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सटोरियों के खिलाफ नहीं मिले साक्ष्य, सर्विलांस टीम और पुलिस में ठनी
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सट्टेबाजों की धरपकड़ को लेकर चल रही कार्रवाई का अभी धरातल पर असर दिखना भी शुरू नहीं हुआ था कि पुलिसिया कार्रवाई पर ही सवालिया निशान लगना शुरू हो गया। दो कथित सटोरियों की धरपकड़ के बाद सर्विलांस-स्वॉट टीम और कोतवाली पुलिस की आपस में नोंकझोंक हो गई। आखिरकार काफी देर चले हंगामे के बाद पकड़कर लाए गए दोनों युवकों को साक्ष्य न होने पर छोड़ दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक जिले में बड़े स्तर पर सट्टा खेला जाता है। कई दिनोें से सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस-स्वॉट टीम जुटी हुई है। बताया जाता है कि सारी जानकारी होने के बावजूद सटोरियों के काम करने के हाईटेक अंदाज के आगे पुलिस की टीमें साक्ष्य जुटाने में कामयाब नहीं हो पा रही है। इसलिए टीमों को कोई सफलता भी हाथ नहीं लग रही है। फिर भी शहर के अलग-अलग स्थानों से सर्विलांस-स्वॉट टीम ने दो कथित सट्टेबाज पकड़े। उनको लेकर टीम कोतवाली पहुंची। बताया जाता है कि उनके पास से न नगदी और न ही पर्ची या अन्य चीजों की बरामदगी हो पाई। ऐसे में कार्रवाई किस आधार पर की जाए और पकड़े गए लोगों को सट्टेबाज माना जाए या नहीं, इस सवाल समेत कार्रवाई को लेकर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम में अनबन हो गई। संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने पर कोई फजीहत न हो इसलिए लिखापढ़ी में खुद को शामिल करने से सर्विलांस-स्वॉट टीम और कोतवाली पुलिस दोनों ने ही इनकार कर दिया। काफी देर तक दोनों में मामले पर गर्मागर्मी चलती रही। आखिर में देर रात पकड़े गए दोनों कथित सटोरियों को बिना कार्रवाई ही छोड़ना पड़ा।
सटोरियों को पक ड़ने और फिर साक्ष्यों के अभाव में उन्हें छोड़ने का मामला संज्ञान में है। मामले की सत्यता की जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। - धर्म सिंह मार्छाल- सीओ सिटी
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सूत्रों के मुताबिक जिले में बड़े स्तर पर सट्टा खेला जाता है। कई दिनोें से सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस-स्वॉट टीम जुटी हुई है। बताया जाता है कि सारी जानकारी होने के बावजूद सटोरियों के काम करने के हाईटेक अंदाज के आगे पुलिस की टीमें साक्ष्य जुटाने में कामयाब नहीं हो पा रही है। इसलिए टीमों को कोई सफलता भी हाथ नहीं लग रही है। फिर भी शहर के अलग-अलग स्थानों से सर्विलांस-स्वॉट टीम ने दो कथित सट्टेबाज पकड़े। उनको लेकर टीम कोतवाली पहुंची। बताया जाता है कि उनके पास से न नगदी और न ही पर्ची या अन्य चीजों की बरामदगी हो पाई। ऐसे में कार्रवाई किस आधार पर की जाए और पकड़े गए लोगों को सट्टेबाज माना जाए या नहीं, इस सवाल समेत कार्रवाई को लेकर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम में अनबन हो गई। संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने पर कोई फजीहत न हो इसलिए लिखापढ़ी में खुद को शामिल करने से सर्विलांस-स्वॉट टीम और कोतवाली पुलिस दोनों ने ही इनकार कर दिया। काफी देर तक दोनों में मामले पर गर्मागर्मी चलती रही। आखिर में देर रात पकड़े गए दोनों कथित सटोरियों को बिना कार्रवाई ही छोड़ना पड़ा।
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सटोरियों को पक ड़ने और फिर साक्ष्यों के अभाव में उन्हें छोड़ने का मामला संज्ञान में है। मामले की सत्यता की जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। - धर्म सिंह मार्छाल- सीओ सिटी
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