फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   crime

अधिवक्ता ने घर में खुद को गोली मारकर जान दी

Thu, 05 Sep 2019 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2019 02:22 AM IST
विज्ञापन
crime
बरेली। सुभाषनगर थाने के मढ़ीनाथ स्थित घर में वरिष्ठ अधिवक्ता शरद यादव ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिवार की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिवार के मुताबिक अधिवक्ता कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थे, डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था। वजह को लेकर पड़ोसियों और कुनबे ने चुप्पी साध रखी थी।
विज्ञापन

यादव गली के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े 42 वर्षीय शरद यादव ने मंगलवार रात दो बजे अपने कमरे में ही आत्महत्या कर ली। उन्होंने फोल्डिंग चारपाई पर बैठकर एकनाली लाइसेंसी बंदूक से अपने माथे में गोली मारी। इससे उनका भेजा उड़ गया और पूरे कमरे में खून व मांस छितर गया। आवाज सुनकर बराबर के कमरे से पत्नी रूमा और दोनों बेटियां भागकर आईं। पड़ोसियों को बुलाया पर तब तक शरद की मौत हो चुकी थी। पत्नी ने ही पुलिस और यूपी 100 को कॉल करके सूचना दी। रात में ही इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी, मढ़ीनाथ चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे और शव को सील कराया। बंदूक भी कब्जे में ले ली गई। पत्नी की ओर से एक लिखित सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह सिर फटना और अत्यधिक खून बहना पाया गया। शव की देर शाम अंत्येष्टि कर दी गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि डिप्रेशन में ही आत्महत्या की बात पता लगी है, पारिवारिक कलह या किसी अन्य बात की पुष्टि नहीं हुई।
विज्ञापन


बीस करोड़ से ज्यादा की है संपत्ति
शरद यादव मढ़ीनाथ की यादव गली के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े थे। परिवार की मढ़ीनाथ के आसपास महंगी कृषि भूमि, फार्म हाउस और कई मकान हैं। शरद अपने पिता के अकेले बेटे थे और उनकी इकलौती बहन वर्षा भी सुभाष नगर क्षेत्र में ही ब्याही हैं जिनके पति सेना में अधिकारी हैं। इतना संपन्न होने के बाद उन्होंने आत्महत्या क्यों की? इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। शरद के तहेरे भाई शिक्षक नेता ज्ञान यादव ने बताया कि तंगी की वजह से आत्महत्या का कोई मामला नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि शरद फौजदारी के पुराने वकीलों में शामिल थे और शौक के लिए ही वकालत करते थे। बार की राजनीति में उनका दखल था और कई बार पदाधिकारी भी रह चुके थे। उनके चचेरे तहेरे भाई सेना, पुलिस और अन्य विभागों में अच्छे पदों पर तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिता के नाम ही थी बंदूक, सीज
शरद के पिता सूरजपाल यादव सीबीगंज इंटर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य पद से रिटायर होने के बाद पार्षद का चुनाव भी लड़े थे। करीब चार साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। बता दें कि लाइसेंसी बंदूक अभी तक पिता के ही नाम थी। पुलिस को ये बात पता लगी तो बंदूक सीज कर दी गई। हालांकि अभी तक इसे क्यों जब्त नहीं किया गया? इस सवाल का जवाब पुलिस के पास भी नहीं था। परिवार के मुताबिक शरद ने बंदूक अपने नाम ट्रांसफर कराने को आवेदन किया जो स्वीकृत नहीं हो सका था।

परिवार ने मीडिया से दूरी बनाई
अधिवक्ता के परिवार ने मीडिया से काफी दूरी बना रखी थी। परिवार में पत्नी के अलावा शरद की मां हैं जो शारीरिक रूप से अक्षम सी हैं। दो बेटियां 11 साल की गौरी और चार साल की हिता हैं। कटघर से शरद के साले अभिषेक भी बहन के घर आ गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन की हालत अच्छी नहीं है। पति की इस तरह मौत से वो गहरे सदमे में हैं, इसलिए उनसे बात न की जाए। कहा कि बहनोई डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे, इसी वजह से उन्होंने जान दे दी।


इसी गली में हुई परिवार के पांच लोगों की मौत
दस साल में इसी गली के लगभग एक ही परिवार से जुड़े पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चार मामले आत्महत्या तो एक हत्या के हैं। दस साल पहले शरद की एक चाची ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। आठ साल पहले एक चाचा ने इसी तरीके से मौत चुन ली। पांच साल पहले उन्हीं चाचा के बेटे की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी। शरद के रिश्ते के एक भाई ने प्रेम विवाह किया था। पारिवारिक रंजिश में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब शरद की आत्महत्या ने परिवार को एक और सदमा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed