फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Case againt doc-nurse for asking bribe

इलाज न करने से हुई थी बच्चे की मौत, डॉक्टर-नर्स पर रिपोर्ट

Sun, 08 Jul 2018 12:29 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sun, 08 Jul 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
Case againt doc-nurse for asking bribe
एफआईआर
उघैती (बदायूं) के 10 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में चार दिन बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ रिश्वत मांगने की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि रिश्वत न दिए जाने पर डॉक्टर और नर्स ने बच्चे का इलाज करने से इंकार कर दिया। बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसके पिता ने उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस कॉल की, लेकिन एंबुलेंस भी पांच घंटे तक नहीं आई। इसी बीच बच्चे की मौत हो गई। हालांकि एफआईआर में आरोपी डॉक्टर और नर्स के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
विज्ञापन

उघैती के रहने वाले धर्मपाल के मुताबिक उनके दस वर्षीय बेटे दीनदयाल को तेज बुखार था। वह उसे इलाज के लिए बदायूं के जिला अस्पताल ले गए थे जहां इलाज के बाद उसे बरेली रेफर कर दिया गया था। वह जब बेटे को लेकर बरेली जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां उसे भर्ती करने के बजाय स्टाफ ने बदसलूकी की। काफी फरियाद करने के बाद उसे बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया। धर्मपाल का कहना है कि डॉक्टर उनके बच्चे को देखने आए तो उन्होंने उनसे दस हजार रुपये जमा कराने को कहा। नर्स ने पांच सौ रुपये की मांग की। उन्होंने इतना पैसा होने से इंकार किया तो उनके बेटे का इलाज ही नहीं किया गया।
विज्ञापन

इस बीच दीनदयाल की हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की तो पांच घंटे तक एंबुलेंस भी नहीं आई। उन्होंने परेशान होकर डॉक्टर को फोन किया तो बार-बार उनसे यहीं कहा गया कि उनका बच्चा ठीक है, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बता दें कि बुधवार रात दीनदयाल की मौत होने के बाद उसके पिता धर्मपाल उसका शव अस्पताल में ही छोड़कर चले गए थे। इसी कारण मामला चर्चा में आया था। स्टाफ ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर शव मोर्चरी पर रखवा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर पर एफआईआर की खबर पर वर्जन
मामला संज्ञान में है। शिकायत मिलने पर संबंधित डॉक्टर और शिकायतकर्ता को बुलाकर बात की। लेकिन आरोप साबित नहीं हो सका। मुकदमा दर्ज हुआ है, जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।- डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed