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तड़के लूट, दोपहर में एनकाउंटर

Tue, 08 Jan 2019 01:19 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:19 AM IST
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तड़के लूट, दोपहर में एनकाउंटर
बरेली। शास्त्रीनगर के एटी-19 में रहने वाले सराफ अनूप अग्रवाल के चचेरे भाई विमल अग्रवाल, मुंशी सुमित निवासी जोगीनवादा और उनके ड्राइवर कांता प्रसाद निवासी किला छावनी आटो से जंक्शन की तरफ आला हजरत एक्सप्रेस पकड़ने के लिए निकले थे। उन्हें दिल्ली जाना था। उनके पास तीन बैग थे। दो में लाखों रुपये थे। सभी बैग आटो में पीछे खाली जगह में रखे गए थे। उनका आटो करीब 5:30 बजे कोहाड़ापीर चौकी से कुछ आगे पुलिया पर पहुंचा था। दो बाइक सवार छह बदमाशों ने आटो को ओवरटेक करके रोक लिया। उनमें से चार बदमाशों के हाथ में तमंचे थे। आटो ड्राइवर राजाराम निवासी बंशीनगला के मुताबिक बदमाशों ने बाइक से उतरते ही दो राउंड फायर जमीन पर किए। उसको गोली मारने की धमकी देते हुए पीछे बैठे लोगों से बैग छीने जाने लगे। जोर आजमाइश के बीच एक बदमाश ने गोली चलाई, जोकि सुमित के सिर में दाई तरफ रगड़ती हुई निकली। उसके लहूलुहान होने के बाद दो बैग लेकर बदमाश बाइक पर कुतुबखाना की तरफ भाग निकले। विमल ने अनूप अग्रवाल को फोन करके वारदात की जानकारी दी और रामपुर गार्डन के निजी अस्पताल में सुमित को भर्ती किया गया। जिसके बाद करीब 8:30 बजे अनूप, विमल और कांता प्रसाद कोतवाली पहुंचे। पुलिस को लूट की तहरीर सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अहलादपुर- दोपहर 2:30 बजे
एसपी सिटी अभिनंदन के मुताबिक लूट होने के बाद नाकाबंदी कर दी गई थी। दोपहर करीब एक बजे बैरियर दो चौकी पर सीओ तृतीय अशोक मीना संदिग्ध बाइक सवारों की चेकिंग में मशगूल थे। शातिर बदमाश जोकि सात घंटे तक शहर में ही थे, बैरियर दो चौकी पर चेकिंग देखकर भागने लगते हैं। पुलिस उन्हें गाड़ी रोकने का इशारा करती है और आवाज देती है, लेकिन बदमाश गाड़ी की गति बढ़ाकर बड़ा बाईपास की तरफ भागते हैं। सीओ तृतीय का मदद चाहिए थी, इसलिए कंट्रोल को वायरलेस मेसेज दिया जाता है। जिसे सुनकर सीओ सिटी कुलदीप कुमार और इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल बदमाशों की घेराबंदी को निकल पड़ते हैं। बड़ा बाईपास पर अहलादपुर चौकी की पुलिस हाईवे पर बैरियर नहीं लगा पाती है, लेकिन फिर भी बदमाश यहां घिर जाते हैं और खेत की पगडंडी पर बाइक उतार देते हैं। कुछ आगे जाने पर पगडंडी मुड़ती है, लेकिन बदमाश खेतों में गाड़ी उतार देते हैं और गिर पड़ते हैं। बदमाश सामने के गन्ने के खेत में छिप जाते हैं। फिल्मी सीन की तरह यहां दो बदमाश मोर्चा लेते हैं, जबकि चार खेतों के रास्ते भागने लगते हैं। पुलिस और बदमाशों के बीच करीब बीस मिनट क्रास फायरिंग के बाद दोनों बदमाशों को गोली लग जाती है। तत्काल इंस्पेक्टर गीतेश कपिल अपनी गाड़ी में दोनों बदमाशों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां दोनों को मृत घोषित किया गया। वहीं अहलादपुर में पूरे जनपद की पुलिस बल पहुंच गया। मीडिया को बताया गया कि फरार बदमाशों को तलाशा जा रहा है, हालांकि ऐसी जद्दोजहद नजर नहीं आई। खेतों के छोरो पर पुलिस की मौजूदगी रही। कुछ ही देर में एडीजी प्रेम प्रकाश, एसएसपी मुनिराज जी घटनास्थल पर आए।
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सराफ ने बैग जांचने के बाद तस्दीक की
सराफ अनूप अग्रवाल, विमल और कांता प्रसाद को अहलादपुर में घटनास्थल पर बुलाया गया। बैग को खोलकर अनूप ने रुपये जांचने के बाद तस्दीक की। वहीं विमल और कांता प्रसाद को बदमाशों के फोटो दिखाकर भी तस्दीक कराई गई। अनूप ने बताया कि यह रुपया उनका ही है।
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गोलियां चलते ही सामान छोड़ भाग ग्रामीण
पुलिस और बदमाशों की गोलियों की आवाजों ने एरिया में दहशत फैला दी। खेत के किनारे गिरी पड़ी साइकिल, खेतों में कीटनाशक का छिड़काव की मशीन और गिर पड़े ड्रम बता रहे थे कि लोग सामान छोड़कर भाग चुके थे। वहीं तमाशबीन लोगों की हाईवे क े किनारे भारी भीड़ रही। पुलिस ने उन्हें घटनास्थल से दूर रखा।

