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दिल्ली के इकलौते बदमाश पर खोली अमरिया एसओ के घर पड़ी डकैती
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सात लाख लूट में अभी साढ़े बाइस हजार ही मिले, चार बदमाशों को रुड़की पुलिस भेज चुकी जेल
बरेली। शास्त्री नगर में पीलीभीत के अमरिया एसओ के घर डकैती डालने वाले गिरोह के एक बदमाश को गिरफ्तार दिखाकर अफसरों ने घटना का खुलासा कर दिया। करीब सात लाख लूट मामले में फिलहाल साढ़े बाइस हजार की रकम ही हाथ लगी है। वारदात में शामिल चार बदमाशों को उत्तराखंड के रुड़की जिले की पुलिस 19 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि दो फरार बदमाशों की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार का ईनाम घोषित किया है।
एसओ पुष्कर सिंह के घर 14 जनवरी की शाम हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। उनकी पत्नी रुचि, छह साल की बेटी आन्या, किराएदार प्रेमशंकर, उनके बेटे अजय और पत्नी को बंधक बनाकर वारदात की। बताते हैं कि पुलिस ने इस घटना में शामिल गैंग को करीब 22 सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर पहचान कर घटना के दो दिन बाद ही ट्रेस कर लिया था। गैंग की धरपकड़ से पहले ही उत्तराखंड में हुई वारदातों के खुलासे को लगी रुड़की पुलिस ने चार बदमाश धर दबोचे। इससे बरेली पुलिस का खुलासा लटक गया। अब एसएसपी शैलेश पांडेय ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया। पुलिस ने दिल्ली के ओखला के थाना जामिया नगर निवासी बदमाश रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से साढ़े बाइस हजार रुपये बरामद दिखाए गए। कब्जे से एक तमंचा व लूटा हुआ एक मोबाइल भी दर्शाया गया। हालांकि वारदात के वक्त परिवार ने बदमाशों द्वारा सभी मोबाइल पानी में डालने की बात कही थी। खुलासे के वक्त एसपी सिटी रविंद्र कुमार, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, सीओ सिटी अशोक कुमार व इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह मौजूद थे। एसएसपी ने टीम की पीठ थपथपाई।
चार बदमाशों की रुड़की से लेंगे रिमांड
गैंग का सरगना गाजियाबाद के मोदी नगर के बिसोखर गांव का रईस है। रईस के ही गांव का अनीस, लिसाड़ी गेट मेरठ का अय्यूब और अजरुद्दीन समेत रईस को 19 जनवरी को ही रुड़की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन्होंने रुड़की समेत कई अन्य स्थानों पर वारदातें कबूल कीं पर उस वक्त बरेली की घटना नहीं कबूली। बदमाशों को ट्रेस करती मेरठ तक पहुंची बरेली क्राइम ब्रांच को जब इनकी गिरफ्तारी का पता लगा तो खुलासा अटक गया। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। लूट का सारा माल रईस के पास बताया जा रहा है।
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दो बदमाशों की गिरफ्तारी पर 25 हजार ईनाम
सात बदमाशों के गैंग ने बरेली में एसओ के यहां डकैती डाली थी। अब इनमें से दो बदमाश लिसाड़ी गेट मेरठ के निवासी सलीम सैफी व रिहान उर्फ शाहिद की गिरफ्तारी शेष है। एसएसपी शैलेश पांडेय ने इन दोनों की गिरफ्तारी पर 25 हजार का ईनाम देने की घोषणा की।
नाबालिग रिजवान ने की थी 35 लाख की लूट
दिल्ली निवासी बदमाश रिजवान ने 2003 में नाबालिग रहते हुए ही दिल्ली में 35 लाख रुपये की लूट की थी। इसके बाद वह धड़ाधड़ वारदातें करता ही रहा। मेरठ जेल में उसकी मुलाकात वाहन चोरी में बंद रईस से हुई और रईस ने उसे अपने गैंग में शामिल कर लिया।
दरवाजा खुला देख की वारदात, डीवीआर नदी में फेंका
रिजवान ने बताया कि उनका गैंग अनीस की ईको कार से बरेली आया था। वह लोग इसी तरह कार में घूमकर अचानक ही ऐसी जगह वारदात करते हैं जहां दरवाजा खुला मिले और आसपास भागने की पर्याप्त जगह हो। उस दिन भी कार को काफी दूर लगाकर एसओ के घर डकैती डाल दी। जब अलमारी से पुलिस कैप गिरी तो उन्हें पता लगा कि पुलिसवाले के घर आ गए हैं। तब जल्दी सामान समेटा और पैदल ही कार तक निकल गए। इससे पहले इसी कॉलोनी के एक और घर का गेट देखकर घुसने की कोशिश की थी पर बाहर काफी चप्पलें देखकर लगा कि शायद कोई कोचिंग सेंटर है। बताया कि लूट के बाद सीधे मेरठ गए। इससे पहले हापुड़ के एक ढाबे पर रात गुजारी। सीसीटीवी का डीवीआर एक नदी में फेंक दिया।
