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पशु तस्करों और सटोरियों से दोस्ती निभा रही पुलिस
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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सख्ती के बावजूद बरेली में दो सिपाहियों की पशु तस्करों और सटोरियों से दोस्ती सामने आई है। दोनों पशु तस्करों के लिए मुखबिरी करते हैं। गोपनीय शाखा ने जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की संस्तुति के साथ एसएसपी मुनिराज जी. को भेज दी है।
गोपनीय शाखा को एक गुमनाम चिट्ठी मिली थी। इसमें बारादरी थाने में तैनात रहे एक सिपाही पर सट्टा किंग से उगाही करने का आरोप था। जांच शुरू होने पर जब सिपाही के मोबाइल की कॉल डिटेल की पड़ताल की गई तो उसकी सट्टे का कारोबार करने वाली एक महिला से लगातार बातचीत सामने आई। सिपाही ने महिला सटोरिया से कैसे और कितना रुपया वसूला तथा यह रुपया किस स्तर तक पहुंचा, अब इसकी जांच की जा रही है।
छह महीने में 122 बार पशु तस्कर से बातचीत
ऐसी ही गुमनाम चिट्ठी में देहात के एक थाने के सिपाही के खिलाफ पशु तस्करों के लिए मुखबिरी करने के आरोप लगे। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो उसकी पशु तस्करों से छह महीने में करीब 122 बार बात होने का ब्योरा मिला। जांच में आशंका जताई गई कि सिपाही पशु तस्करों का मददगार है। सिपाही गाड़ियों को पास कराने के दौरान पुलिस मूवमेंट की जानकारी भी तस्करों तक पहुंचाने का काम करता है।
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गोपनीय शाखा को एक गुमनाम चिट्ठी मिली थी। इसमें बारादरी थाने में तैनात रहे एक सिपाही पर सट्टा किंग से उगाही करने का आरोप था। जांच शुरू होने पर जब सिपाही के मोबाइल की कॉल डिटेल की पड़ताल की गई तो उसकी सट्टे का कारोबार करने वाली एक महिला से लगातार बातचीत सामने आई। सिपाही ने महिला सटोरिया से कैसे और कितना रुपया वसूला तथा यह रुपया किस स्तर तक पहुंचा, अब इसकी जांच की जा रही है।
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छह महीने में 122 बार पशु तस्कर से बातचीत
ऐसी ही गुमनाम चिट्ठी में देहात के एक थाने के सिपाही के खिलाफ पशु तस्करों के लिए मुखबिरी करने के आरोप लगे। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो उसकी पशु तस्करों से छह महीने में करीब 122 बार बात होने का ब्योरा मिला। जांच में आशंका जताई गई कि सिपाही पशु तस्करों का मददगार है। सिपाही गाड़ियों को पास कराने के दौरान पुलिस मूवमेंट की जानकारी भी तस्करों तक पहुंचाने का काम करता है।
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