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खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में लेखपाल सस्पेंड
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पुवायां(शाहजहांपुर)। गांव रामपुर कलां में खलिहान की भूमि का एसडीएम की ओर से भू परिवर्तन किए जाने और प्रधान की मां के नाम पट्टा किए जाने की जांच में लीपापोती करने के मामले में लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। अमर उजाला ने 20 दिसंबर के अंक में उक्त मामले को प्रमुखता से उठाया था।
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में गांव रामपुर कलां में हाइवे के किनारे खलिहान की करोड़ों कीमत की भूमि का तत्कालीन एसडीएम ने भू परिवर्तन कर दिया था, जबकि नियमानुसार एसडीएम खलिहान का भू परिवर्तन नहीं कर सकते हैं। इसके बाद सांठगांठ के चलते उक्त भूमि पर तत्कालीन प्रधान विजय वर्मा की मां सरस्वती देवी और एक अन्य नीरज कुमार के नाम आवासीय पट्टा कर दिया गया। जबकि प्रधान अपने कार्यकाल के दौरान अपने और परिवार के नाम लाभ नहीं ले सकता है। पट्टा किए जाने के समय प्रधान का गांव में भवन भी था और उनकी मां भी साथ ही रहती थी।
दिसंबर में उक्त भूमि पर निर्माण कार्य कराए जाने की तैयारी की गई। नीरज ने तो दुकानों का निर्माण भी कराना शुरू कर दिया। इस पर गांव के लोगों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसडीएम से की थी। जांच में लेखपाल विजय वर्मा ने खलिहान की अन्य भूमि पर कब्जा बता दिया, जिस कारण एक मकान का लिंटर एसडीएम और तहसीलदार ने गिरवा दिया था लेकिन भू परिवर्तन वाली भूमि के बारे में कोई आख्या नहीं दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है।
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पट्टा निरस्तीकरण को भेजी गई फाइल
पुवायां। खलिहान की भूमि का गलत तरीके से भू परिवर्तन कर आवासीय पट्टे किए जाने को तहसील प्रशासन ने गलत माना है। इस मामले में पट्टा निरस्तीकरण की फाइल जिलाधिकारी को भेजी गई है। इससे गांव के लोगों को उम्मीद हो चली है कि खलिहान की भूमि जल्द ही कब्जामुक्त करा दी जाएगी। बताते चलें कि जिस जमीन पर आवासीय पट्टा किया गया है, वहां गांव के आधे से अधिक घरों का पानी तालाब में आता है।
मामले की जांच के बाद लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। पट्टा निरस्तीकरण के लिए फाइल जिलाधिकारी को भेजी गई है। पट्टा निरस्त होने के बाद दुकानों को भी गिरवा दिया जाएगा।
सत्यप्रिय सिंह, एसडीएम पुवायां
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गौरतलब है कि वर्ष 2007 में गांव रामपुर कलां में हाइवे के किनारे खलिहान की करोड़ों कीमत की भूमि का तत्कालीन एसडीएम ने भू परिवर्तन कर दिया था, जबकि नियमानुसार एसडीएम खलिहान का भू परिवर्तन नहीं कर सकते हैं। इसके बाद सांठगांठ के चलते उक्त भूमि पर तत्कालीन प्रधान विजय वर्मा की मां सरस्वती देवी और एक अन्य नीरज कुमार के नाम आवासीय पट्टा कर दिया गया। जबकि प्रधान अपने कार्यकाल के दौरान अपने और परिवार के नाम लाभ नहीं ले सकता है। पट्टा किए जाने के समय प्रधान का गांव में भवन भी था और उनकी मां भी साथ ही रहती थी।
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दिसंबर में उक्त भूमि पर निर्माण कार्य कराए जाने की तैयारी की गई। नीरज ने तो दुकानों का निर्माण भी कराना शुरू कर दिया। इस पर गांव के लोगों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसडीएम से की थी। जांच में लेखपाल विजय वर्मा ने खलिहान की अन्य भूमि पर कब्जा बता दिया, जिस कारण एक मकान का लिंटर एसडीएम और तहसीलदार ने गिरवा दिया था लेकिन भू परिवर्तन वाली भूमि के बारे में कोई आख्या नहीं दी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है।
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पट्टा निरस्तीकरण को भेजी गई फाइल
पुवायां। खलिहान की भूमि का गलत तरीके से भू परिवर्तन कर आवासीय पट्टे किए जाने को तहसील प्रशासन ने गलत माना है। इस मामले में पट्टा निरस्तीकरण की फाइल जिलाधिकारी को भेजी गई है। इससे गांव के लोगों को उम्मीद हो चली है कि खलिहान की भूमि जल्द ही कब्जामुक्त करा दी जाएगी। बताते चलें कि जिस जमीन पर आवासीय पट्टा किया गया है, वहां गांव के आधे से अधिक घरों का पानी तालाब में आता है।
मामले की जांच के बाद लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। पट्टा निरस्तीकरण के लिए फाइल जिलाधिकारी को भेजी गई है। पट्टा निरस्त होने के बाद दुकानों को भी गिरवा दिया जाएगा।
सत्यप्रिय सिंह, एसडीएम पुवायां