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अहलादपुर मुठभेड़- बिना बयान दर्ज कराए चले गए मृतकों के परिजन
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बरेली। अहलादपुर में हुई कथित मुठभेड़ में दो बदमाशों की मौत के बाद उनके परिजनों को सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के लिए बुलाया था। कपिल चौधरी का भाई सुरेंद्र और अशोक वाल्मीकि के पिता विजय सिंह छोटेलाल सोमवार को बरेली आए और सिटी मजिस्ट्रेट को बिना बयान दिए लौट गए। उन्होंने कुछ कागजात न होने की बात कहकर बयान दर्ज कराने से मना कर दिया। साथ ही सुरक्षा भी मांगी है।
सुरेंद्र और अशोक ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र सौंपकर बताया कि उन्हें अभी तक मुठभेड़ से संबंधित पूरे कागजात ही नहीं मिले हैं। खासकर पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र उन्हें नहीं मिले हैं। ऐसे में आधी अधूरी जानकारी के साथ वह बयान नहीं दे सकते। बताया कि उनके कार्यालय आते वक्त उन्हें कुछ संदिग्ध लोग दिख रहे थे, जो उन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसलिए वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक उन्हें सुरक्षा दी जाए। उनके बयान के लिए कोई अगली तारीख दे दी जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्र लेकर उन्हें भेज दिया।
समकक्ष अधिकारी से जांच पर सवाल
बरेली। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने स्वतंत्र रूप से मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कई झोल बताते हुए मुठभेड़ को हत्या करार दिया है और एनकाउंटर टीम की विशेष जांच कराने की मांग की है। साथ ही डीएम को पत्र लिखकर सिटी मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी बनाने पर सवाल लगाया है। कहा है कि जब एएसपी और सीओ जैसे अधिकारी घटना में शामिल हैं तो उनके समकक्ष अधिकारी को उनकी भूमिका की जांच सौंपना कहां का तर्क है। कहा है कि जांच किसी अन्य सीनियर मजिस्ट्रेट से कराएं और संबंधित अधिकारियों को जिले से बाहर ट्रांसफर किया जाए।
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सुरेंद्र और अशोक ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र सौंपकर बताया कि उन्हें अभी तक मुठभेड़ से संबंधित पूरे कागजात ही नहीं मिले हैं। खासकर पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र उन्हें नहीं मिले हैं। ऐसे में आधी अधूरी जानकारी के साथ वह बयान नहीं दे सकते। बताया कि उनके कार्यालय आते वक्त उन्हें कुछ संदिग्ध लोग दिख रहे थे, जो उन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसलिए वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक उन्हें सुरक्षा दी जाए। उनके बयान के लिए कोई अगली तारीख दे दी जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्र लेकर उन्हें भेज दिया।
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समकक्ष अधिकारी से जांच पर सवाल
बरेली। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने स्वतंत्र रूप से मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कई झोल बताते हुए मुठभेड़ को हत्या करार दिया है और एनकाउंटर टीम की विशेष जांच कराने की मांग की है। साथ ही डीएम को पत्र लिखकर सिटी मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी बनाने पर सवाल लगाया है। कहा है कि जब एएसपी और सीओ जैसे अधिकारी घटना में शामिल हैं तो उनके समकक्ष अधिकारी को उनकी भूमिका की जांच सौंपना कहां का तर्क है। कहा है कि जांच किसी अन्य सीनियर मजिस्ट्रेट से कराएं और संबंधित अधिकारियों को जिले से बाहर ट्रांसफर किया जाए।
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