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नवाबगंज में सराफ के घर 12 लाख का डाका
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:21 AM IST
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नवाबगंज। मोहल्ला कुम्हारान बस्ती में हथियारों से लैस छह बदमाश सुबह छह बजे सराफ के घर धावा बोलकर 12 लाख का माल समेट ले गए। उन्होंने सराफ के भाई के साले और नौकर को बंधक बनाकर इत्मीनान से वारदात की। सुबह तड़के हुई इस वारदात से कस्बे में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कांबिंग की मगर बदमाश हाथ नहीं आए। सराफ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
दिवंगत रामकुमार वर्मा के बेटे संजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजेश वर्मा, प्रमोद वर्मा उर्फ पम्मी एक ही मकान में रहते हैं। संजीव कुमार वर्मा को छोड़कर तीनों भाई सराफ का कारोबार करते हैं। उनका परिवार गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के आनंदपुर आश्रम गया था। घर पर राजीव वर्मा के भाई संजीव वर्मा के शाहजहांपुर निवासी साले अमित कुमार वर्मा और 80 वर्षीय घरेलू नौकर रामप्रसाद ही थे। मंगलवार सुबह छह बजे नौकर रामप्रसाद गेट खोलकर झाड़ू लगाने जा रहा था। अचानक छह सशस्त्र बदमाश घर में घुस गए। बदमाशों ने उनकी पिटाई कर उन्हें कब्जे में ले लिया। इसके बाद सो रहे अमित को जगाकर पीट दिया। दोनों को एक कमरे में बंद कर मेन गेट भी अंदर से लॉक कर दिया।
करीब 45 मिनट तक आराम से सारे कमरों के ताले तोड़कर बदमाशों ने अलमारियों के सेंटर लॉक भी तोड़ डाले। उनमें रखे सोने-चांदी के जेवर समेटकर बदमाशों ने दूसरी मंजिल पर भी कमरों के ताले तोड़कर अलमारियों में रखे आभूषण निकाल लिए। बदमाशों ने संजीव वर्मा के साले अमित के मोबाइल से सिम और बैट्री भी निकाल ली। हालांकि एक कमरे में रखे दो कीमती मोबाइल नहीं छुए। डकैती के बाद बदमाश गेट को बाहर से बंदकर भाग गए। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने गेट खोला।
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अमित ने घटना की सूचना अपने बहनोई को दी। मंगलवार रात करीब एक बजे परिवार के लोग नवाबगंज पहुंचे। बुधवार सुबह सराफा थाने पहुंचे और घर में रखे एक लाख 10 हजार की नकदी, करीब चार सौ ग्राम सोना और एक किलो चांदी समेट ले जाने की तहरीर दी। पुलिस ने धारा 392 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना का जल्द खुलासा करने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
कोई करीबी ही है भेदिया
सराफ के परिवार में डकैती करने वाले बदमाशों का भेदिया कोई आसपास का ही है। उसी की मदद से घर की रेकी के बाद ही वारदात की गई। पुलिस भी यही मान रही है। उसका कहना है कि तीन से चार दिन बदमाश यहां टहले होंगे।
सराफा परिवार की दुकानों पर काम करने वाले नौकरों और उनके घर आने-जाने वाले लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस लूट, डकैती में शामिल बदमाशों तक पहुंचने के लिए हिस्ट्रीशीटरों को चेक करा रही है। घर से गायब हिस्ट्रीशीटरों के बारे में पता करके उनकी तस्दीक कराने का काम शुरू हो गया है। यह भी पता किया जा रहा है कि हाल ही में नवाबगंज इलाके में रहने वाला कोई बदमाश जेल से तो नहीं छूटा है।
संजीव वर्मा के साले अमित कुमार वर्मा के मोबाइल का सिम और बैट्री बदमाश अपने साथ ले गए है। यह सिम मंगलवार को शाम तक चलता रहा। इस नंबर पर घंटी जाती रही। फिर अचानक बंद हो गया। पुलिस का मानना है कि सिम की काल डिटेल डकैती का खुलासा करने में मदद करेगी।
संजीव कुमार वर्मा के कमरों को नहीं छुआ
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान करने वाले संजीव कुमार वर्मा दूसरी मंजिल पर रहते हैं। लुटेरों ने उसके कमरों को नहीं छुआ, जबकि इसी मंजिल पर रह रहे प्रमोद कुमार उर्फ पम्मी के कमरे की विंडो उखाड़कर लुटेरे कमरे में घुस गए और अंदर रखी सभी अलमारियों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवर लूट लिए।
व्यापारी पहुंचे थाने
