नशे में बेकाबू सेना के जवानों ने चौकी इंचार्ज पर तानी पिस्टल, इंस्पेक्टर के सिर में बट मारी
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छुट्टी पर आए सेना के दो जवान देर रात शराब के नशे में जंक्शन के पास बेकाबू हो गए। आपस में गालीगलौज और हंगामा करने पर पुलिस ने उन्हें टोका तो उन्होंने अपनी-अपनी पिस्टल निकालकर स्टेशन चौकी इंचार्ज और सिपाहियों पर तान दी और उन्हें गोली मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। चौकी पुलिस की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर को सिर पर पिस्टल की बट मारकर घायल कर दिया। इस घटना से पुलिस चौकी के पास भगदड़ मच गई। पुलिस ने बमुश्किल दोनों को काबू में किया जिसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। अफसरों के निर्देश पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
स्टेशन चौकी प्रभारी सिद्धांत शर्मा रात करीब 12 बजे दो सिपाहियों के साथ चौकी पर बैठे थे। इसी बीच कार एजेंसी के सामने नशे की हालत में दो लोग झगड़ा करते दिखे। पुलिस मौके पर पहुंची तो ये लोग पुलिस वालों से ही उलझ गए। चौकी प्रभारी ने इन्हें समझाने की कोशिश की तो वे और बिगड़ गए। दोनों ने अपनी कमर में लगी पिस्टल निकालकर चौकी इंचार्ज और सिपाहियों पर तान दी और धमकाते हुए कहा कि वे लोग दुश्मनों को गोली मारने में जरा भी देर नहीं करते। चौकी स्टाफ की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने उन्हें काबू में करने की कोशिश की तो जवानों ने उन पर भी हमला कर दिया। सिर पर पिस्टल की बट मारने से वह घायल हो गए। किसी तरह सिपाहियों ने दोनों को कब्जे में लेकर जीप में बैठाया और फिर जिला अस्पताल लाए। वहां मेडिकल परीक्षण में दोनों के शरीर में अल्कोहल की पुष्टि हुई।
पूछताछ में पता लगा कि दोनों सैन्यकर्मी और कैंट की रामेश्वर धाम कॉलोनी में रहते हैं। इनमें से एक सचिन जोधपुर तो दूसरा राजीव कुपवाड़ा में तैनात है। दोनों ही छुट्टी पर घर आए हुए थे। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस की तरफ से दोनों आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर मारपीट हंगामा करने, पुलिस टीम पर हमला और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में रिपोर्ट लिखी जा रही है। उच्चाधिकारियों के जरिये सेना को भी इस बारे में सूचित किया जाएगा।
छुड़ाने आई भीड़ को खदेड़ा
स्टेशन पर नशे में बवाल के आरोपी दोनों सैन्यकर्मी कोतवाली और जिला अस्पताल पहुंचते ही सहम गए। इनका नशा काफूर हुआ तो वे पुलिस और डॉक्टरों से हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। जब उन्हें कोतवाली लाया गया तो तमाम लोगों की भीड़ उन्हें छुड़ाने पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया।