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फर्जी कागजात से करा लिया बैनामा, बेटा-बहू समेत चार पर मुकदमा
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बरेली। फर्जी कागजात तैयार करके बैनामा कराने के मामले में मां की शिकायत पर कोर्ट ने बेटा-बहू समेत चार को तलब किया है। मामला अपर सिविल जज की अदालत का है।
बारादरी में कांकरटोला निवासी रहमत ने वकील अमजद सलीम के जरिए कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि वह 80 साल की वृद्धा और विधवा है। अगस्त 1965 में उसने एक मकान देवी बाई से खरीदा था जो करीब 400 गज का था। 255 गज का एक अन्य मकान 1970 में विशनदास से खरीदा था। 2013 में उसने देवी बाई से खरीदे मकान का हिबानामा सभी बेटी-बेटों के सामने मोहम्मद अफरोज नाम के बेटे को कर दिया। यह बात उसके बड़े बेटे मोहम्मद इदरीश को पसंद नहीं थी। रहमत का आरोप है कि वर्ष 2017 में इदरीस ने उसको धोखा देकर देवी बाई से खरीदे मकान के कुछ हिस्से का रजिस्टर्ड हिबानामा अपने नाम करा लिया। उन्हें इसकी जानकारी हुई तो हिबानामा खारिज कराने के बहाने इदरीश उन्हें अपने घर ले गया । फिर तीन मई 2018 को रजिस्ट्री आफिस ले जाकर पहले से तैयार कुछ कागजात पर अंगूठे लगवा लिए। यह काम इतनी जल्दी हुआ कि साथ मौजूद दूसरा बेटा रईस वे कागज नहीं पढ़ सका। इसके बाद बेटे इदरीश और बहू फरजाना ने उन्हें अपने घर पर रोक लिया। वहां 15 दिन रहने के दौरान तबियत खराब रहने के साथ ही नशा रहने लगा। एक दिन उन्होंने सुना कि इदरीश और उसकी पत्नी बात कर रहे थे कि अम्मा का काम तमाम होने में 10-12 दिन और लगेंगे। इसके बाद वह अपने घर पहुंची और अन्य चारों लड़कों को सारी बात बताई। रजिस्ट्री ऑफिस में देखा तो पता लगा कि इदरीश ने फर्जी कागजात तैयार कराकर उनके मकान का बैनामा सौराब खां और इम्तियाज खां के नाम दस लाख रुपये में करा दिया है जबकि यह जायदाद एक करोड़ की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की तो उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने अभियुक्त इदरीस खां, फरजाना, इम्तियाज हुसैन और सौराब खां को धोखा धड़ी के आरोप में तलब कर 23 अक्तूबर को हाजिर होने का आदेश दिया है।
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बारादरी में कांकरटोला निवासी रहमत ने वकील अमजद सलीम के जरिए कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि वह 80 साल की वृद्धा और विधवा है। अगस्त 1965 में उसने एक मकान देवी बाई से खरीदा था जो करीब 400 गज का था। 255 गज का एक अन्य मकान 1970 में विशनदास से खरीदा था। 2013 में उसने देवी बाई से खरीदे मकान का हिबानामा सभी बेटी-बेटों के सामने मोहम्मद अफरोज नाम के बेटे को कर दिया। यह बात उसके बड़े बेटे मोहम्मद इदरीश को पसंद नहीं थी। रहमत का आरोप है कि वर्ष 2017 में इदरीस ने उसको धोखा देकर देवी बाई से खरीदे मकान के कुछ हिस्से का रजिस्टर्ड हिबानामा अपने नाम करा लिया। उन्हें इसकी जानकारी हुई तो हिबानामा खारिज कराने के बहाने इदरीश उन्हें अपने घर ले गया । फिर तीन मई 2018 को रजिस्ट्री आफिस ले जाकर पहले से तैयार कुछ कागजात पर अंगूठे लगवा लिए। यह काम इतनी जल्दी हुआ कि साथ मौजूद दूसरा बेटा रईस वे कागज नहीं पढ़ सका। इसके बाद बेटे इदरीश और बहू फरजाना ने उन्हें अपने घर पर रोक लिया। वहां 15 दिन रहने के दौरान तबियत खराब रहने के साथ ही नशा रहने लगा। एक दिन उन्होंने सुना कि इदरीश और उसकी पत्नी बात कर रहे थे कि अम्मा का काम तमाम होने में 10-12 दिन और लगेंगे। इसके बाद वह अपने घर पहुंची और अन्य चारों लड़कों को सारी बात बताई। रजिस्ट्री ऑफिस में देखा तो पता लगा कि इदरीश ने फर्जी कागजात तैयार कराकर उनके मकान का बैनामा सौराब खां और इम्तियाज खां के नाम दस लाख रुपये में करा दिया है जबकि यह जायदाद एक करोड़ की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की तो उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने अभियुक्त इदरीस खां, फरजाना, इम्तियाज हुसैन और सौराब खां को धोखा धड़ी के आरोप में तलब कर 23 अक्तूबर को हाजिर होने का आदेश दिया है।
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