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उझानी में शाहजहांपुर के मजदूर की गोली मारकर हत्या
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उझानी में शव मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी समेत पुलिस अफसर। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। शाहजहांपुर से मजदूरी कराने के बहाने बुलाकर ले जाने के बाद मजदूर मुजाहिद अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई। शव उझानी में मिहौना रोड किनारे एक खेत में पड़ा मिला। खेत मालिक की सूचना के बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुला लिया। एसएसपी समेत अफसरों ने भी मुआयना किया। हत्या की वजह फिलहाल साफ नहीं हो पाई है। अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि हत्या कहीं और कर शव यहां फेंका गया।
कोतवाली क्षेत्र में मिहौना रोड किनारे अहीरटोला निवासी सचिन के खेत की मेड़ पर रविवार सुबह सात बजे एक शव ग्रामीणों ने पड़ा देखा। इसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई। मृतक की कनपटी के पास गोली लगने से चेहरे पर खून के निशान थे तो यह भी जाहिर हो रहा था गला दबाया गया। शव के पास एक पॉकेट डायरी और कासगंज जिले के सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला क्रिश्चियन के रहने वाले एक व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति भी पुलिस को पड़ी मिली। मृतक की जेब में वोटर पर्ची से जो नाम और मोबाइल नंबर पुलिस को मिला, उस पर शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद कोतवाली के गांव गुनारा में फिदा अली को फोन किया गया। जिसके बाद फिदा हसन और अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। फिदा अली ने शव की शिनाख्त बड़े भाई मुजाहिद (42) के रूप में की। उन्होंने ही बताया कि एक व्यक्ति मजदूरी कराने का बहाने मुजाहिद को ले गया था।
इधर, प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने अफसरों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
इसके बाद एसएसपी ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन चौहान, सीओ गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गए।
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हत्या की वजह तलाशने में पुलिस भी उलझी
उझानी (बदायूं)। शाहजहांपुर निवासी मजदूर मुजाहिद अली की उझानी में हत्या के मामले में वजह को लेकर पेच फंस गया है। घटनास्थल पर जिस शख्स का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मिला उसने भी मुजाहिद को पहचानने या उससे संबंध होने से इनकार कर दिया। इससे लगता है कि उसे हत्या में फंसाने के लिहाज से उसके कागजात या डाले गए। मुजाहिद दो पत्नियों को छोड़ चुका है। पुलिस को इसी बिंदु से खुलासे का रास्ता मिलने की उम्मीद है। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा।
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मृतक मुजाहिद अली के भतीजे आमीर ने बताया कि चचा करीब छह साल से घर पर ही रहकर निर्माण कार्य से जुड़े कामकाज में मजदूरी करते थे। उनका पहला निकाह शाहजहांपुर जिले के गांव दीनपुरा से हुआ था। वह चाची का नाम नहीं जानता। इसके बाद मुजाहिद काम करने के लिए राजस्थान के जयपुर गए तो चाची से विवाद हो गया। चाची अपनी बेटी के साथ उन्हें छोड़कर चली गईं। उनसे तलाक भी हो गया। वह दूसरा निकाह कर चुकी हैं। जयपुर में मुजाहिद ने अंजुम नाम की महिला से निकाह कर लिया। अंजुम से दो बेटियां हैं लेकिन काफी समय से वह उनके पास भी नहीं गए थे।
मुजाहिद की हत्या की वजह भले ही जो भी सामने आए लेकिन शव के पास कासगंज जिले के सोरों क्षेत्र के गांव क्रिश्चियन नगला निवासी एक व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति मिलना और एक पॉकेट डायरी में उसका भी नंबर लिखा होना पुलिस के सामने किसी उलझन से कम नहीं है। पहले तो यह लगा था कि मृतक उक्त व्यक्ति ही है। पुलिस ने सोरों कोतवाली के जरिये हकीकत का पता कराया तो वह अपने गांव में ही मिल गया। उक्त व्यक्ति को उझानी बुलाकर पूछताछ की गई। सवाल तो यह भी उठ रहा है कि उक्त व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति मौके पर कहां से आई। कहीं ऐसा तो नहीं कि मुजाहिद की हत्या किसी योजनाबद्ध तरीके से की गई हो। मौके पर जुटे लोगों में कुछेक ने बताया कि पास में ही बाईपास पर मिर्च मंडी लगती है। बोरियों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बड़ी संख्या में मजूदर काम करते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि मुजाहिद ने यहां मिर्च मंडी में पल्लेदारी की हो।
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बेहद गरीब है मुजाहिद का परिवार
छोटे भाई फिदा अली ने बताया कि चारों भाई अलग-अलग रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। बीघा-डेढ़ बीघा कृषि योग्य भूमि है जरूर है लेकिन उससे गुजर-बसर नहीं हो पाती। चारों में से किसी भी भाई के पास पक्का मकान भी नहीं है। झोपड़ीनुमा घर में रहने वाले मुजाहिद के माता-पिता का पहले निधन हो चुका है। मुजाहिद शुक्रवार को किसी व्यक्ति के साथ घर से चला, तब परिवार के अधिकतर लोग घर पर मौजूद नहीं थे। वह अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था। वह कुछे दिन से काम की तलाश में कहीं बाहर जाने की बात जरूर कहता था।
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शव बरामदगी के बाद पुलिस ने घटना के बारे में तहकीकात शुरू कर दी है। हत्या गोली मारकर ही की गई है। हत्या के पीछे की वजह और कातिलों का भी जल्द ही पता लग जाएगा। इसी के बाद घटना का खुलासा होगा। उझानी पुलिस ने मृतक के परिवार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
- ओपी सिंह, एसएसपी
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कोतवाली क्षेत्र में मिहौना रोड किनारे अहीरटोला निवासी सचिन के खेत की मेड़ पर रविवार सुबह सात बजे एक शव ग्रामीणों ने पड़ा देखा। इसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई। मृतक की कनपटी के पास गोली लगने से चेहरे पर खून के निशान थे तो यह भी जाहिर हो रहा था गला दबाया गया। शव के पास एक पॉकेट डायरी और कासगंज जिले के सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला क्रिश्चियन के रहने वाले एक व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति भी पुलिस को पड़ी मिली। मृतक की जेब में वोटर पर्ची से जो नाम और मोबाइल नंबर पुलिस को मिला, उस पर शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद कोतवाली के गांव गुनारा में फिदा अली को फोन किया गया। जिसके बाद फिदा हसन और अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। फिदा अली ने शव की शिनाख्त बड़े भाई मुजाहिद (42) के रूप में की। उन्होंने ही बताया कि एक व्यक्ति मजदूरी कराने का बहाने मुजाहिद को ले गया था।
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इधर, प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने अफसरों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
इसके बाद एसएसपी ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन चौहान, सीओ गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गए।
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हत्या की वजह तलाशने में पुलिस भी उलझी
उझानी (बदायूं)। शाहजहांपुर निवासी मजदूर मुजाहिद अली की उझानी में हत्या के मामले में वजह को लेकर पेच फंस गया है। घटनास्थल पर जिस शख्स का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मिला उसने भी मुजाहिद को पहचानने या उससे संबंध होने से इनकार कर दिया। इससे लगता है कि उसे हत्या में फंसाने के लिहाज से उसके कागजात या डाले गए। मुजाहिद दो पत्नियों को छोड़ चुका है। पुलिस को इसी बिंदु से खुलासे का रास्ता मिलने की उम्मीद है। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा।
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मृतक मुजाहिद अली के भतीजे आमीर ने बताया कि चचा करीब छह साल से घर पर ही रहकर निर्माण कार्य से जुड़े कामकाज में मजदूरी करते थे। उनका पहला निकाह शाहजहांपुर जिले के गांव दीनपुरा से हुआ था। वह चाची का नाम नहीं जानता। इसके बाद मुजाहिद काम करने के लिए राजस्थान के जयपुर गए तो चाची से विवाद हो गया। चाची अपनी बेटी के साथ उन्हें छोड़कर चली गईं। उनसे तलाक भी हो गया। वह दूसरा निकाह कर चुकी हैं। जयपुर में मुजाहिद ने अंजुम नाम की महिला से निकाह कर लिया। अंजुम से दो बेटियां हैं लेकिन काफी समय से वह उनके पास भी नहीं गए थे।
मुजाहिद की हत्या की वजह भले ही जो भी सामने आए लेकिन शव के पास कासगंज जिले के सोरों क्षेत्र के गांव क्रिश्चियन नगला निवासी एक व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति मिलना और एक पॉकेट डायरी में उसका भी नंबर लिखा होना पुलिस के सामने किसी उलझन से कम नहीं है। पहले तो यह लगा था कि मृतक उक्त व्यक्ति ही है। पुलिस ने सोरों कोतवाली के जरिये हकीकत का पता कराया तो वह अपने गांव में ही मिल गया। उक्त व्यक्ति को उझानी बुलाकर पूछताछ की गई। सवाल तो यह भी उठ रहा है कि उक्त व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो प्रति मौके पर कहां से आई। कहीं ऐसा तो नहीं कि मुजाहिद की हत्या किसी योजनाबद्ध तरीके से की गई हो। मौके पर जुटे लोगों में कुछेक ने बताया कि पास में ही बाईपास पर मिर्च मंडी लगती है। बोरियों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बड़ी संख्या में मजूदर काम करते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि मुजाहिद ने यहां मिर्च मंडी में पल्लेदारी की हो।
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बेहद गरीब है मुजाहिद का परिवार
छोटे भाई फिदा अली ने बताया कि चारों भाई अलग-अलग रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। बीघा-डेढ़ बीघा कृषि योग्य भूमि है जरूर है लेकिन उससे गुजर-बसर नहीं हो पाती। चारों में से किसी भी भाई के पास पक्का मकान भी नहीं है। झोपड़ीनुमा घर में रहने वाले मुजाहिद के माता-पिता का पहले निधन हो चुका है। मुजाहिद शुक्रवार को किसी व्यक्ति के साथ घर से चला, तब परिवार के अधिकतर लोग घर पर मौजूद नहीं थे। वह अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था। वह कुछे दिन से काम की तलाश में कहीं बाहर जाने की बात जरूर कहता था।
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शव बरामदगी के बाद पुलिस ने घटना के बारे में तहकीकात शुरू कर दी है। हत्या गोली मारकर ही की गई है। हत्या के पीछे की वजह और कातिलों का भी जल्द ही पता लग जाएगा। इसी के बाद घटना का खुलासा होगा। उझानी पुलिस ने मृतक के परिवार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
- ओपी सिंह, एसएसपी