मुठभेड़ का सीन
खेत में दो बाइक पड़ी मिली। एक की नंबर प्लेट मुड़ी हुई थी। कुछ दूरी पर खेत के एक कोने पर तमंचा और कपड़े से सिली गई गोली रखने की बेल्ट पड़ी मिली। कुछ दूरी पर दूसरा तमंचा था। एक खाली कारतूस था। खेत के अंदर भी कई कारतूस मौजूद थे। बदमाशों के भागने की दिशा में पेड़ और घास पर खून के निशान मौजूद थे। जोकि कुछ दूरी तक जाकर खत्म हो जाते थे।

डीजी कमेंडेशन डिस्क से होंगे सम्मानित
आईजी ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि एनकाउंटर में महती भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों की जानकारी डीजीपी कार्यालय को भेजी जा रही है। प्रमुख अफसर डीजी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किए जाएंगे। वहीं डीजीपी ओपी सिंह ने 50 हजार नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

ऑपरेशन के बाद मुंशी खतरे से बाहर
सुमित का दोपहर में ऑपरेशन करके सिर पर लगे छर्रे निकाले गए। उसको आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टर के मुताबिक हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने वारदात खुलासे के लिए आटो चालक राजाराम को पकड़ा था। उसने बताया कि लल्लन सिंह चौहान को सराफ को लेने जाना था, लेकिन सुबह लल्लन ने नकटिया पर दूसरी सवारी लेने की बात कहकर उसे भेजा था। बदमाशों के एनकाउंटर के बाद दोनों को पुलिस ने छोड़ दिया।

बदमाशों को मालूम था किस बैग में रुपये है
आटो चालक राजाराम के मुताबिक बैग छीनने आए बदमाशों को पता था कि किस बैग में रुपया रखा गया है। सुमित ने बदमाशों को पहले कपड़ों वाला बैग दिया था, लेकिन एक बदमाश ने कहा कि इसमें रुपये नहीं है, दूसरा बैग दो। सराफ विशाल महरोत्रा ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि कोई बाजार का व्यक्ति बदमाशों के लिए सराफाओं की रेकी करने लगा है। पहले गांधीनगर में वारदात की, फिर लाखों रुपये लेकर सुबह 5.30 बजे दिल्ली जाने की जानकारी बदमाशों तक कैसे पहुंची। यह सटीक रेकी से हुआ है।


बदमाश की तस्वीर देख उर्मिला ने कहा - यही आया था वर्दी में
प्रेमनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को मृत बदमाशों की तस्वीर लेकर गांधीनगर में सराफ अनिल अग्रवाल के पास भेजा गया। उनकी पत्नी उर्मिला ने एक बदमाश को पहचान लिया कि यही बीते बुधवार को पुलिस वर्दी में उनके घर आया था। इंस्पेक्टर ने एसपी सिटी को जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि अनिल अग्रवाल के घर से लूटा गया रुपया भागे हुए बाकी बदमाशों के पास है। उनके पकड़े जाने के बाद ही खुलासा किया जाएगा।
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