{"_id":"5d9a3beb8ebc3e015c0cba47","slug":"crime-bareilly-news-bly379127412","type":"story","status":"publish","title_hn":"कछला की गोशाला में 22 गोवंशीय पशुओं की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कछला की गोशाला में 22 गोवंशीय पशुओं की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर बनी अस्थायी गोशाला में रविवार रात अचानक 22 गोवंशीय पशुओं के मरने की सूूचना पर अधिकारियों में खलबली मच गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह और सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्साधिकारी) डॉ. एके जादौन समेत तमाम अफसर आननफानन में कछला पहुंच गए।
सीवीओ के मुताबिक प्रथम दृष्टया गोवंशीय पशुओं को जहर देने का मामला सामने आ रहा है, जिसकी वजह से इन गायों की मौत हुई। गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, उसके बाद में ही सही कारण का पता चल सकेगा। वहीं डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। अन्य गायों का डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है।
जिले में अब तक कुल साढ़े तीन सौ के करीब अस्थायी गोशालाएं चल हैं। इनमें से एक अस्थायी गोशाला कछला में गंगाघाट के किनारे कुष्ठ आश्रम के पीछे बनी हुई है। इस गोशाला में 76 गोवशीय पशु पाले जा रहे थे। इनकी देखभाल के लिए पांच कर्मचारी हैं। बताते हैं कि इन कर्मचारियों ने शाम छह बजे गायों को चारा डाला था। रात करीब आठ के बाद कुछ गायें बेहोश होने लगीं। इसकी जानकारी उझानी में तैनात डॉक्टर को दी गई, लेकिन कुछ ही देर में गायों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। जब तक डॉक्टर विवेक माहेश्वरी पहुंचे तब तक 22 गोवंशीय पशुओं ने दम तोड़ दिया। इनमें 11 गायें, तीन बछिया, 4 बछड़े और चार सांड़ हैं। कछला में रहने वाले अन्य डॉक्टरों को इसकी जानकारी मिली तो वे भी पहुंचे। उन्होंने भी गायों का इलाज शुरू किया। देर रात तक प्रशासन ने 22 के मरने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
इतनी बड़ी संख्या में गाय पेट दर्द या अन्य किसी बीमारी से नहीं मर सकती हैं। प्रथम दृष्टया मामला गायों को जहर देने को लग रहा है। बाकी पोस्टमार्टम के बाद में ही स्थिति साफ हो पाएगी।
-डॉ. एकेे जादौन, सीवीओ
मामला बेहद ही दुखद है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पशुपालन विभाग की टीम अन्य गायों को इलाज कर रही है।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
सीवीओ के मुताबिक प्रथम दृष्टया गोवंशीय पशुओं को जहर देने का मामला सामने आ रहा है, जिसकी वजह से इन गायों की मौत हुई। गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, उसके बाद में ही सही कारण का पता चल सकेगा। वहीं डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। अन्य गायों का डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
जिले में अब तक कुल साढ़े तीन सौ के करीब अस्थायी गोशालाएं चल हैं। इनमें से एक अस्थायी गोशाला कछला में गंगाघाट के किनारे कुष्ठ आश्रम के पीछे बनी हुई है। इस गोशाला में 76 गोवशीय पशु पाले जा रहे थे। इनकी देखभाल के लिए पांच कर्मचारी हैं। बताते हैं कि इन कर्मचारियों ने शाम छह बजे गायों को चारा डाला था। रात करीब आठ के बाद कुछ गायें बेहोश होने लगीं। इसकी जानकारी उझानी में तैनात डॉक्टर को दी गई, लेकिन कुछ ही देर में गायों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। जब तक डॉक्टर विवेक माहेश्वरी पहुंचे तब तक 22 गोवंशीय पशुओं ने दम तोड़ दिया। इनमें 11 गायें, तीन बछिया, 4 बछड़े और चार सांड़ हैं। कछला में रहने वाले अन्य डॉक्टरों को इसकी जानकारी मिली तो वे भी पहुंचे। उन्होंने भी गायों का इलाज शुरू किया। देर रात तक प्रशासन ने 22 के मरने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
इतनी बड़ी संख्या में गाय पेट दर्द या अन्य किसी बीमारी से नहीं मर सकती हैं। प्रथम दृष्टया मामला गायों को जहर देने को लग रहा है। बाकी पोस्टमार्टम के बाद में ही स्थिति साफ हो पाएगी।
-डॉ. एकेे जादौन, सीवीओ
मामला बेहद ही दुखद है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पशुपालन विभाग की टीम अन्य गायों को इलाज कर रही है।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम