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पुलिस की नई कहानी.. कंचन के साथ किया रामगंगा में स्नान फिर मार डाला
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बरेली/बिशारतगंज। पुलिस की जुबान से कंचन की हत्या की नई कहानी मंगलवार को सामने आई। पुलिस की लिखापढ़ी के मुताबिक सुनील शास्त्री अपनी पहली पत्नी सीमा के साथ कंचन को लेकर रामगंगा पहुंचा था जहां तीनों ने पहले गंगा स्नान किया और फिर सुनील ने अंधेरे में ही चाकू मारकर कंचन की हत्या कर दी और शव अखा तिराहे पर फेंक दिया। इससे पहले सुनील शास्त्री ने अपने बयान में कंचन की हत्या पीलीभीत में अपने ही घर में करना कबूल किया था।
कंचन के हत्यारोपी सुनील शास्त्री और उसकी पहली पत्नी सीमा से थाना बिशारतगंज में रात भर पूछताछ की गई। ंएसपी देहात डॉ. संसार सिंह के मुताबिक सुनील ने बताया कि उसने कंचन की पीलीभीत अपने घर नहीं बल्कि रामगंगा के पास अखा तिराहे के पास ही हत्या की थी। सुनील ने बताया कि 29 अक्तूबर की सुबह वह कंचन को गंगा स्नान कराने के बहाने रामगंगा घाट लाया था जहां कंचन के मायके के लोग भी स्नान करने पहुंचे थे। सुनील के मुताबिक कंचन ने शादी के लिए उसकी नाक में दम कर रखा था। योजना के मुताबिक शाम को अंधेरा होने के बाद उसने पत्नी सीमा के साथ कंचन को मार डाला। पुलिस ने सुनील की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और उसकी वैगनआर कार की भी बरामदगी दिखाई है। सीओ चमन सिंह चाबड़ा ने बताया कि छानबीन में सुनील शास्त्री और कंचन मिश्रा की शादी का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
उम्मीद थी.. पुलिस कंचन के मायके वालों को पकड़ेगी
पुलिस के मुताबिक सुनील ने बताया कि उसने रामगंगा के पास हत्या करने और नाक काटने के बाद शव इसलिए डाला था ताकि लोग इसे कंचन के मायके वालों की हरकत समझें और वह बच जाए। सुनील के मुताबिक कंचन लंबे समय से मायके में थी। उसे पता था कि एक युवक से उसकी मोबाइल पर काफी बात होती है। कंचन के उसके पास रहने से उसके घरवाले खफा भी थे। वह लोगों से कहते थे कि लड़की ने उनकी नाक कटा दी, काश ये पैदा न हुई होती। उसने इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश की। उसने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की थी कि वह काफी समय से अपने घर थी, वह उसकी हत्या कैसे कर सकता है। पुलिस ने जब कंचन की कॉल डिटेल के आधार पर उसके पीलीभीत जाने की पुष्टि होने की बात कही तो उसने हत्या की बात स्वीकार की।
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उठा सवाल.. अदालत में कैसे टिकेगा केस
पुलिस की नई कहानी से यह सवाल उठने लगा है कि कंचन की हत्या का केस अब अदालत में कितना टिक पाएगा। दरअसल पुलिस ने अब अपनी लिखापढ़ी में रामगंगा में स्नान के दौरान कंचन के मायके वालों की भी मौजूदगी दिखाई है ताकि उन्हें इस केस में गवाह बनाया जा सके लेकिन एक तो सवाल यह है कि इसे साबित करने के लिए वह अदालत में कितने ठोस सबूत पेश कर पाएगी, दूसरा सवाल यह भी है कि कंचन के भाई की ओर से पहले दर्ज कराई गई दहेज हत्या की रिपोर्ट में इसका जिक्र क्यों नहीं है। इसके अलावा पुलिस को नई कहानी कॉल डिटेल के आधार पर भी साबित करनी होगा। यह वह कैसे कर पाएगी, इसका भी फिलहाल कोई जवाब नहीं है।
पुलिस जिन्हें गवाह बता रही.. वे
खुद अलाप रहे कुछ और ही राग
कंचन के भाई भरत की ओर से पहले दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को पुलिस के हत्या की कहानी बदलने के बावजूद भरत मीडिया के सामने कंचन की पीलीभीत स्थित सुनील शास्त्री के घर पर ही हत्या की बात कहते हुए उसके मां-बाप और बहन का नाम एफआईआर में शामिल न करने पर आपत्ति जताता रहा। उसका तर्क था कि सुनील के घर में जब इन लोगों की मौजूदगी में कंचन की हत्या हुई तो पुलिस उन्हें आरोपी क्यों नहीं बना रही है। बहरहाल पुलिस ने सुनील और सीमा को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
सुनील ने गुनाह कबूल कर लिया है। फिलहाल सुनील और सीमा ही हत्यारोपी के तौर पर पहचाने गए हैं। हो सकता है कि विवेचना में कुछ और तथ्य सामने आए। आरोपियों को जेल भेजा गया है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
आसान नहीं होगा कहानी साबित करना
