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आजाद इंटर कॉलेज प्रकरण- मुख्य आरोपी रिजवान को मिली जमानत
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दरगाह पर हाजिरी देकर गया उत्तराखंड, आईएमसी ने भी की पैरवी
बरेली। आजाद इंटर कॉलेज में घुसकर धरना-प्रदर्शन कराने के मुख्य आरोपी रिजवान को शांतिभंग के मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल से रिहा होने के बाद वह परिवार के लोगों के साथ उत्तराखंड रवाना हो गया। इससे पहले उसने आला हजरत दरगाह पर हाजिरी दी।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में 15 जनवरी की शाम आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के धरना खत्म करने की घोषणा के बाद उत्तराखंड के रिजवान ने भीड़ का नेतृत्व करना शुरू कर दिया। रात में वह भीड़ लेकर आजाद इंटर कॉलेज पहुंचा और ताले तोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने देर रात रिजवान समेत 34 लोगों को हिरासत में ले लिया। नौ आरोपियों को शांतिभंग में निरुद्ध कर कोर्ट भेजा। उत्तराखंड के पुलभट्ठा बरी निवासी रिजवान को लीडर मानते हुए जेल भेज दिया गया, बाकी को जमानत मिल गई। इसके अलावा कॉलेज के चौकीदार ने भी 25 लोगों को नामजद करते हुए दो सौ अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। शांतिभंग के मामले में शनिवार को रिजवान को जमानत मिल गई है। उसके दो भाई अनस, मुसब्बिर और चचेरा भाई आबिद रजा सुब्हानी बरेली आए। यहां अधिवक्ता अच्छन अंसारी और अकबर अली ने कोर्ट में रिजवान की जमानत अर्जी पर पैरवी की। इसके बाद उसे जमानत मिल गई। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने भी अपनी टीम को पैरवी में लगाया था। सूत्र बताते हैं कि रिजवान और उसके समर्थकों से कोई वास्ता न होने का दावा करने वाले आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा खां ने भी रिजवान की पैरवी की।
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बरेली। आजाद इंटर कॉलेज में घुसकर धरना-प्रदर्शन कराने के मुख्य आरोपी रिजवान को शांतिभंग के मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल से रिहा होने के बाद वह परिवार के लोगों के साथ उत्तराखंड रवाना हो गया। इससे पहले उसने आला हजरत दरगाह पर हाजिरी दी।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में 15 जनवरी की शाम आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के धरना खत्म करने की घोषणा के बाद उत्तराखंड के रिजवान ने भीड़ का नेतृत्व करना शुरू कर दिया। रात में वह भीड़ लेकर आजाद इंटर कॉलेज पहुंचा और ताले तोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने देर रात रिजवान समेत 34 लोगों को हिरासत में ले लिया। नौ आरोपियों को शांतिभंग में निरुद्ध कर कोर्ट भेजा। उत्तराखंड के पुलभट्ठा बरी निवासी रिजवान को लीडर मानते हुए जेल भेज दिया गया, बाकी को जमानत मिल गई। इसके अलावा कॉलेज के चौकीदार ने भी 25 लोगों को नामजद करते हुए दो सौ अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। शांतिभंग के मामले में शनिवार को रिजवान को जमानत मिल गई है। उसके दो भाई अनस, मुसब्बिर और चचेरा भाई आबिद रजा सुब्हानी बरेली आए। यहां अधिवक्ता अच्छन अंसारी और अकबर अली ने कोर्ट में रिजवान की जमानत अर्जी पर पैरवी की। इसके बाद उसे जमानत मिल गई। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने भी अपनी टीम को पैरवी में लगाया था। सूत्र बताते हैं कि रिजवान और उसके समर्थकों से कोई वास्ता न होने का दावा करने वाले आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा खां ने भी रिजवान की पैरवी की।
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