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दफन हो गया रिठौरा राशन घोटाला
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बरेली। गरीबों के हिस्से का राशन व्यापारियों के जरिये ठिकाने लगाने का खुलासा करने वाला रिठौरा राशन घोटाला भी प्रशासन ने आखिरकार फाइलों में दफन कर दिया। इस मामले में रिठौरा के आढ़त मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ थाना हाफिजगंज और भुता में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने इनमें से सिर्फ पिकअप ड्राइवर वीरपाल को ही गिरफ्तार किया। बाकी अभियुक्तों को इतनी मोहलत दी कि वे कोर्ट से स्टे ले आए। इनके खिलाफ चार्जशीट जरूर दाखिल कर दी गई।
पिछले साल 27 नवंबर को तत्कालीन एसपी देहात डॉ. सतीश कुमार ने रिठौरा की एक आढ़त परछापा मारकर वहां सरकारी राशन से लदी खड़ी एक पिकअप को पकड़ा था। पूर्ति विभाग और मंडी की टीमों ने पहले तो इसे सरकारी राशन मानने से इंकार कर दिया और आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई, लेकिन अमर उजाला की सुर्खियां बनने बाद इस मामले में जांच हुई तो प्रशासन और पूर्ति विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की परतें उधड़नी शुरू हो गई। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के आदेश पर हुई जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक जगतपाल सिंह और अवधेंद्र कुमार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भुता और हाफिजगंज में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आढ़ती कमल गुप्ता, फरीदपुर नगर पालिक परिषद के पूर्व चेयरमैन बेटे रवींद्र गुप्ता, एसएफसी गोदाम भुता के मुनीम राकेश सक्सेना और गाड़ी मालिक वीरपाल को नामजद किया गया था। इसमें पुलिस ने वीरपाल को ही गिरफ्तार किया था।
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पिछले साल 27 नवंबर को तत्कालीन एसपी देहात डॉ. सतीश कुमार ने रिठौरा की एक आढ़त परछापा मारकर वहां सरकारी राशन से लदी खड़ी एक पिकअप को पकड़ा था। पूर्ति विभाग और मंडी की टीमों ने पहले तो इसे सरकारी राशन मानने से इंकार कर दिया और आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई, लेकिन अमर उजाला की सुर्खियां बनने बाद इस मामले में जांच हुई तो प्रशासन और पूर्ति विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की परतें उधड़नी शुरू हो गई। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के आदेश पर हुई जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक जगतपाल सिंह और अवधेंद्र कुमार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भुता और हाफिजगंज में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आढ़ती कमल गुप्ता, फरीदपुर नगर पालिक परिषद के पूर्व चेयरमैन बेटे रवींद्र गुप्ता, एसएफसी गोदाम भुता के मुनीम राकेश सक्सेना और गाड़ी मालिक वीरपाल को नामजद किया गया था। इसमें पुलिस ने वीरपाल को ही गिरफ्तार किया था।
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