आरोपी के पुलिस को दिए बयान की खास अहमियत नहीं होती। फिर भी अगर पुलिस सुनील शास्त्री के इसी बयान पर विवेचना में आगे बढ़ेगी तो आरोपी पक्ष मुसीबत खड़ी कर सकता है। विवेचक ने केस डायरी के साथ साक्ष्य के तौर पर सीडीआर लगाई तो फंसना तय है। आरोपी पक्ष के वकील भी सीडीआर तलब करा सकते हैं। - अब्दुल शाहिद, अधिवक्ता फौजदारी
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कंचन के हत्यारोपी सुनील शास्त्री और उसकी पहली पत्नी सीमा से थाना बिशारतगंज में रात भर पूछताछ की गई। ंएसपी देहात डॉ. संसार सिंह के मुताबिक सुनील ने बताया कि उसने कंचन की पीलीभीत अपने घर नहीं बल्कि रामगंगा के पास अखा तिराहे के पास ही हत्या की थी। सुनील ने बताया कि 29 अक्तूबर की सुबह वह कंचन को गंगा स्नान कराने के बहाने रामगंगा घाट लाया था जहां कंचन के मायके के लोग भी स्नान करने पहुंचे थे। सुनील के मुताबिक कंचन ने शादी के लिए उसकी नाक में दम कर रखा था। योजना के मुताबिक शाम को अंधेरा होने के बाद उसने पत्नी सीमा के साथ कंचन को मार डाला। पुलिस ने सुनील की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और उसकी वैगनआर कार की भी बरामदगी दिखाई है। सीओ चमन सिंह चाबड़ा ने बताया कि छानबीन में सुनील शास्त्री और कंचन मिश्रा की शादी का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
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उम्मीद थी.. पुलिस कंचन के मायके वालों को पकड़ेगी
पुलिस के मुताबिक सुनील ने बताया कि उसने रामगंगा के पास हत्या करने और नाक काटने के बाद शव इसलिए डाला था ताकि लोग इसे कंचन के मायके वालों की हरकत समझें और वह बच जाए। सुनील के मुताबिक कंचन लंबे समय से मायके में थी। उसे पता था कि एक युवक से उसकी मोबाइल पर काफी बात होती है। कंचन के उसके पास रहने से उसके घरवाले खफा भी थे। वह लोगों से कहते थे कि लड़की ने उनकी नाक कटा दी, काश ये पैदा न हुई होती। उसने इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश की। उसने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की थी कि वह काफी समय से अपने घर थी, वह उसकी हत्या कैसे कर सकता है। पुलिस ने जब कंचन की कॉल डिटेल के आधार पर उसके पीलीभीत जाने की पुष्टि होने की बात कही तो उसने हत्या की बात स्वीकार की।
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उठा सवाल.. अदालत में कैसे टिकेगा केस
पुलिस की नई कहानी से यह सवाल उठने लगा है कि कंचन की हत्या का केस अब अदालत में कितना टिक पाएगा। दरअसल पुलिस ने अब अपनी लिखापढ़ी में रामगंगा में स्नान के दौरान कंचन के मायके वालों की भी मौजूदगी दिखाई है ताकि उन्हें इस केस में गवाह बनाया जा सके लेकिन एक तो सवाल यह है कि इसे साबित करने के लिए वह अदालत में कितने ठोस सबूत पेश कर पाएगी, दूसरा सवाल यह भी है कि कंचन के भाई की ओर से पहले दर्ज कराई गई दहेज हत्या की रिपोर्ट में इसका जिक्र क्यों नहीं है। इसके अलावा पुलिस को नई कहानी कॉल डिटेल के आधार पर भी साबित करनी होगा। यह वह कैसे कर पाएगी, इसका भी फिलहाल कोई जवाब नहीं है।
पुलिस जिन्हें गवाह बता रही.. वे
खुद अलाप रहे कुछ और ही राग
कंचन के भाई भरत की ओर से पहले दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को पुलिस के हत्या की कहानी बदलने के बावजूद भरत मीडिया के सामने कंचन की पीलीभीत स्थित सुनील शास्त्री के घर पर ही हत्या की बात कहते हुए उसके मां-बाप और बहन का नाम एफआईआर में शामिल न करने पर आपत्ति जताता रहा। उसका तर्क था कि सुनील के घर में जब इन लोगों की मौजूदगी में कंचन की हत्या हुई तो पुलिस उन्हें आरोपी क्यों नहीं बना रही है। बहरहाल पुलिस ने सुनील और सीमा को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
सुनील ने गुनाह कबूल कर लिया है। फिलहाल सुनील और सीमा ही हत्यारोपी के तौर पर पहचाने गए हैं। हो सकता है कि विवेचना में कुछ और तथ्य सामने आए। आरोपियों को जेल भेजा गया है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
आसान नहीं होगा कहानी साबित करना
आरोपी के पुलिस को दिए बयान की खास अहमियत नहीं होती। फिर भी अगर पुलिस सुनील शास्त्री के इसी बयान पर विवेचना में आगे बढ़ेगी तो आरोपी पक्ष मुसीबत खड़ी कर सकता है। विवेचक ने केस डायरी के साथ साक्ष्य के तौर पर सीडीआर लगाई तो फंसना तय है। आरोपी पक्ष के वकील भी सीडीआर तलब करा सकते हैं। - अब्दुल शाहिद, अधिवक्ता फौजदारी