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रक्षा भूमि में ‘जंगल’ बसाने पर सांसद की आपत्ति

Tue, 08 Jan 2019 01:19 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:19 AM IST
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रक्षा भूमि में ‘जंगल’ बसाने पर सांसद की आपत्ति
बरेली। रक्षा भूमि की ‘सुरक्षा’ के लिए रक्षा संपदा विभाग की ओर से पौधरोपण कराए जाने पर सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने आपत्ति जताई है। उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर पौधरोपण के चलते आगामी दिनों में जंगल बनने की संभावना जताई है। साथ ही, जंगल में बसने वाले वन्य जीवों से जनता को असुरक्षा जताई है। उन्होंने पौधरोपण रुकवाकर खेती कराने का सुझाव भी दिया है।
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मामला सदर कैंट के पास स्थित चनेहटा एवं चैत गौटिया गांव का है। रक्षा संपदा विभाग की ओर से यहां खाली पड़ी रक्षा भूमि को अवैध कब्जे से बचाने के लिए वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण की योजना बनाई गई है। सूत्रों का कहना है कि सेना की भूमि को फेंसिंग के जरिए सुरक्षित करने के लिए विभाग के पास बजट नहीं है। ऐसे में सैकड़ों पौधे रोपित कर ‘जंगल’ बसाने की तैयारी है। इसमें किनारों पर कंटीले पौधे (बबूल) और अंदर की ओर छायादार प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। मामले की जानकारी होने पर पहले ग्रामीणों ने आपत्ति जताई लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने सांसद से मुलाकात कर पौधरोपण के आदेश को रुकवाने की मांग की है। डीएम ने सांसद के पत्र को रक्षा संपदा विभाग को विचार के लिए भेज दिया है। वहीं, मामले पर रक्षा संपदा अधिकारी ने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है।
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क्या लिखा है पत्र में
आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने डीएम को संबोधित पत्र में लिखा है कि ‘ग्राम चनेहटा चैत गौटिया (सदर कैंट) के पास रक्षा भूमि पर आबादी के पास पौधरोपण होना है। इससे आरएन टैगोर इंटर कॉलेज के विद्यार्थी और क्षेत्रवासियों के लिए असामाजिक घटनाओं और जंगली जानवरों का डर बना रहेगा। इसको देखते हुए आबादी क्षेत्र के पास रक्षा भूमि पर पौधरोपण रुकवाने की कृपा करें। भूमि खेती के लिए प्रयोग हो।’
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कब्जामुक्त भूमि पर हुआ है पौधरोपण
बता दें कि करीब 219 एकड़ रक्षा भूमि पर अवैध कब्जे थे। रक्षा संपदा विभाग ने विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत इसे मुक्त कराया। दोबारा कब्जे से बचाने के लिए डीईओ ने बबूल एवं अन्य पौधे लगाकर उसे संरक्षित करने की योजना बनाई। तकरीबन 219 एकड़ भूमि पर पौधरोपण किया जा चुका है। बाकी जमीनों में चैत गौटिया शामिल है।
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