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ससुर से हलाला पीड़िता को भाई की गुमशुदगी में शौहर-देवरों पर शक
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बरेली। ससुर से हलाला के लिए मजबूर की गई पीड़िता का दो सप्ताह से लापता भाई आखिरकार मिल गया। शुक्रवार को निदा खान के साथ एडीजी से मिली पीड़िता ने शक जताया कि उसके भाई को उसके शौहर और दो देवरों ने अगवा किया था। उसने एफआईआर दर्ज कराकर इसकी जांच कराने का आग्रह किया।
पीड़िता का उसके शौहर से विवाद अदालत में लंबित है। पीड़िता के मुताबिक इसी दुश्मनी में कुछ समय पहले पति के भाइयों ने उसके दिमागी तौर पर कमजोर भाई को बाइक से टक्कर मार दी थी। कई बार उन्होंने उसे धमकी भी दी थी कि वह उससे मुकदमा वापस कराए। पीड़िता ने एडीजी को बताया उसका भाई दो दिन पहले बानखाना में रिक्शे पर मिला था। उसके हाथ में जिला अस्पताल का पर्चा था। वे लोग जिला अस्पताल गए तो मालूम हुआ कि कोतवाली पुलिस उसे वहां लाई थी और लावारिस बताकर भर्ती कराया गया था। कोतवाली से पता चला कि उसके भाई को आंवला पुलिस बरेली लाई थी। आंवला में वह बुरी हालत में पड़ा मिला था। जिला अस्पताल वालों ने बताया कि उसके भाई ने बानखाना में नानी का घर बताया था। इसी कारण उसे रिक्शे पर बानखाना भेज दिया गया ताकि वह वहां अपना घर पहचान ले।
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पीड़िता का उसके शौहर से विवाद अदालत में लंबित है। पीड़िता के मुताबिक इसी दुश्मनी में कुछ समय पहले पति के भाइयों ने उसके दिमागी तौर पर कमजोर भाई को बाइक से टक्कर मार दी थी। कई बार उन्होंने उसे धमकी भी दी थी कि वह उससे मुकदमा वापस कराए। पीड़िता ने एडीजी को बताया उसका भाई दो दिन पहले बानखाना में रिक्शे पर मिला था। उसके हाथ में जिला अस्पताल का पर्चा था। वे लोग जिला अस्पताल गए तो मालूम हुआ कि कोतवाली पुलिस उसे वहां लाई थी और लावारिस बताकर भर्ती कराया गया था। कोतवाली से पता चला कि उसके भाई को आंवला पुलिस बरेली लाई थी। आंवला में वह बुरी हालत में पड़ा मिला था। जिला अस्पताल वालों ने बताया कि उसके भाई ने बानखाना में नानी का घर बताया था। इसी कारण उसे रिक्शे पर बानखाना भेज दिया गया ताकि वह वहां अपना घर पहचान ले।
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