{"_id":"5d77fb238ebc3e93d228f71c","slug":"crime-bareilly-news-bly375708849","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस टीम पर हमला, दरोगा और सिपाही घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस टीम पर हमला, दरोगा और सिपाही घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दातागंज (बदायूं)। मारपीट के आरोपियों को पकड़ने सोमवार रात रुंद सुकटिया गांव पहुंची हजरतपुर थाने की पुलिस टीम पर हमला किया गया। दरोगा और एक सिपाही को आरोपियों ने घर में घेरकर पीटा। यह देख बाकी साथी पुलिसकर्मी मौके से भाग खड़े हुए। हालांकि दरोगा ने मुख्य आरोपी को दबोच लिया और बाद में थाने से फोर्स पहुंचने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पांच लोगों पर पुलिस कर्मियों पर हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम असफपुर में बन रही सीसी रोड के लिए दातागंज कस्बे के वार्ड नंबर एक का निवासी महेश अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली से सीमेंट की बोरियां लेकर गया था। बोरियां उतारे जाते समय उधर से बाइक से गुजरे पड़ोसी गांव रूंद सुकटिया के रानू और सुकला से रास्ते में ट्रॉली खड़ी होने को लेकर झगड़ा हो गया था। विरोध करने उन दोनों ने महेश को पीट दिया था। महेश की एफआईआर पर दरोगा अनिल कुमार राना सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस टीम लेकर रानू को गिरफ्तार करने पहुंचे। रानू के परिवार के लोगों ने पुलिस कर्मियों को घर में ही घेर लिया और पीटना शुरू कर दिया। दरोगा और सिपाही मनीष कुुमार बुरी तरह घायल हो गए।
मौके से बचाकर भागे पुलिस कर्मियों ने थाने को सूचना दी। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तब तक बाकी आरोपी तो मौके से भाग गए लेकिन मुख्य आरोपी रानू को दरोगा ने दबोच लिया था। पुलिस रानू को गिरफ्तार करके थाने ले गई। रात में ही घायल पुलिस कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस हमले में पुलिस की ओर से रानू, मनी, कुलदीप, नीलेश और जंगपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने रानू को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
सादा कपड़ों में पहुंचे थे, हमले के बाद आक्रामक हुई पुलिस
बदायूं। दरोगा और एक सिपाही के पिटने के बाद पुलिस भी आक्रामक हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घर में रखा सामान चारपाई, टीवी और अन्य सामान तोड़ डाला, जो मिला उसकी पिटाई लगा दी।
गिरफ्तार हुए रानू के परिवार वालों का आरोप है कि सभी पुलिस कर्मी सादी कपड़ों में थे। बोले, हमें क्या पता कि पुलिस आई है या बदमाश। जंगपाल की बेटी पूनम का आरोप है कि पुलिस ने घर में रखी चारपाई, फ्रिज, टीवी तक तोड़ डालीं। उनके मवेशियों को पीटा, जो मिल गया उसे भी पीटा। पुलिस को देखकर एक कुत्ता भौंक रहा था। उसके एक ऐसा डंडा मारा कि कुत्ता वहीं मर गया। महिलाओं ने घर में रखे जेवर और 40 हजार रुपये लूटने का भी आरोप लगाया है।
हिस्ट्रीशीटर है जंगपाल, दर्ज हैं 21 मुकदमे
रानू का पिता जंगपाल हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ लूट, डकैती, चोरी, हत्या के प्रयास और पुलिस मुठभेड़ के करीब 21 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रानू के खिलाफ भी लूट, हत्या का प्रयास, अवैध शस्त्र और गैंगस्टर समेत करीब नौ मामले दर्ज हैं।
मौके से भागे सिपाहियों पर होगी कार्रवाई
रूंद सुकटिया गांव में हमले के दौरान मौके से भागे सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। दातागंज सीओ एसके सिंह ने बताया कि मौके से जो सिपाही भागे थे। उनके नाम समेत पूरी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। सिपाहियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम असफपुर में बन रही सीसी रोड के लिए दातागंज कस्बे के वार्ड नंबर एक का निवासी महेश अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली से सीमेंट की बोरियां लेकर गया था। बोरियां उतारे जाते समय उधर से बाइक से गुजरे पड़ोसी गांव रूंद सुकटिया के रानू और सुकला से रास्ते में ट्रॉली खड़ी होने को लेकर झगड़ा हो गया था। विरोध करने उन दोनों ने महेश को पीट दिया था। महेश की एफआईआर पर दरोगा अनिल कुमार राना सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस टीम लेकर रानू को गिरफ्तार करने पहुंचे। रानू के परिवार के लोगों ने पुलिस कर्मियों को घर में ही घेर लिया और पीटना शुरू कर दिया। दरोगा और सिपाही मनीष कुुमार बुरी तरह घायल हो गए।
विज्ञापन
मौके से बचाकर भागे पुलिस कर्मियों ने थाने को सूचना दी। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तब तक बाकी आरोपी तो मौके से भाग गए लेकिन मुख्य आरोपी रानू को दरोगा ने दबोच लिया था। पुलिस रानू को गिरफ्तार करके थाने ले गई। रात में ही घायल पुलिस कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस हमले में पुलिस की ओर से रानू, मनी, कुलदीप, नीलेश और जंगपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने रानू को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
सादा कपड़ों में पहुंचे थे, हमले के बाद आक्रामक हुई पुलिस
बदायूं। दरोगा और एक सिपाही के पिटने के बाद पुलिस भी आक्रामक हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घर में रखा सामान चारपाई, टीवी और अन्य सामान तोड़ डाला, जो मिला उसकी पिटाई लगा दी।
गिरफ्तार हुए रानू के परिवार वालों का आरोप है कि सभी पुलिस कर्मी सादी कपड़ों में थे। बोले, हमें क्या पता कि पुलिस आई है या बदमाश। जंगपाल की बेटी पूनम का आरोप है कि पुलिस ने घर में रखी चारपाई, फ्रिज, टीवी तक तोड़ डालीं। उनके मवेशियों को पीटा, जो मिल गया उसे भी पीटा। पुलिस को देखकर एक कुत्ता भौंक रहा था। उसके एक ऐसा डंडा मारा कि कुत्ता वहीं मर गया। महिलाओं ने घर में रखे जेवर और 40 हजार रुपये लूटने का भी आरोप लगाया है।
हिस्ट्रीशीटर है जंगपाल, दर्ज हैं 21 मुकदमे
रानू का पिता जंगपाल हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ लूट, डकैती, चोरी, हत्या के प्रयास और पुलिस मुठभेड़ के करीब 21 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रानू के खिलाफ भी लूट, हत्या का प्रयास, अवैध शस्त्र और गैंगस्टर समेत करीब नौ मामले दर्ज हैं।
मौके से भागे सिपाहियों पर होगी कार्रवाई
रूंद सुकटिया गांव में हमले के दौरान मौके से भागे सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। दातागंज सीओ एसके सिंह ने बताया कि मौके से जो सिपाही भागे थे। उनके नाम समेत पूरी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। सिपाहियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकती है।