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दो गांवों के पांच घरों को निशाना बनाने के बाद की हत्या
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भोजीपुरा। चोरी और हत्या की वारदात से पहले गैंग ने चालीस मिनट में ही दो गांवों के पांच घरों को निशाना बनाया था। वे एक के बाद दूसरे घर में चोरी करते हुए आगे बढ़ रहे थे और घिरने की स्थिति में फायरिंग करके हत्या कर दी। पुलिस और क्राइम ब्रांच स्थानीय बदमाशों की हरकत मानते हुए उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
बदमाशों ने जनक जागीर गांव में हरिप्रसाद के घर में चोरी से पहले सुरेश राजपूत के घर को निशाना बनाया। वहां से 6280 रुपये चोरी किए। इसके बाद कुंडी काटकर अनोखेलाल कश्यप के घर में घुसे। इसके बाद मंगलसेन कश्यप के घर से चार हजार रुपये चुराए। रात डेढ़ बजे जनक जागीर से एक किमी दूर मियांपुर गांव में कृष्णपाल कटियार के घर से सवा तोला सोने की चेन, बारह सौ रुपये और नितिन कटियार के घर से साढ़े बारह हजार रुपये व एक जोड़ी सोने के कुंडल ले गए। गांव से निकलते वक्त मियांपुर के लालता प्रसाद कटियार ने टोका तो उन पर पौनिया बंदूक तान दी। लालता प्रसाद ने घर में घुसकर जान बचाई।
मफलर, चप्पलें और चाकू छोड़ गए
घटना के बाद एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने मुआयना किया। उनका कहना है कि बीच गांव में छैमार या घुमंतू बदमाश वारदात नहीं करते। वे किनारे के घरों को निशाना बनाते हैं। कई और ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे बदमाशों के स्थानीय होने का अंदेशा बढ़ा। बदमाश अपनी चप्पलें, मफलर और एक चाकू छोड़ गए। ऐसे में साफ है कि चोर चेहरा उजागर होने देना नहीं चाहते थे। जब हरिप्रसाद ने एक चोर को अपना बेटा समझकर बात की तो भी वह बस ‘हूं’ ही बोला। दो अन्य स्थानों पर, जहां लोगों का चोरों से सामना हुआ, वहां भी वे नहीं बोले। ग्रामीण तीन बदमाश देखने का दावा कर रहे हैं लेकिन चोरी किया सामान किसी के हाथ में नहीं था। ऐसे में कुछ अन्य बदमाशों के होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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रेकी से हुई वारदात, एक सप्ताह से घर में थी तिलक की रकम
बबलू उर्फ दिनेश की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। बबलू के सबसे छोटे भाई प्रमोद की जून में ही शादी होनी थी। जहां शहनाई गूंजनी थी, वहां अब मातम पसरा था। बबलू के भाई कैलाश और रोहनलाल ने बताया कि 26 मई को प्रमोद का तिलक कार्यक्रम हुआ था। उसमें डेढ़ लाख रुपये मिले थे। कुछ रुपया सब्जी बिक्री का भी था। बदमाशों को शायद यह पता था, तभी उन्होंने कमरे में जाकर उस बक्से को खोला, जिसमें नकदी और जेवर रखा था। जिस रास्ते से बदमाश भागे, उधर नदी है। नदी में इन दिनों पानी नहीं है, यह जानकारी भी उन्हें रही होगी।
जमा कराए शस्त्र नहीं लौटाए, गश्त करती नहीं पुलिस
ग्रामीणों में आक्रोश था कि पुलिस ने चुनाव में जमा कराए गए उनके लाइसेंसी शस्त्र अब तक वापस नहीं किए हैं। निहत्थे होने की वजह से वे मोर्चा नहीं ले सके। इसके अलावा घटनाओं की पुलिस न तो रिपोर्ट लिखती है और न ही गश्त करती है। बताया, 30 मई की रात पड़री हलवा के सुरेश चंद्र शर्मा, अटापट्टी के चौधरी विजयपाल सिंह की दो भैंस और गोपालपुर से राकेश शुक्ला की भैंसें चोरी हो गई थीं। विजयपाल सिंह की भैंस चोरी में चार लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने एक को ही जेल भेजा।