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बरेली। शास्त्री नगर में पीलीभीत के अमरिया एसओ के घर डकैती डालने वाले गिरोह के एक बदमाश को गिरफ्तार दिखाकर अफसरों ने घटना का खुलासा कर दिया। करीब सात लाख लूट मामले में फिलहाल साढ़े बाइस हजार की रकम ही हाथ लगी है। वारदात में शामिल चार बदमाशों को उत्तराखंड के रुड़की जिले की पुलिस 19 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि दो फरार बदमाशों की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार का ईनाम घोषित किया है।
एसओ पुष्कर सिंह के घर 14 जनवरी की शाम हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। उनकी पत्नी रुचि, छह साल की बेटी आन्या, किराएदार प्रेमशंकर, उनके बेटे अजय और पत्नी को बंधक बनाकर वारदात की। बताते हैं कि पुलिस ने इस घटना में शामिल गैंग को करीब 22 सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर पहचान कर घटना के दो दिन बाद ही ट्रेस कर लिया था। गैंग की धरपकड़ से पहले ही उत्तराखंड में हुई वारदातों के खुलासे को लगी रुड़की पुलिस ने चार बदमाश धर दबोचे। इससे बरेली पुलिस का खुलासा लटक गया। अब एसएसपी शैलेश पांडेय ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया। पुलिस ने दिल्ली के ओखला के थाना जामिया नगर निवासी बदमाश रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से साढ़े बाइस हजार रुपये बरामद दिखाए गए। कब्जे से एक तमंचा व लूटा हुआ एक मोबाइल भी दर्शाया गया। हालांकि वारदात के वक्त परिवार ने बदमाशों द्वारा सभी मोबाइल पानी में डालने की बात कही थी। खुलासे के वक्त एसपी सिटी रविंद्र कुमार, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, सीओ सिटी अशोक कुमार व इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह मौजूद थे। एसएसपी ने टीम की पीठ थपथपाई।
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चार बदमाशों की रुड़की से लेंगे रिमांड
गैंग का सरगना गाजियाबाद के मोदी नगर के बिसोखर गांव का रईस है। रईस के ही गांव का अनीस, लिसाड़ी गेट मेरठ का अय्यूब और अजरुद्दीन समेत रईस को 19 जनवरी को ही रुड़की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन्होंने रुड़की समेत कई अन्य स्थानों पर वारदातें कबूल कीं पर उस वक्त बरेली की घटना नहीं कबूली। बदमाशों को ट्रेस करती मेरठ तक पहुंची बरेली क्राइम ब्रांच को जब इनकी गिरफ्तारी का पता लगा तो खुलासा अटक गया। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। लूट का सारा माल रईस के पास बताया जा रहा है।
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दो बदमाशों की गिरफ्तारी पर 25 हजार ईनाम
सात बदमाशों के गैंग ने बरेली में एसओ के यहां डकैती डाली थी। अब इनमें से दो बदमाश लिसाड़ी गेट मेरठ के निवासी सलीम सैफी व रिहान उर्फ शाहिद की गिरफ्तारी शेष है। एसएसपी शैलेश पांडेय ने इन दोनों की गिरफ्तारी पर 25 हजार का ईनाम देने की घोषणा की।
नाबालिग रिजवान ने की थी 35 लाख की लूट
दिल्ली निवासी बदमाश रिजवान ने 2003 में नाबालिग रहते हुए ही दिल्ली में 35 लाख रुपये की लूट की थी। इसके बाद वह धड़ाधड़ वारदातें करता ही रहा। मेरठ जेल में उसकी मुलाकात वाहन चोरी में बंद रईस से हुई और रईस ने उसे अपने गैंग में शामिल कर लिया।
दरवाजा खुला देख की वारदात, डीवीआर नदी में फेंका
रिजवान ने बताया कि उनका गैंग अनीस की ईको कार से बरेली आया था। वह लोग इसी तरह कार में घूमकर अचानक ही ऐसी जगह वारदात करते हैं जहां दरवाजा खुला मिले और आसपास भागने की पर्याप्त जगह हो। उस दिन भी कार को काफी दूर लगाकर एसओ के घर डकैती डाल दी। जब अलमारी से पुलिस कैप गिरी तो उन्हें पता लगा कि पुलिसवाले के घर आ गए हैं। तब जल्दी सामान समेटा और पैदल ही कार तक निकल गए। इससे पहले इसी कॉलोनी के एक और घर का गेट देखकर घुसने की कोशिश की थी पर बाहर काफी चप्पलें देखकर लगा कि शायद कोई कोचिंग सेंटर है। बताया कि लूट के बाद सीधे मेरठ गए। इससे पहले हापुड़ के एक ढाबे पर रात गुजारी। सीसीटीवी का डीवीआर एक नदी में फेंक दिया।