सराफा परिवार के साथ घटी इस घटना से व्यापारियों में गुस्सा है। व्यवसायी श्याम रस्तोगी, राजकुमार वर्मा सहित कई सर्राफ व्यापारी बुधवार को कोतवाली पहुंचे और कोतवाल राजीव कुमार शर्मा से मिलकर घटना का खुलासा करने की मांग की। व्यापारी चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार यादव की कार्य प्रणाली से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि चौकी इंचार्ज कस्बे की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं है।
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दिवंगत रामकुमार वर्मा के बेटे संजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजेश वर्मा, प्रमोद वर्मा उर्फ पम्मी एक ही मकान में रहते हैं। संजीव कुमार वर्मा को छोड़कर तीनों भाई सराफ का कारोबार करते हैं। उनका परिवार गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के आनंदपुर आश्रम गया था। घर पर राजीव वर्मा के भाई संजीव वर्मा के शाहजहांपुर निवासी साले अमित कुमार वर्मा और 80 वर्षीय घरेलू नौकर रामप्रसाद ही थे। मंगलवार सुबह छह बजे नौकर रामप्रसाद गेट खोलकर झाड़ू लगाने जा रहा था। अचानक छह सशस्त्र बदमाश घर में घुस गए। बदमाशों ने उनकी पिटाई कर उन्हें कब्जे में ले लिया। इसके बाद सो रहे अमित को जगाकर पीट दिया। दोनों को एक कमरे में बंद कर मेन गेट भी अंदर से लॉक कर दिया।
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करीब 45 मिनट तक आराम से सारे कमरों के ताले तोड़कर बदमाशों ने अलमारियों के सेंटर लॉक भी तोड़ डाले। उनमें रखे सोने-चांदी के जेवर समेटकर बदमाशों ने दूसरी मंजिल पर भी कमरों के ताले तोड़कर अलमारियों में रखे आभूषण निकाल लिए। बदमाशों ने संजीव वर्मा के साले अमित के मोबाइल से सिम और बैट्री भी निकाल ली। हालांकि एक कमरे में रखे दो कीमती मोबाइल नहीं छुए। डकैती के बाद बदमाश गेट को बाहर से बंदकर भाग गए। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने गेट खोला।
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अमित ने घटना की सूचना अपने बहनोई को दी। मंगलवार रात करीब एक बजे परिवार के लोग नवाबगंज पहुंचे। बुधवार सुबह सराफा थाने पहुंचे और घर में रखे एक लाख 10 हजार की नकदी, करीब चार सौ ग्राम सोना और एक किलो चांदी समेट ले जाने की तहरीर दी। पुलिस ने धारा 392 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना का जल्द खुलासा करने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
कोई करीबी ही है भेदिया
सराफ के परिवार में डकैती करने वाले बदमाशों का भेदिया कोई आसपास का ही है। उसी की मदद से घर की रेकी के बाद ही वारदात की गई। पुलिस भी यही मान रही है। उसका कहना है कि तीन से चार दिन बदमाश यहां टहले होंगे।
सराफा परिवार की दुकानों पर काम करने वाले नौकरों और उनके घर आने-जाने वाले लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस लूट, डकैती में शामिल बदमाशों तक पहुंचने के लिए हिस्ट्रीशीटरों को चेक करा रही है। घर से गायब हिस्ट्रीशीटरों के बारे में पता करके उनकी तस्दीक कराने का काम शुरू हो गया है। यह भी पता किया जा रहा है कि हाल ही में नवाबगंज इलाके में रहने वाला कोई बदमाश जेल से तो नहीं छूटा है।
संजीव वर्मा के साले अमित कुमार वर्मा के मोबाइल का सिम और बैट्री बदमाश अपने साथ ले गए है। यह सिम मंगलवार को शाम तक चलता रहा। इस नंबर पर घंटी जाती रही। फिर अचानक बंद हो गया। पुलिस का मानना है कि सिम की काल डिटेल डकैती का खुलासा करने में मदद करेगी।
संजीव कुमार वर्मा के कमरों को नहीं छुआ
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान करने वाले संजीव कुमार वर्मा दूसरी मंजिल पर रहते हैं। लुटेरों ने उसके कमरों को नहीं छुआ, जबकि इसी मंजिल पर रह रहे प्रमोद कुमार उर्फ पम्मी के कमरे की विंडो उखाड़कर लुटेरे कमरे में घुस गए और अंदर रखी सभी अलमारियों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवर लूट लिए।
व्यापारी पहुंचे थाने
सराफा परिवार के साथ घटी इस घटना से व्यापारियों में गुस्सा है। व्यवसायी श्याम रस्तोगी, राजकुमार वर्मा सहित कई सर्राफ व्यापारी बुधवार को कोतवाली पहुंचे और कोतवाल राजीव कुमार शर्मा से मिलकर घटना का खुलासा करने की मांग की। व्यापारी चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार यादव की कार्य प्रणाली से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि चौकी इंचार्ज कस्बे की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं है।