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बदमाशों ने जनक जागीर गांव में हरिप्रसाद के घर में चोरी से पहले सुरेश राजपूत के घर को निशाना बनाया। वहां से 6280 रुपये चोरी किए। इसके बाद कुंडी काटकर अनोखेलाल कश्यप के घर में घुसे। इसके बाद मंगलसेन कश्यप के घर से चार हजार रुपये चुराए। रात डेढ़ बजे जनक जागीर से एक किमी दूर मियांपुर गांव में कृष्णपाल कटियार के घर से सवा तोला सोने की चेन, बारह सौ रुपये और नितिन कटियार के घर से साढ़े बारह हजार रुपये व एक जोड़ी सोने के कुंडल ले गए। गांव से निकलते वक्त मियांपुर के लालता प्रसाद कटियार ने टोका तो उन पर पौनिया बंदूक तान दी। लालता प्रसाद ने घर में घुसकर जान बचाई।
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मफलर, चप्पलें और चाकू छोड़ गए
घटना के बाद एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने मुआयना किया। उनका कहना है कि बीच गांव में छैमार या घुमंतू बदमाश वारदात नहीं करते। वे किनारे के घरों को निशाना बनाते हैं। कई और ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे बदमाशों के स्थानीय होने का अंदेशा बढ़ा। बदमाश अपनी चप्पलें, मफलर और एक चाकू छोड़ गए। ऐसे में साफ है कि चोर चेहरा उजागर होने देना नहीं चाहते थे। जब हरिप्रसाद ने एक चोर को अपना बेटा समझकर बात की तो भी वह बस ‘हूं’ ही बोला। दो अन्य स्थानों पर, जहां लोगों का चोरों से सामना हुआ, वहां भी वे नहीं बोले। ग्रामीण तीन बदमाश देखने का दावा कर रहे हैं लेकिन चोरी किया सामान किसी के हाथ में नहीं था। ऐसे में कुछ अन्य बदमाशों के होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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रेकी से हुई वारदात, एक सप्ताह से घर में थी तिलक की रकम
बबलू उर्फ दिनेश की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। बबलू के सबसे छोटे भाई प्रमोद की जून में ही शादी होनी थी। जहां शहनाई गूंजनी थी, वहां अब मातम पसरा था। बबलू के भाई कैलाश और रोहनलाल ने बताया कि 26 मई को प्रमोद का तिलक कार्यक्रम हुआ था। उसमें डेढ़ लाख रुपये मिले थे। कुछ रुपया सब्जी बिक्री का भी था। बदमाशों को शायद यह पता था, तभी उन्होंने कमरे में जाकर उस बक्से को खोला, जिसमें नकदी और जेवर रखा था। जिस रास्ते से बदमाश भागे, उधर नदी है। नदी में इन दिनों पानी नहीं है, यह जानकारी भी उन्हें रही होगी।
जमा कराए शस्त्र नहीं लौटाए, गश्त करती नहीं पुलिस
ग्रामीणों में आक्रोश था कि पुलिस ने चुनाव में जमा कराए गए उनके लाइसेंसी शस्त्र अब तक वापस नहीं किए हैं। निहत्थे होने की वजह से वे मोर्चा नहीं ले सके। इसके अलावा घटनाओं की पुलिस न तो रिपोर्ट लिखती है और न ही गश्त करती है। बताया, 30 मई की रात पड़री हलवा के सुरेश चंद्र शर्मा, अटापट्टी के चौधरी विजयपाल सिंह की दो भैंस और गोपालपुर से राकेश शुक्ला की भैंसें चोरी हो गई थीं। विजयपाल सिंह की भैंस चोरी में चार लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने एक को ही जेल भेजा।