहती है। वहां से सभी चार जून को सुबह 10 बजे सेटेलाइट चौराहे पर पहुंचे।
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शंकर को नहीं दिया हिस्सा
निर्मल सिंह ने सतनाम, मनोज और राजेश उर्फ झंडू को वारदात करने के लिए शोरूम पर भेजा, जबकि खुद शंकर के साथ निगरानी करने लगा। बदमाशों ने शोरूम से करीब दो किलो सोना, तीन किलो चांदी और 22 हजार की नकदी लूटी थी। इसके बाद दो बाइकों से सभी बीसलपुर के रास्ते तिलहर पहुंचे। यहां लूट के माल के चार हिस्से किए गए। शंकर को लूट में हिस्सा नहीं दिया गया। उसे सिर्फ कुछ हजार रुपये देकर सुभाषनगर वापस भेज दिया था।
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मनोज और राजेश ने बेचे थे जेवर
तिलहर में निर्मल ने मनोज और राजेश के जरिये जेवरों का एक हिस्सा सराफ के पास सात लाख में बिकवाया था। इसके बाद निर्मल चार जून को ही शाम 7:40 बजे ट्रेन से अंबाला होकर बरनाला के लिए निकल गया। एसटीएफ के मुताबिक सिर्फ मनोज और झंडू को ही लूट का माल खरीदने वाले सराफ की जानकारी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही माल की बरामदगी हो सकेगी। एसटीएफ प्रभारी अजयपाल के मुताबिक बदमाशों ने लूटी गई डीबीआर बीसलपुर के पास तोड़कर फेंकी थी। एसटीएफ ने बदमाशों से दो तमंचे 315 बोर, लूट में प्रयुक्त सफेद अपाचे बाइक, एसबीआई बैंक के लोन खाते की पासबुक और तीन मोबाइल बरामद किए हैं। जेवर के बाकी तीन हिस्से सतनाम, राजेश और मनोज के पास हैं।


लुटेरा ऑटो चालक नहीं है यातायात पुलिस के रिकार्ड में
ऑटो चालक शंकर वारदात के बाद भी पुलिस मूवमेंट पर निगाह रखकर बदमाशों को सूचनाएं दे रहा था। वह तिलक कॉलोनी में राजीव चौहान के घर में किराये पर रहता है। सबसे खास बात यह कि उसके पास शहर परमिट का लाइसेंस है, लेकिन बीते दिनों ट्रैफिक पुलिस के अभियान में उसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया गया था। उसका रिकार्ड ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है।



 
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