{"_id":"5c05662cbdec22417810c99a","slug":"101543857708-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के रिटायर्ड फौजी की निजी बस में पीटकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उत्तराखंड के रिटायर्ड फौजी की निजी बस में पीटकर हत्या
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के रिटायर्ड फौजी की बारादरी थाना क्षेत्र में स्टैंड पर खड़ी प्राइवेट बस में निर्ममता से पीटकर हत्या कर दी गई। शरीर का निचला हिस्सा नग्न था। एसपी सिटी अभिनंदन सिंह और फील्ड यूनिट टीम ने जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों और अत्यधिक रक्त बहने से मौत होने की बात कही गई है। शरीर की कई हड्डियां भी टूटी मिली हैं।
बीसलपुर स्टैंड पर बाबूराम बॉडी मेकर के सामने फरीदपुर निवासी अनिल उर्फ मामा ठाकुर की बस महीने भर से खड़ी थी। रविवार को बस की धुलाई कराई गई थी। सोमवार को इसे बीसलपुर रूट पर जाना था। सुबह दस बजे हेल्पर ने गेट खोला तो अंदर बोनट के पास शव पड़ा देखकर चीख पड़ा। सूचना पर बारादरी थाना पुलिस पहुंच गई। मृतक की जेब से मिली पर्ची पर लिखे नंबर पर इंस्पेक्टर कृष्णवीर सिंह ने कॉल की तो फोन रिसीव करने वाले पंकज निवासी कुंआखेड़ा, खटीमा (उत्तराखंड) बताया। व्हाट्सएप पर फोटो भेजे जाने पर पंकज ने शव की पहचान अपने पिता हरीश चंद्र के रूप में की। बताया कि वह 15 साल पहले फौज से रिटायर हुए थे। हरीश बरेली के मानसिक अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार कमल चंद्र की तीमारदारी के लिए पांच दिन पहले आए थे। रविवार शाम कमल की मां शांति देवी से घर जाने की बात कहकर निकले थे। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। स्टैंड के चौकीदार से पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी ने बताया कि जल्द ही वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
बीसलपुर स्टैंड पर बाबूराम बॉडी मेकर के सामने फरीदपुर निवासी अनिल उर्फ मामा ठाकुर की बस महीने भर से खड़ी थी। रविवार को बस की धुलाई कराई गई थी। सोमवार को इसे बीसलपुर रूट पर जाना था। सुबह दस बजे हेल्पर ने गेट खोला तो अंदर बोनट के पास शव पड़ा देखकर चीख पड़ा। सूचना पर बारादरी थाना पुलिस पहुंच गई। मृतक की जेब से मिली पर्ची पर लिखे नंबर पर इंस्पेक्टर कृष्णवीर सिंह ने कॉल की तो फोन रिसीव करने वाले पंकज निवासी कुंआखेड़ा, खटीमा (उत्तराखंड) बताया। व्हाट्सएप पर फोटो भेजे जाने पर पंकज ने शव की पहचान अपने पिता हरीश चंद्र के रूप में की। बताया कि वह 15 साल पहले फौज से रिटायर हुए थे। हरीश बरेली के मानसिक अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार कमल चंद्र की तीमारदारी के लिए पांच दिन पहले आए थे। रविवार शाम कमल की मां शांति देवी से घर जाने की बात कहकर निकले थे। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। स्टैंड के चौकीदार से पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी ने बताया कि जल्द ही वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन