{"_id":"5cf04509bdec22074e013fb3","slug":"15592502329-bareilly-news169","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनाथालय जमीन विवाद में एफआईआर का आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
अनाथालय जमीन विवाद में एफआईआर का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। आर्य समाज अनाथालय के जमीन विवाद में सीजेएम ने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसमें अनाथालय के लोगों पर गैरकानूनी तरीके से जमीन पर कब्जा करने और विरोध करने पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।
मीरगंज के गांव पैगा निवासी देवदत्त गंगवार ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्होंने गांव मकरंदपुर सरकार में 14 अप्रैल 1972 को 8694 वर्ग गज भूमि खरीदी थी। वह पैतृक गांव में रह रहे हैं, इसलिए अनाथालय ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। आपत्ति पर अनाथालय अध्यक्ष हर्षवर्धन आर्य ने नौ फरवरी 2018 को सीमांकन कराने की तहसील में अर्जी दी। राजस्व टीम की पैमाइश से कुल रकबा साफ हो गया और अनाथालय की 28 हजार वर्ग गज जमीन भी स्पष्ट हो गई। राजस्व टीम की रिपोर्ट पर विपक्षियों ने कोई आपत्ति नहीं दी। उनकी ओर से दायर मुकदमे में सिविल कोर्ट ने भी 17 फरवरी 2018 को अस्थाई निषेधाज्ञा जारी कर दी थी यथावत है। इस बीच जनकपुरी के मनोज कुमार ने राजेंद्रनगर के पवन अरोरा की मदद से मीनू, पूजा अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल और निधि अग्रवाल से इस जमीन के बैनामे करा लिए।
देवदत्त के मुताबिक वह छह मार्च 2019 को अपने रिश्तेदार शैलेंद्र व अमित के साथ मौके पर गए। वहां मनोज और पवन अरोरा के साथ करीब दर्जन भर लोगों ने उन्हें गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। विरोध किया तो लाठी-डंडों से मारपीट की। जान से मारने को फायर भी किए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन कार्रवाई न हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीरगंज के गांव पैगा निवासी देवदत्त गंगवार ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्होंने गांव मकरंदपुर सरकार में 14 अप्रैल 1972 को 8694 वर्ग गज भूमि खरीदी थी। वह पैतृक गांव में रह रहे हैं, इसलिए अनाथालय ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। आपत्ति पर अनाथालय अध्यक्ष हर्षवर्धन आर्य ने नौ फरवरी 2018 को सीमांकन कराने की तहसील में अर्जी दी। राजस्व टीम की पैमाइश से कुल रकबा साफ हो गया और अनाथालय की 28 हजार वर्ग गज जमीन भी स्पष्ट हो गई। राजस्व टीम की रिपोर्ट पर विपक्षियों ने कोई आपत्ति नहीं दी। उनकी ओर से दायर मुकदमे में सिविल कोर्ट ने भी 17 फरवरी 2018 को अस्थाई निषेधाज्ञा जारी कर दी थी यथावत है। इस बीच जनकपुरी के मनोज कुमार ने राजेंद्रनगर के पवन अरोरा की मदद से मीनू, पूजा अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल और निधि अग्रवाल से इस जमीन के बैनामे करा लिए।
विज्ञापन
देवदत्त के मुताबिक वह छह मार्च 2019 को अपने रिश्तेदार शैलेंद्र व अमित के साथ मौके पर गए। वहां मनोज और पवन अरोरा के साथ करीब दर्जन भर लोगों ने उन्हें गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। विरोध किया तो लाठी-डंडों से मारपीट की। जान से मारने को फायर भी किए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन कार्रवाई न हुई।
विज्ञापन