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‘विभीषण’ के शिकार बने चिन्मयानंद और संजय
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शाहजहांपुर। छात्रा के गंभीर आरोपों से घिरे स्वामी चिन्मयानंद की मुश्किलें, उन्हीं लोगों ने बढ़ा दीं। रंगदारी मामले में कुछ लोग आरोपियों की घेरेबंदी करने गए थे, लेकिन वे उन्हीं के साथ हो लिए। दूसरी ओर छात्रा के दोस्तों के बीच एक सदस्य भी स्वामी के पक्ष में हो गया। उसी ने बनाई ली गाड़ी में बातचीत की वीडियो।
बताते हैं कि स्वामी के अश्लील वीडियो छात्रा के दोस्त संजय के हाथ लगे तो उसके दिमाग में स्वामी से रंगदारी मांगने का आइडिया आ गया। बात पांच करोड़ से शुरू हुई तो स्वामी ने अपने ही कुछ खास लोगों को संजय को मनाने के लिए लगाया। लेकिन वह रुपये कम नहीं कर रहा था। जैसे-तैसे बात एक करोड़ तक आई और फिर 25 लाख पर आकर अटक गई। यहां पर स्वामी के खासमखास बन रहे कुछ लोगों ने टांग अड़ाई और इससे भी कम में मामला निपटा देेने का आश्वासन दे दिया। लेकिन वे अपना काम न कर पाए। इधर मामले में जब देरी हुई तो छात्रा ने स्वामी पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर दिया और दोस्त के संघ दिल्ली पहुंच गई। लेकिन अब तक छात्रा के दोस्तों में शामिल एक सदस्य स्वामी के पक्ष में हो चुका था। बताते हैं कि छात्रा और उसके दोस्त जब दिल्ली से राजस्थान जा रहे थे, तभी सोची समझी रणनीति के तहत स्वामी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का जिक्र छेड़ दिया गया। गाड़ी में मौजूद छात्रा और उसके दोस्त एक दूसरे को यह दोष देने में लग गए कि मेसेज भेजने की क्या जरूरत थी। इन सब बातों का वीडियो बनता रहा। ताकि समय आने पर इस वीडियो को सामने लाकर रंगदारी मांगने वालों को दबाव में लिया जा सके। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
छात्रा के लापता होने पर पिता के तहरीर देने के साथ मामला हाईलाइट हो गया। मामला उलझ चुका था। एसआईटी की जांच के दौरान जब दोनों पक्षों को यह लगा कि अब फंसने वाले हैं तो जहां स्वामी का तेल मालिश वाला वीडियो वायरल कर दिया गया। वहीं एक गाड़ी में बैठकर छात्रा और उसके दोस्तों का पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने वाला वीडियो भी वायरल कर दिया गया। दोनों पक्ष की ओर से वीडियो सामने आ जाने से एसआईटी की जांच ने तेजी पकड़ ली और स्वामी पर शिकंजा कसता चला गया। वहीं रंगदारी मामले में संजय, विक्रम, सचिन सेंगर, सोनू की मुश्किलें भी कम नहीं हुईं हैं।
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बताते हैं कि स्वामी के अश्लील वीडियो छात्रा के दोस्त संजय के हाथ लगे तो उसके दिमाग में स्वामी से रंगदारी मांगने का आइडिया आ गया। बात पांच करोड़ से शुरू हुई तो स्वामी ने अपने ही कुछ खास लोगों को संजय को मनाने के लिए लगाया। लेकिन वह रुपये कम नहीं कर रहा था। जैसे-तैसे बात एक करोड़ तक आई और फिर 25 लाख पर आकर अटक गई। यहां पर स्वामी के खासमखास बन रहे कुछ लोगों ने टांग अड़ाई और इससे भी कम में मामला निपटा देेने का आश्वासन दे दिया। लेकिन वे अपना काम न कर पाए। इधर मामले में जब देरी हुई तो छात्रा ने स्वामी पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर दिया और दोस्त के संघ दिल्ली पहुंच गई। लेकिन अब तक छात्रा के दोस्तों में शामिल एक सदस्य स्वामी के पक्ष में हो चुका था। बताते हैं कि छात्रा और उसके दोस्त जब दिल्ली से राजस्थान जा रहे थे, तभी सोची समझी रणनीति के तहत स्वामी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का जिक्र छेड़ दिया गया। गाड़ी में मौजूद छात्रा और उसके दोस्त एक दूसरे को यह दोष देने में लग गए कि मेसेज भेजने की क्या जरूरत थी। इन सब बातों का वीडियो बनता रहा। ताकि समय आने पर इस वीडियो को सामने लाकर रंगदारी मांगने वालों को दबाव में लिया जा सके। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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छात्रा के लापता होने पर पिता के तहरीर देने के साथ मामला हाईलाइट हो गया। मामला उलझ चुका था। एसआईटी की जांच के दौरान जब दोनों पक्षों को यह लगा कि अब फंसने वाले हैं तो जहां स्वामी का तेल मालिश वाला वीडियो वायरल कर दिया गया। वहीं एक गाड़ी में बैठकर छात्रा और उसके दोस्तों का पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने वाला वीडियो भी वायरल कर दिया गया। दोनों पक्ष की ओर से वीडियो सामने आ जाने से एसआईटी की जांच ने तेजी पकड़ ली और स्वामी पर शिकंजा कसता चला गया। वहीं रंगदारी मामले में संजय, विक्रम, सचिन सेंगर, सोनू की मुश्किलें भी कम नहीं हुईं हैं।
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