बरेली: बानखाना की गलियों में पथराव और फायरिंग से फैला दहशत, छेड़खानी का मामला
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सांप्रदायिक विवाद के लिए चर्चित बरेली के प्रेमनगर थाने के बानखाना में शुक्रवार रात फायरिंग और पथराव से दहशत फैल गई। दो गलियों से बस्ती में घुसे खुराफातियों ने घरों में पथराव और हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। गनीमत रही कि मामला एक ही समुदाय के लोगों के बीच था और पुलिस ने तत्काल काबू कर लिया।
पथराव में सात-आठ लोग घायल हुए हैं और पांच को हिरासत में लिया गया है। देर रात गलियों में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई। बानखाना में पठानों की बस्ती के दूसरी ओर घोसी बिरादरी के लोग रहते हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक घोसी पक्ष के कुछ लड़के कई दिन से बानखाना की तंग गलियों में मंडरा रहे थे। चर्चा है कि एक परिवार में रहने वाली तीन लड़कियों के चक्कर में उनका आना-जाना बढ़ा था।
बस्ती के युवकों को उनका वहां चक्कर लगाना नागवार गुजरता था। दो दिन पहले पठान बस्ती के युवकों ने इन लड़कों को पकड़ लिया। बस्ती में आने की वजह पूछी तो वे सकपका गए और फिर उनकी पिटाई कर दी गई। तब से ही घोसी पक्ष के युवक मौके की तलाश में थे। शुक्रवार रात साढ़े दस बजे के करीब दो दिशा से घोसी पक्ष के करीब 70 युवक हाथों में तमंचे, ईंट-पत्थर और डंडे लेकर बानखाना में घुस गए।
गलियों से होते हुए इन्होंने घरों में ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे कई घरों के दरवाजे और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इस दौरान अधिकांश लोग घरों के अंदर थे। कुछ युवक और महिलाएं गलियों में टहल रहे थे। अचानक हुए हमले से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। जिन लोगों के घरों में ईंट-पत्थर फेंके गए, वे भी निकलकर बाहर आ गए। इसके बाद कुछ लोगों ने छत से जवाबी पथराव शुरू कर दिया।
बानखाना निवासी जरी कारीगर जुबैर और चांद के अलावा दूसरे पक्ष समेत सात-आठ लोग घायल हुए हैं। बस्ती वालों ने भी एक दूसरे को फोन करके और आवाज देकर इकट्ठा किया। बस्ती के लोगों ने घेरने की कोशिश की तो हमलावर अपनी बस्ती की ओर भाग निकले। सूचना पर प्रेमनगर समेत आसपास के कई थानों की फोर्स पहुंची। पुलिस ने बानखाना के ही नौशाद और जावेद समेत घोसी बस्ती के तीन युवकों को पकड़ लिया। बताया जाता है कि इस दौरान दर्जन भर राउंड से ज्यादा फायर भी हुए।